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एंबुलेंस के अभाव में प्रसूता की मौत, नवजात ने भी दम तोड़ा
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विशेश्वरगंज (बहराइच)। देर शाम हालत बिगड़ने पर गुआएं गांव निवासी प्रसूता को लेकर परिवारीजन सीएचसी पहुंचकट्टा पहुंचे। वहां महिला में खून की कमी देखकर डॉक्टरों ने जच्चा-बच्चा को जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया। एक घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार करने के बाद परिवारीजन निजी वाहन का इंतजाम कर महिला को लेकर जिला महिला अस्पताल रवाना हुए लेकिन रास्ते में ही महिला की मौत हो गई।
इस पर परिवारीजन रोते-बिलखते शव लेकर घर लौट गए लेकिन घर पहुंचने पर नवजात की भी मौत हो गई। विशेश्वरगंज थाना अंतर्गत गुआएं गांव निवासी राजेश लोधी की 32 वर्षीय पत्नी पुनीता को दोपहर बाद प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिवारीजनों ने घर पर सुरक्षित प्रसव कराया। पुनीता ने बेटी को जन्म दिया लेकिन प्रसव के कुछ देर बाद महिला की हालत बिगड़ गई। इस पर परिवारीजन जच्चा-बच्चा को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकट्टा पहुंचे।
वहां प्रभारी चिकित्साधिकारी रणजीत कुमार सिंह, स्टाफ नर्स अंजू श्रीवास्तव ने परीक्षण किया तो महिला के शरीर में खून की भारी कमी मिली। उसकी हालत काफी नाजुक थी। इस पर महिला को तत्काल जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। परिवारीजन महिला को जिला मुख्यालय ले जाने के लिए एंबुलेंस को काल करते रहे लेकिन एक घंटा बीत जाने पर भी एंबुलेंस नहीं पहुंची।
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इस पर परिवारीजन जैसे-तैसे महिला को निजी वाहन से जिला अस्पताल ले जाने लगे लेकिन विशेश्वरगंज बाजार पहुंचते ही प्रसूता ने दम तोड़ दिया। परिवारीजन रोते-बिलखते शव लेकर घर लौट गए लेकिन घर पहुंचने पर बेटी की भी तबियत बिगड़ गई। जब तक इलाज का इंतजाम होता, नवजात ने भी दम तोड़ दिया। इस मामले में राजेश की ओर से अभी तक कहीं भी शिकायत नहीं की गई है।
सीएचसी के चिकित्साधीक्षक रणजीत सिंह ने बताया कि महिला को परिवारीजन सीएचसी लाए थे। खून की कमी के चलते हालत काफी नाजुक थी। उसे रेफर किया गया लेकिन एंबुलेंस समय से नहीं मिली। इसकी सूचना मिली है। उच्चाधिकारियों को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।
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इस पर परिवारीजन रोते-बिलखते शव लेकर घर लौट गए लेकिन घर पहुंचने पर नवजात की भी मौत हो गई। विशेश्वरगंज थाना अंतर्गत गुआएं गांव निवासी राजेश लोधी की 32 वर्षीय पत्नी पुनीता को दोपहर बाद प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिवारीजनों ने घर पर सुरक्षित प्रसव कराया। पुनीता ने बेटी को जन्म दिया लेकिन प्रसव के कुछ देर बाद महिला की हालत बिगड़ गई। इस पर परिवारीजन जच्चा-बच्चा को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकट्टा पहुंचे।
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वहां प्रभारी चिकित्साधिकारी रणजीत कुमार सिंह, स्टाफ नर्स अंजू श्रीवास्तव ने परीक्षण किया तो महिला के शरीर में खून की भारी कमी मिली। उसकी हालत काफी नाजुक थी। इस पर महिला को तत्काल जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। परिवारीजन महिला को जिला मुख्यालय ले जाने के लिए एंबुलेंस को काल करते रहे लेकिन एक घंटा बीत जाने पर भी एंबुलेंस नहीं पहुंची।
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इस पर परिवारीजन जैसे-तैसे महिला को निजी वाहन से जिला अस्पताल ले जाने लगे लेकिन विशेश्वरगंज बाजार पहुंचते ही प्रसूता ने दम तोड़ दिया। परिवारीजन रोते-बिलखते शव लेकर घर लौट गए लेकिन घर पहुंचने पर बेटी की भी तबियत बिगड़ गई। जब तक इलाज का इंतजाम होता, नवजात ने भी दम तोड़ दिया। इस मामले में राजेश की ओर से अभी तक कहीं भी शिकायत नहीं की गई है।
सीएचसी के चिकित्साधीक्षक रणजीत सिंह ने बताया कि महिला को परिवारीजन सीएचसी लाए थे। खून की कमी के चलते हालत काफी नाजुक थी। उसे रेफर किया गया लेकिन एंबुलेंस समय से नहीं मिली। इसकी सूचना मिली है। उच्चाधिकारियों को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।