UP: बहराइच की सांप्रदायिक हिंसा में मारे गए रामगोपाल पर आज आएगा फैसला, दुर्गा विसर्जन के दौरान भड़के थे दंगे
Bahraich violence: 13 अक्तूबर 2024 को बहराइच में हुई सांप्रदायिक हिंसा के शिकार रामगोपाल मिश्रा पर 11 दिसंबर को कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला आ सकता है।
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दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के उल्लास के बीच कत्ल...कोहराम...और फिर उपद्रव के बाद आज फैसले की घड़ी है। न्यायाधीश चर्चित रामगोपाल हत्याकांड के 11 दोषियों को सजा सुनाएंगे। सभी की नजर फैसले पर है। पीड़ित परिजन जघन्य हत्या में फांसी की उम्मीद लगाए हैं। कानूनी जानकारों के अनुसार कुछ दोषियों को उम्रकैद की भी सजा हो सकती है। फिलहाल चर्चित घटनाक्रम के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने मुख्यालय के साथ ही महराजगंज क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है।
मामला 13 अक्तूबर 2024 का है। रामगोपाल हत्याकांड के अब 14 महीने पूरे होने वाले हैं। यह वही घटनाक्रम है, जिसने दशहरे जैसे पावन पर्व पर पूरे जिले को हिंसा की आग में झोंक दिया था। पीएसी तैनात हुई, रैपिड एक्शन फोर्स को उतारा गया। डीएम-एसपी खुद डटीं। इसके बाद भी हालात नियंत्रित नहीं हुए। मुख्यमंत्री योगी ने हस्तक्षेप किया और यूपी एटीएस चीफ अमिताभ यश को जिम्मेदारी सौंपी, तब धीरे-धीरे हालात सामान्य होने शुरू हुए।
13 अक्तूबर का जिक्र करते ही रामगोपाल की मां मुन्नी देवी टूट जाती हैं। कुछ बोलती नहीं...आखों से आंसू फूट पड़ते हैं। सिसकियों के बीच बेटे का नाम लेती रहती हैं। पत्नी रोली मिश्रा की आंखें न्याय के इंतजार में पथरा गई हैं। बेटे की हत्या के बाद से ही पिता कैलाश नाथ मिश्र की तबीयत खराब चल रही है।
पिता अभी मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। सांस लेने में तकलीफ है। बड़े बेटे हरमिलन मिश्र उनकी देखभाल में जुटे हैं। रामगोपाल की हत्या के बाद हरमिलन ही परिवार का सहारा हैं। पिता कहते हैं कि फैसले की घड़ी आ गई है। लंबी लड़ाई को दिशा मिली है। वह कहते हैं कि अंतिम सजा तय होने के बाद ही न्याय पूरा माना जाएगा। न्यायालय पर भरोसा है। ग्रामीण भी फैसले को लेकर उत्सुक हैं। सभी चाहते हैं कि हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर महराजगंज क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है। अपर पुलिस अधीक्षक डीपी तिवारी ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में गश्त तेज कर दी गई है। हमारी कोशिश है कि किसी भी तरह की तनावपूर्ण स्थिति न बन सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि अदालत के फैसले के बाद किसी पक्ष की ओर से अनावश्यक भीड़ इकट्ठी नहीं होने दी जाएगी।
ये पुलिस अधिकारी हुए थे निलंबित, चल रही विभागीय जांच
अपर पुलिस अधीक्षक डीपी तिवारी ने बताया कि घटना के दूसरे दिन हरदी एसओ सुरेश कुमार वर्मा और महसी चौकी इंचार्ज शिव कुमार सरोज को निलंबित कर दिया गया था। तीन दिन बाद सीओ रुपेंद्र गौड़ पर सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही के आरोप में कार्रवाई की गई। मामले में विभागीय जांच अब अंतिम चरण में है। निष्क्रियता और लापरवाही के आरोप में सभी पर शीघ्र ही कार्रवाई हो सकती है।
अभियुक्तों पर लगीं धाराओं में सजा का प्रावधान
दीवानी न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता बीडी वर्मा ने बताया कि अभियुक्तों पर सात धाराएं लगाई है। इसमें से दो धाराएं काफी गंभीर श्रेणी में आती है। धाराओं में 191(2) में दो वर्ष, 191(3) में पांच वर्ष, 190, 109(2) में मृत्युदंड व आजीवन कारावास, 249 में पांच वर्ष और 61(2) में मृत्युदंड, आजीवन कारावास व कठोर कारावास का प्रावधान है। वहीं धारा 30 आर्म्स एक्ट में छह माह की सजा का प्रावधान किया गया है।
इन अभियुक्तों के खिलाफ आज आएगा फैसला
रामगोपाल हत्याकांड में कोर्ट द्वारा दोषसिद्ध किए गए अभियुक्तों में अब्दुल हमीद, फहीम, सरफराज उर्फ रिंकू, मोहम्मद तालिब उर्फ सबलू, सैफ अली, जावेद खान, मोहम्मद जिशान उर्फ राजा उर्फ साहिर, शोएब खान, ननकऊ व मारूफ के खिलाफ 11 दिंसबर को सजा के बिंदु पर कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी।