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मेले की अंतिम चौथी आज, जुटे जायरीन
अमर उजाला/बहराइच
Updated Sat, 10 Jun 2017 10:58 PM IST
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दरगाह पर जुटे जायरीन
- फोटो : अमर उजाला
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सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर चल रहे जेठ मेले की अंतिम चौथी रविवार को है। इसके लिए जायरीन की भीड़ फिर जुटने लगी है। शनिवार को गाजी की शान में कसीदे पढ़ते हुए विभिन्न जनपदों के जायरीन जत्थों में दरगाह पहुंचे। चित्तौरा झील के तट पर फिर जायरीन ने डेरा डाल दिया है। झील के तट से जायरीन गाजी की शान में कसीदे पढ़ते हुए दरगाह शरीफ में मजार शरीफ पर हाजिरी लगा रहे हैं।
सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर जेठ मेले की अंतिम चौथी आज है। इसके लिए दरगाह प्रबंध समिति ने व्यवस्था चौकस कर ली हैं। जायरीन भी चौथी में शामिल होने के लिए दस्तक देने लगे हैं। आजमगढ़, बिहार के सीवान, पटना, रांची, दिल्ली, राजस्थान, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, देवरिया, बस्ती से भी जायरीन का रेला बहराइच पहुंचने लगा है। चित्तौरा झील के तट पर जायरीन डेरा डाले हुए हैं।
यहां पर परंपरागत तरीके से स्नान व पूजा-अर्चना कर निशान हाथों में लेकर जायरीन हठीले होते हुए गाजी की दरगाह पर पहुंचकर हाजिरी लगा रहे हैं। गाजी की शान में कसीदे पढ़ते हुए जायरीन चादर लेकर मजार शरीफ पर पहुंच रहे हैं।
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मेला परिसर में भीड़ फिर बढ़ गई है। प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि अंतिम चौथी में जायरीन की तादाद अधिक रहती है ऐसे में बिजली, पानी की व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली गईं हैं। साफ-सफाई के लिए सफाईकर्मी चौबीस घंटे निगरानी कर रहे हैं।
दरगाह मेले में मेलार्थियों की भीड़ गुरुवार को भी उमड़ती रही। मेला परिसर में स्थित रेडीमेड कपड़े, चीनी मिट्टी, कांच के बर्तन, लाठी आदि की खरीदारी जमकर हुई। महिला मेलार्थियों ने ढोल व चूड़ियां खरीदीं। मेले में स्थानीय खरीददारों की संख्या अधिक है।
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सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर जेठ मेले की अंतिम चौथी आज है। इसके लिए दरगाह प्रबंध समिति ने व्यवस्था चौकस कर ली हैं। जायरीन भी चौथी में शामिल होने के लिए दस्तक देने लगे हैं। आजमगढ़, बिहार के सीवान, पटना, रांची, दिल्ली, राजस्थान, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, देवरिया, बस्ती से भी जायरीन का रेला बहराइच पहुंचने लगा है। चित्तौरा झील के तट पर जायरीन डेरा डाले हुए हैं।
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यहां पर परंपरागत तरीके से स्नान व पूजा-अर्चना कर निशान हाथों में लेकर जायरीन हठीले होते हुए गाजी की दरगाह पर पहुंचकर हाजिरी लगा रहे हैं। गाजी की शान में कसीदे पढ़ते हुए जायरीन चादर लेकर मजार शरीफ पर पहुंच रहे हैं।
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मेला परिसर में भीड़ फिर बढ़ गई है। प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि अंतिम चौथी में जायरीन की तादाद अधिक रहती है ऐसे में बिजली, पानी की व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली गईं हैं। साफ-सफाई के लिए सफाईकर्मी चौबीस घंटे निगरानी कर रहे हैं।
दरगाह मेले में मेलार्थियों की भीड़ गुरुवार को भी उमड़ती रही। मेला परिसर में स्थित रेडीमेड कपड़े, चीनी मिट्टी, कांच के बर्तन, लाठी आदि की खरीदारी जमकर हुई। महिला मेलार्थियों ने ढोल व चूड़ियां खरीदीं। मेले में स्थानीय खरीददारों की संख्या अधिक है।