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Bahraich News: दिन में तपिश ने झुलसाया, रात में बिजली ने सताया
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बहराइच में चिलचिलाती धूप में गुजरते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
बहराइच। तराई में जून की शुरुआत से ही गर्मी ने फिर तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह नौ बजे के बाद ही धूप की तपिश झुलसने का अहसास कराने लगी। दोपहर तक सड़कें सूनीं हो गईं। वहीं, रात में बिजली कटौती ने लोगों की नींद उड़ा दी।
शहर के घंटाघर, छावनी चौराहा, अस्पताल रोड, नानपारा रोड और रेलवे स्टेशन इलाके में दोपहर के समय सन्नाटा पसरा रहा। गर्म हवा और उमस ने सबसे ज्यादा बच्चों, बुजुर्गों तथा कामकाजी लोगों को परेशान किया। फखरपुर, महसी, मटेरा और बिछिया इलाके में रात के समय रोस्टर के विपरीत बिजली कटौती से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। फखरपुर, महसी, बौंडी इलाकों में देर रात तक बिजली गुल रहने की शिकायतें मिल रही हैं। उमस भरी गर्मी में पंखे और कूलर बंद पड़ने से लोगों की नींद हराम हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली न रहने से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है, क्योंकि अधिकांश घरों में पानी की व्यवस्था मोटरों पर निर्भर है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. पीएल त्रिपाठी ने बताया कि फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। अगले कुछ दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है।
बाजार व अस्पतालों में दिख रहा गर्मी का असर
गर्मी का असर बाजारों पर भी दिखाई देने लगा है। शीतल पेय, तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी की बिक्री में अचानक बढ़ोतरी हुई है। वहीं, अस्पतालों में भी गर्मी और डिहाइड्रेशन से संबंधित शिकायतों वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पी तिवारी के अनुसार तेज गर्मी में शरीर में पानी की कमी तेजी से होती है। चक्कर आना, सिरदर्द, अत्यधिक पसीना, कमजोरी और उल्टी जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। गर्मी के मौसम में तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें और लंबे समय तक खाली पेट न रहें।
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तपिश से कैसे बचें
-दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें।
-पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी और ओआरएस का सेवन करें।
-हल्के रंग के और सूती कपड़े पहनें।
-सिर को गमछे, टोपी या छाते से ढककर रखें।
-बासी और अधिक तैलीय भोजन से परहेज करें।
-बच्चों और बुजुर्गों को धूप से विशेष रूप से बचाएं।
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शहर के घंटाघर, छावनी चौराहा, अस्पताल रोड, नानपारा रोड और रेलवे स्टेशन इलाके में दोपहर के समय सन्नाटा पसरा रहा। गर्म हवा और उमस ने सबसे ज्यादा बच्चों, बुजुर्गों तथा कामकाजी लोगों को परेशान किया। फखरपुर, महसी, मटेरा और बिछिया इलाके में रात के समय रोस्टर के विपरीत बिजली कटौती से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। फखरपुर, महसी, बौंडी इलाकों में देर रात तक बिजली गुल रहने की शिकायतें मिल रही हैं। उमस भरी गर्मी में पंखे और कूलर बंद पड़ने से लोगों की नींद हराम हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली न रहने से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है, क्योंकि अधिकांश घरों में पानी की व्यवस्था मोटरों पर निर्भर है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. पीएल त्रिपाठी ने बताया कि फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। अगले कुछ दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है।
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बाजार व अस्पतालों में दिख रहा गर्मी का असर
गर्मी का असर बाजारों पर भी दिखाई देने लगा है। शीतल पेय, तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी की बिक्री में अचानक बढ़ोतरी हुई है। वहीं, अस्पतालों में भी गर्मी और डिहाइड्रेशन से संबंधित शिकायतों वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पी तिवारी के अनुसार तेज गर्मी में शरीर में पानी की कमी तेजी से होती है। चक्कर आना, सिरदर्द, अत्यधिक पसीना, कमजोरी और उल्टी जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। गर्मी के मौसम में तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें और लंबे समय तक खाली पेट न रहें।
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तपिश से कैसे बचें
-दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें।
-पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी और ओआरएस का सेवन करें।
-हल्के रंग के और सूती कपड़े पहनें।
-सिर को गमछे, टोपी या छाते से ढककर रखें।
-बासी और अधिक तैलीय भोजन से परहेज करें।
-बच्चों और बुजुर्गों को धूप से विशेष रूप से बचाएं।