{"_id":"6a5a710ed311c7e8580b19c2","slug":"the-clouds-have-been-kind-farming-and-agriculture-are-flourishing-bahraich-news-c-98-1-bhr1024-153294-2026-07-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bahraich News: बादलों ने की मेहरबानी, खिल उठी खेती-किसानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bahraich News: बादलों ने की मेहरबानी, खिल उठी खेती-किसानी
विज्ञापन
बारिश के दौरान खेत में धान की रोपाई करते किसान।
बहराइच। कई दिनों के इंतजार के बाद शुक्रवार को मानसून ने आखिरकार तराई पर मेहरबानी दिखाई। सुबह से रुक-रुक कर होती बूंदाबांदी के बाद करीब 11 बजे से झमाझम बारिश शुरू हुई, जो दोपहर तक जारी रही। सीजन में पहली बार दिन के समय हुई अच्छी बारिश से धान की रोपाई कर चुके किसानों के चेहरे खिल उठे, वहीं उमस और गर्मी से परेशान लोगों को भी बड़ी राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान पांच डिग्री की गिरावट के साथ 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा।
धान की खेती करने वाले किसान रामऔतार वर्मा ने बताया कि बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी आ गई है। अब धान की रोपाई और फसल की बढ़वार को गति मिलेगी। किसान हरिशरण सिंह ने कहा कि कई दिनों से खेत सूखने लगे थे, लेकिन इस बारिश ने खेती को नई उम्मीद दी है। वहीं संतोष सिंह का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह बारिश होती रही तो खरीफ की फसलों को बड़ा लाभ मिलेगा।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. पीएल त्रिपाठी ने बताया कि मानसूनी गतिविधियां तराई में अब पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं। अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश की संभावना बनी हुई है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें और मौसम को देखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
धान की खेती करने वाले किसान रामऔतार वर्मा ने बताया कि बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी आ गई है। अब धान की रोपाई और फसल की बढ़वार को गति मिलेगी। किसान हरिशरण सिंह ने कहा कि कई दिनों से खेत सूखने लगे थे, लेकिन इस बारिश ने खेती को नई उम्मीद दी है। वहीं संतोष सिंह का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह बारिश होती रही तो खरीफ की फसलों को बड़ा लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
मौसम विशेषज्ञ डॉ. पीएल त्रिपाठी ने बताया कि मानसूनी गतिविधियां तराई में अब पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं। अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश की संभावना बनी हुई है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें और मौसम को देखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाएं।
विज्ञापन