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Bahraich News: हत्या व मारपीट के तीन दोषियों को सात-सात साल की सजा
Fri, 26 Sep 2025 03:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Fri, 26 Sep 2025 03:17 AM IST
सार
बहराइच में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी की अदालत ने हत्या और मारपीट के मामले में तीन दोषियों को सात-सात वर्ष की सजा और जुर्माना सुनाया। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त सजा भी निर्धारित की गई है।
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विस्तार
बहराइच। हत्या व मारपीट करने के तीन दोषियों को बृहस्पतिवार को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी की अदालत ने सात-सात वर्ष की सजा सुनाई। तीनों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माने की राशि अदा न करने पर दोषियों को तीस दिन की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
वादी मुकदमा बालकराम ने 30 जुलाई 1997 को श्रावस्ती जिले के इकौना थाने में तहरीर दी थी। उसने कहा था कि लोहारनपुरवा गांव निवासी आनोखी लाल, बाबू, समयदीन व चित्रकेश खेत की मेड़ को लेकर अकारण विवाद कर रहे हैं। विरोध करने पर विपक्षियों ने लाठी-डंडों से हमला कर मारपीट की थी। अधिक चोट लगने के कारण रामछबीले की मौत हो गई थी।
इकौना थाने की पुलिस ने बालकराम की तहरीर के आधार पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमे की सुनवाई जिला न्यायालय श्रावस्ती में चल रही थी, लेकिन उच्च न्यायालय के आदेश पर 24 अक्तूबर 2003 को मुकदमे का स्थानांतरण बहराइच जिला न्यायालय में कर दिया गया।
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मुकदमे में बृहस्पतिवार को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी अनिल कुमार बारह की अदालत में सुनवाई शुरू हुई। अभियोजन व बचाव पक्ष की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने सभी नामजद आरोपियों को घटना में दोषी करार दिया। कोर्ट ने अनोखी लाल, बाबू व चित्रकेश को सात-सात साल की सजा सुनाते हुए सभी पर जुर्माना भी लगाया है। वहीं मुकदमे के दौरान समयदीन की मौत हो जाने पर उनके मुकदमे को बंद कर दिया गया था।
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वादी मुकदमा बालकराम ने 30 जुलाई 1997 को श्रावस्ती जिले के इकौना थाने में तहरीर दी थी। उसने कहा था कि लोहारनपुरवा गांव निवासी आनोखी लाल, बाबू, समयदीन व चित्रकेश खेत की मेड़ को लेकर अकारण विवाद कर रहे हैं। विरोध करने पर विपक्षियों ने लाठी-डंडों से हमला कर मारपीट की थी। अधिक चोट लगने के कारण रामछबीले की मौत हो गई थी।
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इकौना थाने की पुलिस ने बालकराम की तहरीर के आधार पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमे की सुनवाई जिला न्यायालय श्रावस्ती में चल रही थी, लेकिन उच्च न्यायालय के आदेश पर 24 अक्तूबर 2003 को मुकदमे का स्थानांतरण बहराइच जिला न्यायालय में कर दिया गया।
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मुकदमे में बृहस्पतिवार को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी अनिल कुमार बारह की अदालत में सुनवाई शुरू हुई। अभियोजन व बचाव पक्ष की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने सभी नामजद आरोपियों को घटना में दोषी करार दिया। कोर्ट ने अनोखी लाल, बाबू व चित्रकेश को सात-सात साल की सजा सुनाते हुए सभी पर जुर्माना भी लगाया है। वहीं मुकदमे के दौरान समयदीन की मौत हो जाने पर उनके मुकदमे को बंद कर दिया गया था।