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बिना सप्लाई ही वसूल रहे वाटर टैक्स
अमर उजाला/बहराइच
Updated Thu, 20 Apr 2017 10:52 PM IST
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स्थापित पानी टंकी
- फोटो : अमर उजाला
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रिसिया नगर में 86 लाख रुपये की लागत से पानी टंकी का निर्माण पेयजल योजना के तहत कराया गया था। इसके लिए 11 वार्डों में पाइप लाइन बिछाकर सप्लाई शुरू की गई। लेकिन कुछ समय बाद ही पाइप लाइन में कई जगह लीकेज हो गया, इससे वाटर सप्लाई ठप हो गई। लेकिन बिना पेयजल आपूर्ति के ही नगर पंचायत प्रशासन पेयजल आपूर्ति का टैक्स वसूल रहा है। नगरवासियों ने मामले की निकाय प्रशासन से शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इससे लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
रिसिया नगर पंचायत में वर्ष 1986 में पूर्व सांसद पंडित लक्ष्मीमणि त्रिपाठी के प्रयास से पानी टंकी का निर्माण कराया गया था। केंद्र सरकार ने पेयजल योजना के तहत पानी टंकी के निर्माण को स्वीकृति दी थी। 86 लाख रुपये की लागत से वर्ष 1988 में पानी टंकी का निर्माण हो सका। इसके बाद पानी टंकी को नगर पंचायत प्रशासन के सुपुर्द कर दिया गया।
इस पानी टंकी से नगर पंचायत के 11 वार्डों में पाइप लाइन बिछाकर पानी सप्लाई शुरू की गई। वर्ष 2006-07 में कई जगह पाइप कटने से पानी सप्लाई बंद कर दी गई। इसकी शिकायत नगरवासियों ने निकाय प्रशासन से की, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। जिससे चौक-चौराहों पर लगी टोटियों के साथ लोगों के घरों में आ रही सप्लाई से एक बूंद पानी नहीं आ रहा है। वहीं पानी सप्लाई तो नगरवासियों को मिल नहीं रही, लेकिन पेयजल के लिए वाटर टैक्स की वसूली निकाय प्रशासन प्रति माह कर रहा है।
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रिसिया नगर निवासी सुधीश मित्तल, श्रवण मित्तल, राजेश ओझा, सरोज शर्मा, राकेश मित्तल, सचिन साहू, सभासद मंगल प्रसाद आदि ने बताया कि बिना पानी सप्लाई के ही निकाय प्रशासन टैक्स की वसूली कर रहा है, यह निदंनीय है। सभी ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर पानी की सप्लाई शुरू कराने की मांग की है। इस बारे में नगर पंचायत के प्रधान लिपिक राजेश श्रीवास्तव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि लीकेज होने के कारण सप्लाई बंद पड़ी है। लीकेज सही होते ही पानी सप्लाई शुरू की जाएगी। वहीं, वाटर टैक्स वसूली पर वह कुछ नहीं बोले।
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रिसिया नगर पंचायत में वर्ष 1986 में पूर्व सांसद पंडित लक्ष्मीमणि त्रिपाठी के प्रयास से पानी टंकी का निर्माण कराया गया था। केंद्र सरकार ने पेयजल योजना के तहत पानी टंकी के निर्माण को स्वीकृति दी थी। 86 लाख रुपये की लागत से वर्ष 1988 में पानी टंकी का निर्माण हो सका। इसके बाद पानी टंकी को नगर पंचायत प्रशासन के सुपुर्द कर दिया गया।
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इस पानी टंकी से नगर पंचायत के 11 वार्डों में पाइप लाइन बिछाकर पानी सप्लाई शुरू की गई। वर्ष 2006-07 में कई जगह पाइप कटने से पानी सप्लाई बंद कर दी गई। इसकी शिकायत नगरवासियों ने निकाय प्रशासन से की, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। जिससे चौक-चौराहों पर लगी टोटियों के साथ लोगों के घरों में आ रही सप्लाई से एक बूंद पानी नहीं आ रहा है। वहीं पानी सप्लाई तो नगरवासियों को मिल नहीं रही, लेकिन पेयजल के लिए वाटर टैक्स की वसूली निकाय प्रशासन प्रति माह कर रहा है।
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रिसिया नगर निवासी सुधीश मित्तल, श्रवण मित्तल, राजेश ओझा, सरोज शर्मा, राकेश मित्तल, सचिन साहू, सभासद मंगल प्रसाद आदि ने बताया कि बिना पानी सप्लाई के ही निकाय प्रशासन टैक्स की वसूली कर रहा है, यह निदंनीय है। सभी ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर पानी की सप्लाई शुरू कराने की मांग की है। इस बारे में नगर पंचायत के प्रधान लिपिक राजेश श्रीवास्तव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि लीकेज होने के कारण सप्लाई बंद पड़ी है। लीकेज सही होते ही पानी सप्लाई शुरू की जाएगी। वहीं, वाटर टैक्स वसूली पर वह कुछ नहीं बोले।