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उर्स मुबारक का आगाज
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बहराइच में सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर उर्स के मौके पर दुआ करते मौलाना व मौजूद लोग।
- फोटो : BAHRAICH
बहराइच। हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक दरगाह हजरत सैय्यद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर होने वाले छह दिवसीय उर्स का आगाज बुधवार को सुबह नमाज व कुरान ख्वानी से हुआ। दरगाह शरीफ नाल दरवाजे के सामने प्रबंध समिति के अध्यक्ष सैय्यद शमशाद अहमद की अगुवाई में रस्म दस्तार खुद्दाम की महफिल सजाई गई। जिसका आगाज तिलावते कुरान से हुआ और सभी खुद्दाम व गिरदावर के साथ ही प्रबंध समिति के जिम्मेदारों को पगड़ी बांधी गई। साथ ही महफिल में मौजूद उलमा को भी चादर पेश की गई।
नाल दरवाजे के सामने आयोजित कार्यक्रम को मौलाना अरशदुल कादरी, मौलाना मोईनउद्दीन कादरी, मुफ्ती कमरुद्दीन, मौलाना खुर्शीद मिस्बाही, मौलाना मुजफ्फर हुसैन, मौलाना इमामउद्दीन के अलावा कई अन्य आलिमों ने अपने संबोधन के दौरान सैय्यद सालार मसूद गाजी के आस्ताने पर जारी फैज और करामात का जिक्र करते हुए कहा कि ये वो आस्ताना है जहां बिना किसी भेदभाव के सभी धर्म जाति के लोग आते हैं और अपनी मुरादें हासिल करते हैं।
कार्यक्रम का संचालन मौलाना जाहिरुल कादरी ने किया और मौलाना मेराज, हाफिज फिरोज आलम, मौलाना जामिन अली आदि ने नात व मनकबत का नजराना पेश किया। कार्यक्रम में दरगाह प्रबंध समिति के सदस्य दिलशाद अहमद, हाजी अजमत उल्ला, बच्चे भारती के अलावा सैकड़ों की संख्या में जायरीन मौजूद रहे। इस अवसर पर मौलाना अरशदुल कादरी ने देश की उन्नति भाई चारा, अमन व मोहब्बत के लिये दुआ की। अकबर अली और उनके साथियों ने कव्वाली पेश की और आखिर में परचम कुसाई का कार्यक्रम हुआ। उर्स के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही।
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नाल दरवाजे के सामने आयोजित कार्यक्रम को मौलाना अरशदुल कादरी, मौलाना मोईनउद्दीन कादरी, मुफ्ती कमरुद्दीन, मौलाना खुर्शीद मिस्बाही, मौलाना मुजफ्फर हुसैन, मौलाना इमामउद्दीन के अलावा कई अन्य आलिमों ने अपने संबोधन के दौरान सैय्यद सालार मसूद गाजी के आस्ताने पर जारी फैज और करामात का जिक्र करते हुए कहा कि ये वो आस्ताना है जहां बिना किसी भेदभाव के सभी धर्म जाति के लोग आते हैं और अपनी मुरादें हासिल करते हैं।
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कार्यक्रम का संचालन मौलाना जाहिरुल कादरी ने किया और मौलाना मेराज, हाफिज फिरोज आलम, मौलाना जामिन अली आदि ने नात व मनकबत का नजराना पेश किया। कार्यक्रम में दरगाह प्रबंध समिति के सदस्य दिलशाद अहमद, हाजी अजमत उल्ला, बच्चे भारती के अलावा सैकड़ों की संख्या में जायरीन मौजूद रहे। इस अवसर पर मौलाना अरशदुल कादरी ने देश की उन्नति भाई चारा, अमन व मोहब्बत के लिये दुआ की। अकबर अली और उनके साथियों ने कव्वाली पेश की और आखिर में परचम कुसाई का कार्यक्रम हुआ। उर्स के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही।
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