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Bahraich News: सरयू का बढ़ा जलस्तर, पीपा पुल पर मंडराया संकट
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घाघराघाट स्थित सरयू नदी का बढ़ा जलस्तर।
- फोटो : अमर उजाला
जरवलरोड। सरयू नदी का जलस्तर अचानक बुधवार को बढ़ गया। इससे लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन को लेकर नई चिंता खड़ी हो गई है। संजय सेतु की मरम्मत के चलते वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में बने अस्थायी पीपा पुल पर नदी का दबाव बढ़ने लगा है। जलस्तर में तेजी से हुई वृद्धि के कारण कई पीपे ऊपर उठ गए हैं, जिससे एप्रोच मार्ग पर आवागमन कठिन होता जा रहा है।
16 अप्रैल से संजय सेतु मरम्मत कार्य के लिए बंद है और तभी से पीपा पुल ही इस मार्ग का सहारा बना हुआ है, लेकिन बरसात से पहले ही नेपाल के पहाड़ों पर हो रही वर्षा के चलते सरयू के तेवर बदलने लगे हैं। नदी का जलस्तर रात से लगातार बढ़ रहा है और पीपा पुल की स्थिति पहले जैसी नहीं रह गई है। इससे भारी वाहनों और यात्रियों में चिंता बढ़ने लगी है।
हालांकि, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और निर्माण एजेंसी का दावा है कि संजय सेतु का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। पुल पर डामरीकरण पूरा कर लिया गया है और केवल रंग-रोगन सहित कुछ अंतिम कार्य शेष हैं। एएम बिल्डर्स के इंजीनियर रेहान ने बताया कि संजय सेतु वाहनों की आवाजाही के लिए लगभग तैयार है और शेष कार्य गुरुवार तक पूरा कर लिया जाएगा।
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अब क्षेत्रवासियों और यात्रियों की निगाहें पांच जून पर टिकी हैं। यदि तय समय पर संजय सेतु का उद्घाटन हो जाता है तो बढ़ते जलस्तर से उत्पन्न संभावित संकट टल जाएगा। वहीं, देरी की स्थिति में सरयू का बढ़ता पानी राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
पीपा पुल पर क्यों बढ़ी चिंता
सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
कई पीपे पानी के दबाव से ऊपर उठने लगे हैं।
एप्रोच मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने लगी है।
बरसात शुरू होने पर स्थिति और गंभीर हो सकती है।
संजय सेतु का समय पर शुरू होना अब बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।
क्या बोले इंजीनियर
एएम बिल्डर्स के इंजीनियर रेहान ने बताया कि संजय सेतु पर डामरीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। पुल वाहनों के संचालन के लिए लगभग तैयार है। लेकिन अंतिम फैसला शासन स्तर पर होना है। रिपोर्ट भेज दी गई है, उम्मीद है जल्द संजय सेतु पर यातायात बहाल कर दिया जाएगा। ।
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16 अप्रैल से संजय सेतु मरम्मत कार्य के लिए बंद है और तभी से पीपा पुल ही इस मार्ग का सहारा बना हुआ है, लेकिन बरसात से पहले ही नेपाल के पहाड़ों पर हो रही वर्षा के चलते सरयू के तेवर बदलने लगे हैं। नदी का जलस्तर रात से लगातार बढ़ रहा है और पीपा पुल की स्थिति पहले जैसी नहीं रह गई है। इससे भारी वाहनों और यात्रियों में चिंता बढ़ने लगी है।
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हालांकि, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और निर्माण एजेंसी का दावा है कि संजय सेतु का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। पुल पर डामरीकरण पूरा कर लिया गया है और केवल रंग-रोगन सहित कुछ अंतिम कार्य शेष हैं। एएम बिल्डर्स के इंजीनियर रेहान ने बताया कि संजय सेतु वाहनों की आवाजाही के लिए लगभग तैयार है और शेष कार्य गुरुवार तक पूरा कर लिया जाएगा।
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अब क्षेत्रवासियों और यात्रियों की निगाहें पांच जून पर टिकी हैं। यदि तय समय पर संजय सेतु का उद्घाटन हो जाता है तो बढ़ते जलस्तर से उत्पन्न संभावित संकट टल जाएगा। वहीं, देरी की स्थिति में सरयू का बढ़ता पानी राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
पीपा पुल पर क्यों बढ़ी चिंता
सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
कई पीपे पानी के दबाव से ऊपर उठने लगे हैं।
एप्रोच मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने लगी है।
बरसात शुरू होने पर स्थिति और गंभीर हो सकती है।
संजय सेतु का समय पर शुरू होना अब बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।
क्या बोले इंजीनियर
एएम बिल्डर्स के इंजीनियर रेहान ने बताया कि संजय सेतु पर डामरीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। पुल वाहनों के संचालन के लिए लगभग तैयार है। लेकिन अंतिम फैसला शासन स्तर पर होना है। रिपोर्ट भेज दी गई है, उम्मीद है जल्द संजय सेतु पर यातायात बहाल कर दिया जाएगा। ।