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तीन बालिकाएं तालाब में डूबीं

Tue, 17 Mar 2020 10:46 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 17 Mar 2020 10:46 PM IST
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Three girls drown in the pond
रिसिया थानाक्षेत्र के उत्तमापुर में तालाब में डूबकर बालिकाओं की मौत के बाद जमा भीड़। - फोटो : BAHRAICH
रिसिया (बहराइच)। थाना क्षेत्र के उत्तमापुर गांव में मंगलवार की शाम तीन सहेलियां गांव के बाहर स्थित तालाब में मिट्टी निकालने गई थीं। वे तालाब से मिट्टी निकाल रही थीं, तभी अचानक पैर फिसलने से डूब गईं, जिससे तीनों की मौत हो गई। घटना से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सूचना पाकर एसडीएम व एसओ मौके पर पहुंचे। तीनों मासूमों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की गई, मगर परिवारीजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। इसके बाद सभी का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
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रिसिया थाना अंतर्गत उत्तमापुर गांव निवासी शायबा (9) पुत्री वशीर खां और शमां (10) पुत्री भोले खां गांव के बाहर स्थित तालाब से मिट्टी निकालने जा रही थीं। दोनों ने मटेरा के भगवानपुर निवासी हिना (12) पुत्री बुचनू को भी साथ ले लिया। वह अपने नाना रियाज खां के घर घूमने आई हुई थी। तीनों सहेलियां एक साथ तालाब में मिट्टी निकालने पहुंचीं। यहां वे मिट्टी निकाल रही थीं। तभी अचानक पैर फिसलनेे से तालाब में जा गिरीं और डूबने से उनकी मौत हो गई।
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गांव के कुछ लोग जब तालाब के पास से गुजर रहे तो उनके शव दिखे। इसकी सूचना मिलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया। मौके पर भीड़ जमा हो गए। गांव के गोतखोरों की मदद से शव तालाब से बाहर निकाले गए। घटना की सूचना पाकर एसडीएम रामचंदर यादव व प्रभारी निरीक्षक पीपी पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। परिवार के लोगों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। पंचनामा के बाद शव परिवारीजनों को सौंप दिए गए। परिवार के लोगों का रो-रो कर बुरा हाल था।
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नियति को कोस रहे परिवार
तीन सहेलियों की मौत से पूरा गांव सहमा हुआ है। एक साथ तीन शवों को देखकर सभी के परिवारीजन पछाड़े खा-खाकर रो रहे थे। जिसे देखकर गांव के लोग भी अपने आंसू नहीं रोक सके। सभी नियति को कोस रहे थे।

आपके हाथ से रोटी खाऊंगी अब्बू
दोपहर में जब शायबा और शमां घर से निकलीं तो घर के लोगों ने दोनों मासूमों को जल्दी आने की बात कही। मासूम बेटियों ने घर से निकलते समय अपने पिता से वापस लौटने पर मिट्टी निकालने के एवज में उनके हाथ से रोटी खाने की पेशकश की थी। जिसे याद कर सभी अपने आंसू नहीं रोक पा रहे हैं।
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