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अग्निकांड में तबाह हुए ग्रामीण भूख हड़ताल पर
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Sun, 14 Feb 2016 10:59 PM IST
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करीब एक करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ था। लेकिन प्रशासन ने अभी तक ग्रामीणों को आर्थिक सहायता उपलब्ध नहीं कराई है। इससे ग्रामीण ठंड में ग्रामीण खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। घटना को लेकर रविवार को ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने गांव में ही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
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जरवल विकासखंड के नासिरगंज बरवलिया घाट में एक सप्ताह पूर्व आग लगने से पूरा गांव जलकर राख हो गया था। तभी से ग्रामीण खुले आसमान के नीचे रह रहे हैं। लेकिन प्रशासन ने न तो अभी तक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है और न ही किसी को आवास दिया है।
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इससे नाराज पीड़ितों ने रविवार से समाजसेवी पृथ्वीराज गौतम के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। भूख हड़ताल की शुरुआत वरिष्ठ समाजसेवी व भाजपा नेता प्रमोद कुमार गुप्ता, कमलेश त्रिपाठी ने अनशनकारियों को माला पहना कर की।
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50 लोग भूख हड़ताल पर बैठे
मांगों को लेकर समाजसेवी पृथ्वीराज गुप्ता, बच्चाराम यादव, मंशाराम, बच्चाराम चौहान, रामतेज समेत करीब 50 ग्रामीण भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। इनका कहना है कि जब तक प्रशासन मांगों को पूरा नहीं करेगा, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद इस्लाम, मंगल यादव, रमेश यादव, रामसिंह यादव आदि मौजूद रहे।
पीड़ितों की ये हैं मांगें
पीड़ितों ने मांग की है कि सभी को लोहिया आवास दिया जाए। गांव में पक्की नाली का निर्माण कराया जाए। जिन ग्रामीणों को अग्निकांड में आर्थिक नुकसान हुआ है, उन्हें कारोबार के लिए बैंकों से ऋण दिया जाए। जिन ग्रामीणों का कर्ज बकाया है, उनका कर्ज भी माफ किया जाए।