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लकड़ी बीनने गई बालिका को बाघ ने मार डाला

Fri, 07 Jan 2022 11:03 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 07 Jan 2022 11:03 PM IST
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The girl who went to pick up wood was killed by the tiger
नवाबगंज के अब्दुल्लागंज रेंज में तेंदुए के हमले में किशोरी की मौत के बाद जमा भीड़। - फोटो : BAHRAICH
नवाबगंज (बहराइच)। अब्दुल्लाहगंज जंगल में लकड़ी बीनने गई बालिका को बाघ ने अपना निवाला बना लिया। बालिका का आधा पैर बाघ खा गया। शोर शराबा सुनकर बाघ फिर से जंगल की ओर भाग गया। बालिका का कपड़ा व शव अलग-अलग स्थान पर बरामद हुआ । सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। बालिका का शव देखकर परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वन विभाग की टीम जांच में जुट गई है।
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नवाबगंज थाना क्षेत्र के चनैनी गांव निवासी परशुराम यादव की पुत्री सीमा यादव (12) शुक्रवार को गांव से लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित अब्दुल्लागंज रेंज के इटहवा बीट में लकड़ी बीनने के लिए गई थी। बताया जाता है कि वह लकड़ी बीनते-बीनते जंगल के काफी अंदर चली गई और अचानक उसके सामने बाघ आ गया। बाघ ने बालिका पर हमला किया तो वह चिल्ला उठी। बालिका की आवाज सुनकर जंगल में मौजूद अन्य बच्चे शोर मचाते हुए जंगल से बाहर की ओर दौड़े।
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बच्चों का शोर सुनकर वन विभाग की टीम व इटहवा गांव के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन वहां पर बालिका नहीं थी। खून के निशान को देखते हुए सब लोग आगे बढ़े तो देखा कि एक स्थान पर बालिका का शव पड़ा था और कुछ दूरी पर चप्पल। बालिका का आधा पैर बाघ ने चबा लिया था। बालिका की मौत की सूचना पर पहुंचे परिवारीजन उसे देखते ही बेहोश हो गए। होश आने पर परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वन विभाग की टीम मौके पर गश्त कर रही है। नवाबगंज थानाध्यक्ष रामसमुझ प्रभाकर ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।
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लगाया जाएगा कैमरा
अब्दुलागंज जंगल में बालिका की मौत के बाद वन विभाग ने कैमरा ट्रैप लगाने का फैसला लिया है। यह कैमरा पेड़ पर लगाया जाएगा। जो बाघ व तेंदुए के मूवमेंट को आसानी से कैद कर लेगा। कैमरा लगाने का मुख्य उद्देश्य बाघ की संख्या तय करना है।

सात महीने से मौजूद है जंगल में बाघ
बालिका की मौत बाघ के हमले में हो सकती है, क्योंकि वहां पर सात महीने पहले ही बाघ को देखा जा चुका है। बावजूद इसके पदचिह्नों को देखा जा रहा है। बालिका जंगल में दो-तीन किलोमीटर अंदर तक जा चुकी थी। ऐसे में बाघ के हमले से भी इंकार नहीं किया जा सकता। जांच की जा रही है। -एपी यादव, प्रभारी डीएफओ बहराइच
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