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डेंगू व दिमागी बुखार से दो और की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 23 Sep 2016 09:33 PM IST
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तराई में डेंगू और दिमागी बुखार कहर थम नहीं रहा है। शुक्रवार को डेंगू से पीड़ित एक महिला की मौत हो गई। दिमागी बुखार से ग्रसित मासूम की जान चली गई। वहीं अन्य संक्रामक बीमारियों से पीड़ित और 28 रोगी जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। उनमें तीन रोगियों की हालत नाजुक बताई जा रही है।
दिमागी बुखार और डेंगू पर नियंत्रण के स्वास्थ्य विभाग के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। पीड़ितों की मौत लगातार हो रही है। पीड़ितों के परिवारीजनों में कोहराम की स्थिति है। जरवल के अली नगर निवासी सतगुरु यादव की पत्नी श्रीमती (45) को सप्ताह भर से बुखार की शिकायत थी।
स्थानीय चिकित्सकों से इलाज कराने पर सुधार नहीं हुआ तो एक निजी पैथालॉजी में परीक्षण कराया। जांच के दौरान दो दिन पूर्व डेंगू की पुष्टि हुई। इस पर आनन फानन में सतगुरु ने पत्नी को बाराबंकी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां इलाज के दौरान शुक्रवार भोर में श्रीमती की मौत हो गई। सूचना पर घर में कोहराम मच गया।
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जिला अस्पताल में दो दिन पूर्व बुखार से पीड़ित नाजिरपुरा निवासी हलीम के ढाई वर्षीय पुत्र हंसा को भर्ती कराया गया था। शुक्रवार दोपहर में इलाज के दौरान हंसा की तबियत बिगड़ गई। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके वर्मा के मुताबिक तेज बुखार के साथ हंसा को झटके आ रहे थे।
उसके दिमागी बुखार से पीड़ित होने का पता चला। उन्होंने कहा कि बच्चे के अस्पताल पहुंचने में देरी हुई। उधर विभिन्न संक्रामक रोगों से पीड़ित और 28 लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनमें विशेश्वरगंज निवासी शंकर (4), पयागपुर निवासी अंजली (2) व दरगाह निवासी कुतुबुद्दीन (8) की हालत नाजुक बताई जा रही है। इन सभी को बुखार के साथ झटके की शिकायत है।
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दिमागी बुखार और डेंगू पर नियंत्रण के स्वास्थ्य विभाग के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। पीड़ितों की मौत लगातार हो रही है। पीड़ितों के परिवारीजनों में कोहराम की स्थिति है। जरवल के अली नगर निवासी सतगुरु यादव की पत्नी श्रीमती (45) को सप्ताह भर से बुखार की शिकायत थी।
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स्थानीय चिकित्सकों से इलाज कराने पर सुधार नहीं हुआ तो एक निजी पैथालॉजी में परीक्षण कराया। जांच के दौरान दो दिन पूर्व डेंगू की पुष्टि हुई। इस पर आनन फानन में सतगुरु ने पत्नी को बाराबंकी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां इलाज के दौरान शुक्रवार भोर में श्रीमती की मौत हो गई। सूचना पर घर में कोहराम मच गया।
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जिला अस्पताल में दो दिन पूर्व बुखार से पीड़ित नाजिरपुरा निवासी हलीम के ढाई वर्षीय पुत्र हंसा को भर्ती कराया गया था। शुक्रवार दोपहर में इलाज के दौरान हंसा की तबियत बिगड़ गई। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके वर्मा के मुताबिक तेज बुखार के साथ हंसा को झटके आ रहे थे।
उसके दिमागी बुखार से पीड़ित होने का पता चला। उन्होंने कहा कि बच्चे के अस्पताल पहुंचने में देरी हुई। उधर विभिन्न संक्रामक रोगों से पीड़ित और 28 लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनमें विशेश्वरगंज निवासी शंकर (4), पयागपुर निवासी अंजली (2) व दरगाह निवासी कुतुबुद्दीन (8) की हालत नाजुक बताई जा रही है। इन सभी को बुखार के साथ झटके की शिकायत है।