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Bahraich News: पांच माह के भीतर दो मौत और दर्जनों घायल, क्षेत्र में दहशत का माहौल

Wed, 16 Jul 2025 01:24 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Wed, 16 Jul 2025 01:24 AM IST
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Two deaths and dozens injured within five months, an atmosphere of panic in the area
खैरीघाट के कमहरिया गांव में कुत्तों के झुंड के हमले के बाद मौके जांच करते थाना प्रभारी सूरज राण
बहराइच/शिवपुर। शिवपुर विकासखंड क्षेत्र में लगातार हो रहे कुत्तोंं के हमले से अब दहशत का माहौल बन गया है। मंगलवार को कुुत्तों द्वारा कम्हरिया गांव निवासी नूरुद्दीन (12) को मौत के घाट उतारना कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले फरवरी माह में कुत्तों ने मटेरा कला निवासी मासूम पिंकी को मौत के घाट उतारा था। पांच माह में दो-दो मौतों के बाद अब क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है।
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हरदी क्षेत्र में छह माह तक आतंक का केंद्र बने भेड़ियों के बाद अब खैरीघाट क्षेत्र कुत्तों के आतंक से दहशत में है। कुत्ते पांच माह के भीतर दो बच्चोंं को मौत के घाट उतार चुके हैं। वहीं, घायलों की संख्या दो दर्जन से अधिक है। कुत्तों ने बीते शनिवार 12 जून को सेमरिया गांव निवासी दिलशाद (07) पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उसे ट्रामा सेंटर लखनऊ भर्ती कराया गया था।
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वहीं, इससे पहले कुत्तों ने 16 अप्रैल को मामा के घर आई समरीन (09) को नोच कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। यही नहीं 14 अप्रैल को अंजलि (04) को भी गंभीर रूप से घायल किया था। इसके साथ ही कुत्ते अब तक दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों पर हमला कर उन्हें घायल कर चुके हैं।
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ताजा मांस बना रहा कुत्तों को हमलावर
खैरीघाट क्षेत्र में अचानक तेज हुए कुत्तों के हमले को लेकर मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. आरके उपाध्याय ने बताया कि ज्यादातर गांव से बाहर रहने वाले कुत्ते आक्रामक हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि मांस की दुकानों से बचा हुआ ताजा मांस फेंक दिया जाता है। इससे कुत्तोंं को ताजा मांस खाने की आदत पड़ रही है और कुत्ते ताजा मांस न मिलने पर वे हमलावर हो रहे हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रोंं में मवेशियों के मरने पर उन्हें दफन न करके खुले में फेंक दिया जाता है। उन जानवरोंं का मांस खाने से भी कुत्तों में मांस खाने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। ग्रामीणों से अपील है कि मवेशियें के मरने पर उन्हेंं दफन कर दिया करें।



बीडीओ, पशु चिकित्साधिकारी व सचिव का वेतन रोका
कुत्तोंं के झुंड के हमले मेंं किशोर की मौत के बाद डीएम मोनिका रानी ने बीडीओ, पशु चिकित्साधिकारी व सचिव का वेतन रोक दिया है। डीएम ने बताया कि बीडीओ व पशु चिकित्साधिकारी को सचिव के माध्यम से कुत्तोंं का चिह्नांकन कर प्रभावी कार्रवाई का निर्देश दिया था। बावजूद इसके लापरवाही बरती गई। इसपर तीनों का वेतन रोक कर जिला विकास अधिकारी व मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को संयुक्त रूप से जांच कर आवारा कुत्तों पर प्रभावी रोकथाम का निर्देश दिया है।
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