{"_id":"5f0c92678ebc3e63c232a226","slug":"water-filled-in-homes-lives-are-being-cut-on-scaffolding-bahraich-news-lko5305955186","type":"story","status":"publish","title_hn":"घरों में भरा पानी, मचान पर काट रहे जिंदगानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घरों में भरा पानी, मचान पर काट रहे जिंदगानी
विज्ञापन
महसी के सिलौटा में बाढ़ के बाद मचान बनाकर बैठे ग्रामीण।
- फोटो : BAHRAICH
महसी (बहराइच)। महसी तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी का जलस्तर स्थिर हो गया है, लेकिन बाढ़ की समस्या से लोगों को अभी तक निजात नहीं मिली है। क्षेत्र के 24 गांवों में पानी भरा हुआ है। घरों में पानी भरने से लोग मचान बनाकर उस पर रहने को विवश हैं। यहां लोगों के खाना बनाने के साथ ही पानी पीने तक की व्यवस्था नहीं है। बाढ़ के चलते ग्रामीणों में त्राहि-त्राहि मची हुई है। सोमवार को एसडीएम ने पीड़ितों को तिरपाल व खाद्यान्न वितरित किया।
महसी तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी का जलस्तर स्थिर हो गया है, लेकिन बाढ़ से अभी तक लोगों को निजात नहीं मिली है। तहसील क्षेत्र के सिलौैटा, तारापुरवा, छत्तरपुरवा, मांझा दरिया बुर्द, रामदहिनपुरवा, जंगलपुरवा, पंडितपुरवा, जोगापुरवा, रानीबाग, जोगलापुरवा, तारापुरवा समेत 24 गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुस गया है। घरों में पानी घुसने से लोगों के सामने समस्या उत्पन्न हो गई है। ग्रामीण मचान बनाकर किसी तरह गुजर बसर कर रहे हैं।
लेकिन खाना बनाने से लेकर पीने के पानी की समस्या लोगों के सामने बनी हुई है। इंडिया मार्का हैंडपंप व घरों में लगे हैंडपंप बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। बाढ़ से मजबूर ग्रामीण एक किलोमीटर की दूरी तय कर पानी पीने के लिए ला रहे हैं। लेकिन प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को मदद नहीं मिल सकी है। बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए सोमवार को उपजिलाधिकारी एसएन त्रिपाठी ने ग्राम पंचायत जैतापुर के तारापुरवा, जोगलापुरवा, रानीबाग, सिलौटा, जोगापुरवा, गोलागंज व टिकुरी का निरीक्षण किया। पीड़ित परिवारों को तिरपाल व खाद्यान्न उपलब्ध कराया है।
विज्ञापन
छप्पर व मकान पर बैठे सांप
बाढ़ में बहकर आए जीव जंतु भी ग्रामीणों के लिए सबब बने हुए हैं। जहरीले जीव-जंतु बचने के लिए ग्रामीणों के छप्पर व मकान का सहारा ले रहे हैं। वे ग्रामीणों के मकान व छप्पर पर चिपक गए हैं। इन्हें देखकर ग्रामीण भी भयभीत हो रहे हैं।
अभी तक ग्रामीणों को नहीं मिले लंच पैकेट
जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ से पूर्व बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया था। जगह-जगह राजस्वकर्मियों की तैनाती भी कर दी गई। महसी तहसील के 24 गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। ग्रामीण खाना से लेकर पानी तक को मोहताज हैं। लेकिन तहसील प्रशासन की ओर से अभी तक पीड़ितों को लंच पैकेट भी नहीं दिया गया है। जिससे कई ग्रामीण दो से तीन दिनों बिना खाना खाये समय काट रहे हैं।
महसी में घाघरा नदी का जलस्तर
घाघरा का वर्तमान जलस्तर- 111.950 सेंटीमीटर
खतरे का निशान- 113.50 सेंटीमीटर
विज्ञापन
महसी तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी का जलस्तर स्थिर हो गया है, लेकिन बाढ़ से अभी तक लोगों को निजात नहीं मिली है। तहसील क्षेत्र के सिलौैटा, तारापुरवा, छत्तरपुरवा, मांझा दरिया बुर्द, रामदहिनपुरवा, जंगलपुरवा, पंडितपुरवा, जोगापुरवा, रानीबाग, जोगलापुरवा, तारापुरवा समेत 24 गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुस गया है। घरों में पानी घुसने से लोगों के सामने समस्या उत्पन्न हो गई है। ग्रामीण मचान बनाकर किसी तरह गुजर बसर कर रहे हैं।
विज्ञापन
लेकिन खाना बनाने से लेकर पीने के पानी की समस्या लोगों के सामने बनी हुई है। इंडिया मार्का हैंडपंप व घरों में लगे हैंडपंप बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। बाढ़ से मजबूर ग्रामीण एक किलोमीटर की दूरी तय कर पानी पीने के लिए ला रहे हैं। लेकिन प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को मदद नहीं मिल सकी है। बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए सोमवार को उपजिलाधिकारी एसएन त्रिपाठी ने ग्राम पंचायत जैतापुर के तारापुरवा, जोगलापुरवा, रानीबाग, सिलौटा, जोगापुरवा, गोलागंज व टिकुरी का निरीक्षण किया। पीड़ित परिवारों को तिरपाल व खाद्यान्न उपलब्ध कराया है।
विज्ञापन
छप्पर व मकान पर बैठे सांप
बाढ़ में बहकर आए जीव जंतु भी ग्रामीणों के लिए सबब बने हुए हैं। जहरीले जीव-जंतु बचने के लिए ग्रामीणों के छप्पर व मकान का सहारा ले रहे हैं। वे ग्रामीणों के मकान व छप्पर पर चिपक गए हैं। इन्हें देखकर ग्रामीण भी भयभीत हो रहे हैं।
अभी तक ग्रामीणों को नहीं मिले लंच पैकेट
जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ से पूर्व बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया था। जगह-जगह राजस्वकर्मियों की तैनाती भी कर दी गई। महसी तहसील के 24 गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। ग्रामीण खाना से लेकर पानी तक को मोहताज हैं। लेकिन तहसील प्रशासन की ओर से अभी तक पीड़ितों को लंच पैकेट भी नहीं दिया गया है। जिससे कई ग्रामीण दो से तीन दिनों बिना खाना खाये समय काट रहे हैं।
महसी में घाघरा नदी का जलस्तर
घाघरा का वर्तमान जलस्तर- 111.950 सेंटीमीटर
खतरे का निशान- 113.50 सेंटीमीटर