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Bahraich News: बेतरतीब खड़े हो रहे वाहन, पैदल चलना भी दूभर
Tue, 28 Jan 2025 01:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Tue, 28 Jan 2025 01:41 AM IST
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बहराइच मेडिकल कालेज परिसर में बेतरतीब खड़े वाहन।
बहराइच। मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्था व लापरवाही का दौर जारी है। लापरवाही का आलम यह है कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना के छह साल बीतने के बाद ही परिसर में पार्किंग के बेहतर इंतजाम नहीं हुए हैं। इसका दंश प्रतिदिन इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों को झेलना पड़ रहा है। पार्किंग के बेहतर इंतजाम न होने से पूरे मेडिकल कॉलेज परिसर में जगह-जगह बेतरबीन तरीके से दो पहिया व चार पहिया वाहन खड़े रहते हैं। आलम यह है कि कभी-कभी बेतरबीन खड़े वाहनोंं के चलते पैदल गुजरना भी मुश्किल होता है। प्रस्तुत है जितेंद्र दीक्षित व कासिम मेंहदी की पड़ताल करती हुई रिपोर्ट....
सीन-1, चिल्ड्रन वार्ड के पास
निजी वाहन के साथ-साथ खड़ी होतीं हैं निजी एंबुलेंस
मेडिकल कॉलेज स्थित चिल्ड्रन वार्ड में प्रतिदिन औसतन 200 से 300 बाल रोगी इलाज के लिए पहुंचते हैं लेकिन बाल रोग विभाग के बाहर बेतरबीन खड़े वाहनों के चलते उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है, कि बाल रोग विभाग के पास से ही दर्जनों निजी वाहन व एंबुलेंस नियमित खड़े होते हैं। सूत्रों के अनुसार ये निजी वाहन चालक इमरजेंसी आने वाले गंभीर मरीजों को विभिन्न अस्पतालों में ले जाने का काम करते हैं।
सीन- 02, इमरजेंसी के पास
एंबुलेंस ले जाने में होती है दिक्कत
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी भी बेतरबीन खड़े वाहनों के मकड़जाल से अछूती नहीं बची है। ऐसा तब है, जब इमरजेंसी में प्रतिदिन दर्जनों गंभीर रूप से घायल मरीज पहुंचते हैं,जिन्हेंं तत्काल इलाज की जरूरत होती है। लेकिन बेतरबीन खड़े वाहनों के चलते कई बार एंबुलेंस व लोगों के निजी वाहन भी फंस जाते हैं।
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सीन- 03, ओपीडी
हर ओर सिर्फ वाहन ही वाहन
मेडिकल कॉलेज के ओपीड़ी की स्थिति और भी खराब है। बेहतर पार्किंग व्यवस्था के अभाव में ओपीडी से लेकर पैथाेलॉजी, महिला विंग तक सिर्फ वाहन ही वाहन खड़े नजर आते हैं। इसका खामियाजा व्हील चेहर व स्ट्रेचर से जांच करवाने पहुंचने वाले मरीजों को उठाना पड़ता है और कई बार मरीज फंस जाते हैं।
बेहतर पार्किंग व्यवस्था के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है। साथ ही वाहनों को सुव्यवस्थित तरीके से खड़ा करवाने के लिए गार्डों को निर्देशित किया गया है। जल्द पार्किंग व्यवस्था कराई जाएगी।
डॉ. अरविंग शुक्ला, मीडिया प्रभारी मेडिकल कॉलेज
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सीन-1, चिल्ड्रन वार्ड के पास
निजी वाहन के साथ-साथ खड़ी होतीं हैं निजी एंबुलेंस
मेडिकल कॉलेज स्थित चिल्ड्रन वार्ड में प्रतिदिन औसतन 200 से 300 बाल रोगी इलाज के लिए पहुंचते हैं लेकिन बाल रोग विभाग के बाहर बेतरबीन खड़े वाहनों के चलते उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है, कि बाल रोग विभाग के पास से ही दर्जनों निजी वाहन व एंबुलेंस नियमित खड़े होते हैं। सूत्रों के अनुसार ये निजी वाहन चालक इमरजेंसी आने वाले गंभीर मरीजों को विभिन्न अस्पतालों में ले जाने का काम करते हैं।
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सीन- 02, इमरजेंसी के पास
एंबुलेंस ले जाने में होती है दिक्कत
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी भी बेतरबीन खड़े वाहनों के मकड़जाल से अछूती नहीं बची है। ऐसा तब है, जब इमरजेंसी में प्रतिदिन दर्जनों गंभीर रूप से घायल मरीज पहुंचते हैं,जिन्हेंं तत्काल इलाज की जरूरत होती है। लेकिन बेतरबीन खड़े वाहनों के चलते कई बार एंबुलेंस व लोगों के निजी वाहन भी फंस जाते हैं।
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सीन- 03, ओपीडी
हर ओर सिर्फ वाहन ही वाहन
मेडिकल कॉलेज के ओपीड़ी की स्थिति और भी खराब है। बेहतर पार्किंग व्यवस्था के अभाव में ओपीडी से लेकर पैथाेलॉजी, महिला विंग तक सिर्फ वाहन ही वाहन खड़े नजर आते हैं। इसका खामियाजा व्हील चेहर व स्ट्रेचर से जांच करवाने पहुंचने वाले मरीजों को उठाना पड़ता है और कई बार मरीज फंस जाते हैं।
बेहतर पार्किंग व्यवस्था के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है। साथ ही वाहनों को सुव्यवस्थित तरीके से खड़ा करवाने के लिए गार्डों को निर्देशित किया गया है। जल्द पार्किंग व्यवस्था कराई जाएगी।
डॉ. अरविंग शुक्ला, मीडिया प्रभारी मेडिकल कॉलेज