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Bahraich News: प्राचार्य ने बाहर की दवा लिखने वालों को दी चेतावनी
Fri, 06 Jun 2025 01:04 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Fri, 06 Jun 2025 01:04 AM IST
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बहराइच। बाहर से दवा लिखने के मामले में मेडिकल काॅलेज प्रशासन सख्त हे गया है। इसके लिए प्राचार्य ने सभी संकाय अध्यक्ष को पत्र लिखकर चेतावनी जारी की है। इसमें कहा है कि बाहर से दवा लिखने वाले पर अब सीधे कार्रवाई की जाएगी।
महाराजा सुहेलदेव स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. संजय खत्री ने समस्त संकाय सदस्य, चिकित्सक व सभी एसआर व जेआर को पत्र भेजा है। जिसमें लिखा है कि कुछ संकाय सदस्यों, चिकित्सक व एसआर व जेआर द्वारा मरीजों को बाहर की दवा लिखना अत्यंत खेद का विषय है। यह अपने कार्यों के प्रति अत्यंत लापरवाह व उदासीन प्रदर्शित करता है। शासन व विभाग द्वारा निर्गत आदेशों की अवहेलना है। यह घोर अनुशासनहीनता का प्रतीक है।
इस कार्य से विभाग और मेडिकल कॉलेज की छवि धूमिल हो रही है। प्रो. खत्री ने पत्र में कहा है कि चिकित्सालय में आए मरीजों को उत्तर प्रदेश कार्पोरेशन के माध्यम से उपलब्ध औषधियां और इसके अतिरिक्त मरीजों को अमृत फार्मेसी व प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के माध्यम से ही दवा लिखना सुनिश्चित करें। भविष्य में यदि किसी भी संकाय सदस्य, चिकित्सक, एसआर व जेआर द्वारा बाहर की दवाएं लिखने की सूचना या शिकायत प्राप्त होती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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जांच के लिए आंतरिक समिति गठित
किस विभाग में बाहर की दवाएं लिखी जा रही हैं, इसके लिए प्राचार्य ने एक आंतरिक समिति का गठन किया है। यह समिति गोपनीय रूप से मेडिकल काॅलेज में यह पता लगाएगी की कौन-कौन चिकित्सक बाहर की दवा लिख रहे है। इसके लिए टीम के सदस्य फोटो खींच कर साक्ष्य भी एकत्र करेंगे।
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महाराजा सुहेलदेव स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. संजय खत्री ने समस्त संकाय सदस्य, चिकित्सक व सभी एसआर व जेआर को पत्र भेजा है। जिसमें लिखा है कि कुछ संकाय सदस्यों, चिकित्सक व एसआर व जेआर द्वारा मरीजों को बाहर की दवा लिखना अत्यंत खेद का विषय है। यह अपने कार्यों के प्रति अत्यंत लापरवाह व उदासीन प्रदर्शित करता है। शासन व विभाग द्वारा निर्गत आदेशों की अवहेलना है। यह घोर अनुशासनहीनता का प्रतीक है।
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इस कार्य से विभाग और मेडिकल कॉलेज की छवि धूमिल हो रही है। प्रो. खत्री ने पत्र में कहा है कि चिकित्सालय में आए मरीजों को उत्तर प्रदेश कार्पोरेशन के माध्यम से उपलब्ध औषधियां और इसके अतिरिक्त मरीजों को अमृत फार्मेसी व प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के माध्यम से ही दवा लिखना सुनिश्चित करें। भविष्य में यदि किसी भी संकाय सदस्य, चिकित्सक, एसआर व जेआर द्वारा बाहर की दवाएं लिखने की सूचना या शिकायत प्राप्त होती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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जांच के लिए आंतरिक समिति गठित
किस विभाग में बाहर की दवाएं लिखी जा रही हैं, इसके लिए प्राचार्य ने एक आंतरिक समिति का गठन किया है। यह समिति गोपनीय रूप से मेडिकल काॅलेज में यह पता लगाएगी की कौन-कौन चिकित्सक बाहर की दवा लिख रहे है। इसके लिए टीम के सदस्य फोटो खींच कर साक्ष्य भी एकत्र करेंगे।