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सच्चा धर्म वही जो हर प्राणी के लिए सुखदायी : आत्मानंद सरस्वती
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राणी सती मंदिर में कथा सुनाते प्रवाचक व हो रहा झांकी का मंचन।
बहराइच। शहर के रेलवे स्टेशन स्थित श्री श्याम बाबा मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन प्रवाचक स्वामी आत्मा नंद सरस्वती जी महाराज ने सनातन धर्म और सेवा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सच्चा धर्म वही है, जो हर मनुष्य और प्राणी के लिए सुखदायी हो। सनातन धर्म पूरे विश्व के कल्याण की भावना रखता है।
उन्होंने कहा कि चारों वर्णों में सेवा का विशेष महत्व है। सेवा से भगवान प्रसन्न होते हैं और माता-पिता व समाज की सेवा करने से भी मनुष्य को संतोष मिलता है। उन्होंने कहा कि शरीर में चरणों के अधिष्ठाता भगवान विष्णु हैं। इसलिए समाज के सभी वर्ग एक ही माता-पिता की संतान के समान हैं। सभी के प्रति अच्छे भाव रखने की सीख भागवत कथा देती है।
उन्होंने कहा कि भागवत कथा के श्रवण से ईर्ष्या, द्वेष और आपसी विवाद से दूर रहकर एकता की भावना बढ़ती है। उन्होंने पितरों के कल्याण के लिए भागवत कथा को श्रेष्ठ साधन बताया। कथा के तीसरे दिन नरसिंह भगवान और भगवान राम की झांकी प्रस्तुत की गई। झांकी देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
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उन्होंने कहा कि चारों वर्णों में सेवा का विशेष महत्व है। सेवा से भगवान प्रसन्न होते हैं और माता-पिता व समाज की सेवा करने से भी मनुष्य को संतोष मिलता है। उन्होंने कहा कि शरीर में चरणों के अधिष्ठाता भगवान विष्णु हैं। इसलिए समाज के सभी वर्ग एक ही माता-पिता की संतान के समान हैं। सभी के प्रति अच्छे भाव रखने की सीख भागवत कथा देती है।
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उन्होंने कहा कि भागवत कथा के श्रवण से ईर्ष्या, द्वेष और आपसी विवाद से दूर रहकर एकता की भावना बढ़ती है। उन्होंने पितरों के कल्याण के लिए भागवत कथा को श्रेष्ठ साधन बताया। कथा के तीसरे दिन नरसिंह भगवान और भगवान राम की झांकी प्रस्तुत की गई। झांकी देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
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