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Bahraich News: हंगामा, तोड़फोड़-आगजनी सहते बीता पूरा दिन

Tue, 15 Oct 2024 02:54 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Tue, 15 Oct 2024 02:54 AM IST
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The whole day was spent enduring uproar, vandalism and arson

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बहराइच। पुलिस-प्रशासन की नाकामी से ही बहराइच में हिंसा भड़की। प्रतिमा विसर्जन के दिन सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी थे। हिंसा होने का कोई भी इनपुट नहीं था। हैरानी यह है कि सोमवार को दूसरे दिन भी सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम करने में अफसर नाकाम साबित हुए। इसलिए दूसरे दिन बवाल, तोड़फोड़ और आगजनी हुई। पूरे मामले में पुलिस का खूफिया तंंत्र फेल रहा। पूरे घटनाक्रम में एडीजी जोन से लेकर आईजी और एसपी बहराइच सवालों के घेरे में हैं।
शहर में हर साल प्रतिमा विसर्जन होता है, जिसमें डीजे के साथ शोभायात्रा निकाली जाती है। ऐसे में पुलिस अफसरों की जिम्मेदारी थी कि वह सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते। क्योंकि यात्रा का रूट पहले से ही तय होता है। लेकिन, बहराइच पुलिस और प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। यही वजह है कि जब बवाल शुरू हुआ तो पुलिस बल नाकाफी साबित हुआ। उपद्रवी हावी हो गए। उन्होंने जो चाहा वही किया। गोपाल को घर के भीतर खींच ले गए। पीटा, बर्बरता की और फिर गोली भी मार दी। उसे बचाने पुलिस नहीं आ सकी।
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नाकामी पर नाकामी
रविवार को पहले दिन हिंसा के बाद मुख्यमंत्री ने घटना का संज्ञान लिया था। उच्चाधिकारियों को निर्देश दिये थे। अफसरों ने दावा किया था कि अब सुरक्षा के पूरे इंतजाम कर लिए गए हैं। लेकिन सोमवार सुबह जब रामगोपाल का शव घर पहुंचा तो उसके बाद कई घंटे तक गांवों और कस्बों में तोड़फोड़, आगजनी और अराजकता होती रही। दोपहर बाद जब एडीजी एलओ ने मोर्चा संभाला तब जाकर कुछ माहौल शांत हुआ। सवाल है कि आखिर पहले दिन हिंसा के बाद दूसरे दिन लापरवाही क्यों बरती गई? पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती क्यों नहीं की गई? ऐसे तमाम सवाल पुलिस पर उठ रहे हैं।
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हर तरह से बरती गई लापरवाही
त्योहार से पहले सीएम ने वीसी की थी, जिसमें जोन, रेंज और जिला कप्तान शामिल हुए थे। विसर्जन पर विशेष
सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन हिंसा ने आदेश-निर्देश की धज्जी उड़ा दी। अफसरों की लापरवाही और नाकामी हावी रही।
गुमटियां पलटीं, उखाड़े झंडे
शिवपुर। भीड़ का आक्रोश बेहड़ा में भी देखने को मिला, जहां नाई की दुकान समेत तीन गुमटियों को पलट दिया। यही नहीं, गुमटियों में आगजनी भी की। (संवाद)

मस्जिद के गेट पर लगा गुंबद क्षतिग्रस्त
शिवपुर (बहराइच)। आगजनी और हिंसा के बीच जिले के खैरीघाट थाना प्रभारी संजय सिंह की बड़ी लापरवाही देखने को मिली। इस कारण उपद्रवियों ने मस्जिद गेट पर लगे दो गुंबदों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान शिवपुर बाजार में भी लोग जमा हुए। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने से कोई अप्रिय घटना नहीं हो सकी।
हिंसा के बाद महराजगंज के सभी स्कूल बंद
बहराइच। महसी तहसील के महराजगंज में सांप्रदायिक हिंसा भड़कने के बाद सोमवार को महराजगंज के लगभग सभी व शहर के कुछ स्कूलों को बंद कर दिया गया। महसी के खंड शिक्षाधिकारी रामतिलक वर्मा ने बताया कि जरूरत के अनुसार फोर्स को स्कूलों में रोका गया है। सुरक्षा के मद्देनजर स्कूलों में छुट्टी की गई है। जरूरत पड़ी तो ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन कराया जाएगा। अभी हमारी प्राथमिकता सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करना है। (संवाद)

सुबह पोस्टमार्टम, दोपहर बाद अंतिम संस्कार
बहराइच। सोमवार सुबह करीब छह से सात बजे के बीच रामगोपाल के शव का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंपा गया। लेकिन शव रेहुवा गांव पहुंचते ही स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पूरा गांव पुलिस व प्रशासन के विरुद्ध लामबंद हो गया। पुलिस व प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस दौरान लोगों को समझाकर दाह संस्कार करवाने पहुंचे तहसीलदार को लोगों ने खदेड़ दिया। वह किसी तरह से वहां से निकले। दोपहर बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए किसी तरह से राजी हुए।
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भारी पुलिस बल व पीएसी तैनात, लाठी लेकर युवा करते रहे प्रदर्शन
प्रदर्शन स्थल व रेहुआ गांव में भारी पुलिस फोर्स तैनात है। पीएसी के जवान भी स्थिति से निपटने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन समय बढ़ने के साथ ही तनाव बढ़ रहा है। सैकड़ों की संख्या में मौजूद युवा हाथों में लाठी-डंडा लेकर नारेबाजी करते हुए सड़कों पर घूमते रहे।
कर्फ्यू जैसे हालात, बंद रही बाजार
बहराइच। महसी के महराजगंज कस्बे में प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान हुई पत्थरबाजी व गोलीकांड की आग धीरे-धीरे पूरे जिले में फैलती जा रही है। सोमवार सुबह से जिले में डर व दहशत का माहौल रहा। शहर की मुख्य बाजार घंटाघर से पीपल तिराहे तक की दुकानें बंद रहीं।
महराजगंज कस्बे में सुबह से ही सन्नाटा रहा। सिर्फ पुलिसकर्मी ही नजर आए। दहशत के बीच लोग अपने घरों में कैद रहे और बाजार की सभी दुकानें बंद रहीं। विवाद का असर शिवपुर विकासखंड की बजारों में भी देखने को मिला। पूरे शिवपुर में बंदी रही। इस दौरान जगह-जगह प्रदर्शन होता रहा। खैरीघाट, भगवानपुर चौराहा, राजी चौराहा व महसी में भी बजारें बंद रहीं।

दूसरे समुदाय को आशंका थी...हिंसा होगी
दूसरे समुदाय के जिन घरों और दुकानों पर भीड़ ने सोमवार को धावा बोला व आगजनी की वहां पर लोग नहीं थे। अगर उनकी मौजूदगी होती तो बहुत बड़ी घटना हो सकती थी। साफ है कि उन लोगों को आशंका थी कि सोमवार को बवाल बढ़ सकता है। इसलिए वे घर और दुकान खाली कर सुरक्षित जगहों पर चले गए थे। कुछ लोगों को पुलिस ने भी बचा लिया। (संवाद)
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