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90 हजार के जाली नोटों के साथ दो गिरफ्तार
अमर उजाला/बहराइच
Updated Fri, 05 May 2017 11:00 PM IST
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बरामद जाली रुपये
- फोटो : अमर उजाला
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जाली भारतीय मुद्रा बनाकर बाजार में प्रयोग करने का खुलासा हुआ है। दो युवकों ने कलर प्रिंटर से 100-100 के 93 हजार के नोट तैयार कर दिए। तीन हजार रुपये साप्ताहिक बाजार में चला दिए। वे और नोट तैयार करने की फिराक में थे, तभी पहले से बनाए गए 90 हजार के जाली नोटों के साथ पुलिस ने धर दबोचा। इन नोटों को पेपर सीट से अलग नहीं किया गया था। जाली भारतीय मुद्रा के साथ ही कलर प्रिंटर भी बरामद हुआ। जाली रुपये और प्रिंटर सीज कर आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
बहराइच शहर और उससे सटे इलाकों में जाली भारतीय मुद्रा का चलन होने की सूचना पुलिस को मिली थी। इस पर पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सक्सेना ने स्वाट टीम प्रभारी श्रीनाथ यादव को मामले का खुलासा करने का आदेश दिया था।
अपर पुलिस अधीक्षक नगर दिनेश त्रिपाठी और सीओ सिटी विजयशंकर मिश्र की अगुवाई में स्वाट टीम ने खोजबीन शुरू की तो पता चला कि चिलवरिया क्षेत्र में दो युवक जाली भारतीय मुद्रा के कारोबार में लिप्त हैं। टीम के सिपाहियों ने युवक से दोस्ती बढ़ाई और जाली मुद्रा के सौदागर बनें। दोनों को मशीन के साथ बहराइच भारी मात्रा में नोट बनाने के लिए बुलाया गया।
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चिलवरिया से बहराइच आते समय सेंट नार्बट स्कूल के पास पुलिस टीम ने जाली नोट और नोट बनाने में प्रयुक्त होने वाले कलर प्रिंटर के साथ दोनों युवकों को दबोच लिया। युवकों के पास से एफोर साइज पेपर पर प्रिंट किए गए 90 हजार रुपये मिले। इन रुपयों को प्रिंट करने के बाद पेपर से काटा नहीं गया था। जिसके चलते 300 सीट में भारतीय मुद्रा प्रिंट थी। खास बात यह रही कि बरामद जाली भारतीय मुद्रा पर 100-100 के तीन नोटों के ही नंबर अंकित हैं।
नंबर बदलने का उपाय फर्जीवाड़ा करने वाले दोनों युवक नहीं कर पाए। पूछताछ के दौरान युवकों की पहचान पयागपुर के लहरौरा निवासी धर्मेंद्र कुमार वर्मा व श्रावस्ती के इकौना बाईपास निवासी हरीराम चौधरी के रूप में हुई। दोनों युवकों ने बताया कि उन्होेंने सबसे पहले 10 रुपये का नोट प्रिंट किया था। हूबहू नोट निकलने पर 100 रुपये के तीन हजार नोट बनाए। उन्हें चिलवरिया के साप्ताहिक बाजार में खर्च किए। आसानी से रुपये चल गए।
इसके बाद एफोर साइज के 300 पेपर पर 100-100 के नोट प्रिंट किए। अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि बरामद नोटों को सीज कर कलर प्रिंटर को भी कब्जे में ले लिया गया है। आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
एएसपी सिटी ने बताया कि फर्जी नोटाें का कारोबार करने वाले गैंग को पकड़ने के चलते स्वाट टीम प्रभारी श्रीनाथ यादव, कांस्टेबल अंजनी यादव, इमरान, सैयद इरफान, अवनीश विक्रम सिंह, अखिलेश राय, अरुणेश यादव, आशीष कुमार जायसवाल, कोतवाली देहात के प्रभारी निरीक्षक आरपी यादव, एसआई अजय तिवारी व कांस्टेबल अमन कुमार तथा संजीव कुमार को पांच हजार रुपये से पुरस्कृत किया गया है।
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बहराइच शहर और उससे सटे इलाकों में जाली भारतीय मुद्रा का चलन होने की सूचना पुलिस को मिली थी। इस पर पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सक्सेना ने स्वाट टीम प्रभारी श्रीनाथ यादव को मामले का खुलासा करने का आदेश दिया था।
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अपर पुलिस अधीक्षक नगर दिनेश त्रिपाठी और सीओ सिटी विजयशंकर मिश्र की अगुवाई में स्वाट टीम ने खोजबीन शुरू की तो पता चला कि चिलवरिया क्षेत्र में दो युवक जाली भारतीय मुद्रा के कारोबार में लिप्त हैं। टीम के सिपाहियों ने युवक से दोस्ती बढ़ाई और जाली मुद्रा के सौदागर बनें। दोनों को मशीन के साथ बहराइच भारी मात्रा में नोट बनाने के लिए बुलाया गया।
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चिलवरिया से बहराइच आते समय सेंट नार्बट स्कूल के पास पुलिस टीम ने जाली नोट और नोट बनाने में प्रयुक्त होने वाले कलर प्रिंटर के साथ दोनों युवकों को दबोच लिया। युवकों के पास से एफोर साइज पेपर पर प्रिंट किए गए 90 हजार रुपये मिले। इन रुपयों को प्रिंट करने के बाद पेपर से काटा नहीं गया था। जिसके चलते 300 सीट में भारतीय मुद्रा प्रिंट थी। खास बात यह रही कि बरामद जाली भारतीय मुद्रा पर 100-100 के तीन नोटों के ही नंबर अंकित हैं।
नंबर बदलने का उपाय फर्जीवाड़ा करने वाले दोनों युवक नहीं कर पाए। पूछताछ के दौरान युवकों की पहचान पयागपुर के लहरौरा निवासी धर्मेंद्र कुमार वर्मा व श्रावस्ती के इकौना बाईपास निवासी हरीराम चौधरी के रूप में हुई। दोनों युवकों ने बताया कि उन्होेंने सबसे पहले 10 रुपये का नोट प्रिंट किया था। हूबहू नोट निकलने पर 100 रुपये के तीन हजार नोट बनाए। उन्हें चिलवरिया के साप्ताहिक बाजार में खर्च किए। आसानी से रुपये चल गए।
इसके बाद एफोर साइज के 300 पेपर पर 100-100 के नोट प्रिंट किए। अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि बरामद नोटों को सीज कर कलर प्रिंटर को भी कब्जे में ले लिया गया है। आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
एएसपी सिटी ने बताया कि फर्जी नोटाें का कारोबार करने वाले गैंग को पकड़ने के चलते स्वाट टीम प्रभारी श्रीनाथ यादव, कांस्टेबल अंजनी यादव, इमरान, सैयद इरफान, अवनीश विक्रम सिंह, अखिलेश राय, अरुणेश यादव, आशीष कुमार जायसवाल, कोतवाली देहात के प्रभारी निरीक्षक आरपी यादव, एसआई अजय तिवारी व कांस्टेबल अमन कुमार तथा संजीव कुमार को पांच हजार रुपये से पुरस्कृत किया गया है।