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पत्नी के हत्यारे को आजीवन कारावास
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बहराइच। रुपईडीहा थाना क्षेत्र के दहेज उत्पीड़न व पत्नी की हत्या के मामले मेें अभियुक्त पति को बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम ने दोषी ठहराया। न्यायाधीश ने गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
एडीजीसी फीराजे अहमद खां ने बताया कि थाना रुपईडीहा के मोहल्ला सलारपुर निवासी जिलाजीत उर्फ शफीकुर्रहमान का विवाह नानपारा निवासी शन्नो से हुआ था। विवाह के बाद पति ने बाइक की मांग को लेकर पत्नी का उत्पीड़न शुरू कर दिया। सात जून 2014 को पति ने गला दबाकर पत्नी की हत्या कर दी। आठ जून को रुपईडीहा थाने में तहरीर दी गई मगर पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की।
इसके बाद 20 जून 2014 को न्यायालय के आदेश पर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम नितिन पांडेय ने मामले की सुनवाई करते हुए गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त जिलाजीत उर्फ शफीकुर्रहमान पर पत्नी की हत्या के मामले मेेें दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने अभियुक्त को 20 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थदंड अदा न कर पाने की स्थिति मेें अभियुक्त को एक वर्ष अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
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एडीजीसी फीराजे अहमद खां ने बताया कि थाना रुपईडीहा के मोहल्ला सलारपुर निवासी जिलाजीत उर्फ शफीकुर्रहमान का विवाह नानपारा निवासी शन्नो से हुआ था। विवाह के बाद पति ने बाइक की मांग को लेकर पत्नी का उत्पीड़न शुरू कर दिया। सात जून 2014 को पति ने गला दबाकर पत्नी की हत्या कर दी। आठ जून को रुपईडीहा थाने में तहरीर दी गई मगर पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की।
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इसके बाद 20 जून 2014 को न्यायालय के आदेश पर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम नितिन पांडेय ने मामले की सुनवाई करते हुए गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त जिलाजीत उर्फ शफीकुर्रहमान पर पत्नी की हत्या के मामले मेेें दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने अभियुक्त को 20 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थदंड अदा न कर पाने की स्थिति मेें अभियुक्त को एक वर्ष अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
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