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छोटकी भैंसाही गांव राख में तब्दील
अमरउजाला ब्यूरो/ बहराइच
Updated Thu, 11 Jun 2015 10:50 PM IST
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छोटकी भैंसाही गांव गुरुवार को आग की लपटों की भेंट चढ़ गया। दोपहर बाद अज्ञात कारणों से लगी आग में 80 घर जल कर राख हो गए। इसमें जनहानि की सूचना तो नहीं है लेकिन पूरा गांव खुले आसमान के नीचे रात बिताने को विवश हो गया है। सूचना पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग को काबू किया।
सिरसिया थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत आसमान सिंह टिटिहिरिया के मजरा छोटकी भैंसाही निवासी बिरजा के घर में गुरुवार दोपहर अज्ञात कारणों से आग लग गई। जब तक ग्रामीणों को इसकी जानकारी होती आग की लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते आग की लपटों ने पड़ोसी आशाराम, रामअरख, छेदू, धनई, बलराम, बलिराम, जयकरन, गुरुचरन, धनीराम, छेदीराम, दुखीराम, मूसे, राम बहादुर सहित 80 ग्रामीणों के आशियाने को अपने आगोश में ले लिया।
चिलचिलाती धूप व भीषण उमस भरी गर्मी के कारण ग्रामीण आग को काबू करने में असफल रहे। सूचना पर पहुंची राजपुर चौकी पुलिस ने आग को काबू न होता देख इसकी सूचना अग्निशमन विभाग को दी। दमकल कर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से कड़ी मशक्कत कर आग को काबू किया।
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इस दौरान इन सभी 80 घरों में रखे कपड़ा, बर्तन, अनाज, जेवर, नगदी सहित गृहस्थी के पूरे सामान जल कर राख हो गए। अग्निकांड में करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति की क्षति का अनुमान लगाया जा रहा है। इसमें किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। अग्निकांड के बाद ग्रामीण खुले आसमान के नीचे जीवन बिताने को विवश हो गए हैं।
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सिरसिया थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत आसमान सिंह टिटिहिरिया के मजरा छोटकी भैंसाही निवासी बिरजा के घर में गुरुवार दोपहर अज्ञात कारणों से आग लग गई। जब तक ग्रामीणों को इसकी जानकारी होती आग की लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते आग की लपटों ने पड़ोसी आशाराम, रामअरख, छेदू, धनई, बलराम, बलिराम, जयकरन, गुरुचरन, धनीराम, छेदीराम, दुखीराम, मूसे, राम बहादुर सहित 80 ग्रामीणों के आशियाने को अपने आगोश में ले लिया।
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चिलचिलाती धूप व भीषण उमस भरी गर्मी के कारण ग्रामीण आग को काबू करने में असफल रहे। सूचना पर पहुंची राजपुर चौकी पुलिस ने आग को काबू न होता देख इसकी सूचना अग्निशमन विभाग को दी। दमकल कर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से कड़ी मशक्कत कर आग को काबू किया।
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इस दौरान इन सभी 80 घरों में रखे कपड़ा, बर्तन, अनाज, जेवर, नगदी सहित गृहस्थी के पूरे सामान जल कर राख हो गए। अग्निकांड में करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति की क्षति का अनुमान लगाया जा रहा है। इसमें किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। अग्निकांड के बाद ग्रामीण खुले आसमान के नीचे जीवन बिताने को विवश हो गए हैं।