{"_id":"5f3956a08ebc3e3d0f459f84","slug":"threat-of-harvesting-on-25-villages-bahraich-news-lko535334977","type":"story","status":"publish","title_hn":"25 गांवों पर मंडराया कटान का खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
25 गांवों पर मंडराया कटान का खतरा
विज्ञापन
बहराइच। घाघरा (सरयू) नदी में 6.98 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से महसी तहसील क्षेत्र के 25 गांवों पर कटान का खतरा मंडराने लगा है। पहले से ही बेकाबू हालात में अब लोगों को मुश्किल हो रही है। चार तहसीलों के लगभग 60 गांव बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं। घाघरा नदी खतरे के निशान से 28.5 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। कटान तेज होने से खेती योग्य जमीन नदी में समाहित हो रही है।
नेपाल में हो रही तेज बारिश की वजह से रविवार को शारदा बैराज से 164702, गिरिजा बैराज से 180107 व सरयू बैराज से 354166 लाख क्यूसेक पानी बहराइच की घाघरा नदी में छोड़ा गया है, जिससे महसी तहसील क्षेत्र के पचदेवरी, चुरईपुरवा, गंगापुरवा बाहरपुर, मांझा दरियापुर, बरुआ बेहड़, सुकईपुर, गुरुदत्तसिंह गरेठी, घूरदेवी, भंवरी, सिपहिया हुलास, सरसठ बिठोरा, समदा जुगलपुरवा, छतरपुरवा, तारापुरवा, प्रहलादपुरवा, चुन्नीलालपुरवा, मथुरापुरवा, रतनपुर, सिलोटा, जोगापुरवा, कायमपुर, पिपरी, पिपरा समेत 25 गांव कटान के निशाने पर आ गए हैं।
लोग घरों से निकलकर सुरक्षित स्थान की ओर जाने लगे हैं। खेती की उपजाई जमीन भी नदी में समा रही है। महसी के एसडीएम एसएन त्रिपाठी ने बताया कि हालात पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है। प्रशासन किसी भी हालात से निपटने में सक्षम हैं। तहसीलदार महसी राजेश कुमार वर्मा ने कहा कि घाघरा नदी के जलस्तर में मामूली बढ़त दर्ज की गई है।
विज्ञापन
घूरदेवी स्पर पर घाघरा नदी का स्तर 112.135 के सापेक्ष 112.420 सेंटीमीटर मापा गया है। यह खतरे के निशान से 28.5 सेंटीमीटर ऊपर है। उधर, कैसरगंज, नानपारा व मोतीपुर तहसील क्षेत्र के भी लगभग 35 गांव बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं।
शिक्षकों ने जलभराव के बीच फहराया तिरंगा
बौंडी (बहराइच)। महसी तहसील क्षेत्र के अटोडर व सीतापुर जिले की सीमा से सटे बरुआ बेहड़ गांव में जलभराव के बीच शिक्षकों ने पहुंचकर तिरंगा फहराया। ग्राम पंचायत अटोडर के प्राथमिक व जूनियर विद्यालय में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। विद्यालय परिसर में काफी पानी भरा होने से शिक्षकों ने 15 अगस्त के पावन अवसर पर बेलहा-बेहरौली तटबंध पर जाकर ध्वजारोहण किया।
उधर, सीतापुर जिले की सीमा से सटे बरुआ बेहड़ गांव व स्कूल में भी बाढ़ का पानी भरा था। विद्यालय प्रभारी पूरनलाल ने बताया कि बावजूद इसके सभी शिक्षकों ने विद्यालय पहुंचकर ध्वजारोहण किया। इस दौरान प्रबंध समिति अध्यक्ष मोहन कुमार, हरिओम मिश्र, मेवालाल, अनुराग वर्मा, अभिषेक वर्मा, दिनेश कुमार मौजूद रहे।
विज्ञापन
नेपाल में हो रही तेज बारिश की वजह से रविवार को शारदा बैराज से 164702, गिरिजा बैराज से 180107 व सरयू बैराज से 354166 लाख क्यूसेक पानी बहराइच की घाघरा नदी में छोड़ा गया है, जिससे महसी तहसील क्षेत्र के पचदेवरी, चुरईपुरवा, गंगापुरवा बाहरपुर, मांझा दरियापुर, बरुआ बेहड़, सुकईपुर, गुरुदत्तसिंह गरेठी, घूरदेवी, भंवरी, सिपहिया हुलास, सरसठ बिठोरा, समदा जुगलपुरवा, छतरपुरवा, तारापुरवा, प्रहलादपुरवा, चुन्नीलालपुरवा, मथुरापुरवा, रतनपुर, सिलोटा, जोगापुरवा, कायमपुर, पिपरी, पिपरा समेत 25 गांव कटान के निशाने पर आ गए हैं।
विज्ञापन
लोग घरों से निकलकर सुरक्षित स्थान की ओर जाने लगे हैं। खेती की उपजाई जमीन भी नदी में समा रही है। महसी के एसडीएम एसएन त्रिपाठी ने बताया कि हालात पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है। प्रशासन किसी भी हालात से निपटने में सक्षम हैं। तहसीलदार महसी राजेश कुमार वर्मा ने कहा कि घाघरा नदी के जलस्तर में मामूली बढ़त दर्ज की गई है।
विज्ञापन
घूरदेवी स्पर पर घाघरा नदी का स्तर 112.135 के सापेक्ष 112.420 सेंटीमीटर मापा गया है। यह खतरे के निशान से 28.5 सेंटीमीटर ऊपर है। उधर, कैसरगंज, नानपारा व मोतीपुर तहसील क्षेत्र के भी लगभग 35 गांव बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं।
शिक्षकों ने जलभराव के बीच फहराया तिरंगा
बौंडी (बहराइच)। महसी तहसील क्षेत्र के अटोडर व सीतापुर जिले की सीमा से सटे बरुआ बेहड़ गांव में जलभराव के बीच शिक्षकों ने पहुंचकर तिरंगा फहराया। ग्राम पंचायत अटोडर के प्राथमिक व जूनियर विद्यालय में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। विद्यालय परिसर में काफी पानी भरा होने से शिक्षकों ने 15 अगस्त के पावन अवसर पर बेलहा-बेहरौली तटबंध पर जाकर ध्वजारोहण किया।
उधर, सीतापुर जिले की सीमा से सटे बरुआ बेहड़ गांव व स्कूल में भी बाढ़ का पानी भरा था। विद्यालय प्रभारी पूरनलाल ने बताया कि बावजूद इसके सभी शिक्षकों ने विद्यालय पहुंचकर ध्वजारोहण किया। इस दौरान प्रबंध समिति अध्यक्ष मोहन कुमार, हरिओम मिश्र, मेवालाल, अनुराग वर्मा, अभिषेक वर्मा, दिनेश कुमार मौजूद रहे।