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Bahraich News: पीपा पुल का एप्रोच मार्ग धंसा
Fri, 08 May 2026 12:47 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Fri, 08 May 2026 12:47 AM IST
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पीपा पुल पर जाम लगने के बाद मरम्मत करते श्रमिक। -संवाद
जरवलरोड। संजय सेतु की मरम्मत के दौरान बनाए गए अस्थायी पीपा पुल की हालत बिगड़ने लगी है। बुधवार रात पीपा पुल के दक्षिणी छोर पर एप्रोच मार्ग धंस जाने से करीब डेढ़ घंटे तक आवागमन बाधित रहा, राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया। बारिश के बाद एप्रोच मार्ग पर बिछाई गई लोहे की चादरों के धंसने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
संजय सेतु पर मरम्मत कार्य चलने के कारण 16 अप्रैल से वाहनों का संचालन अस्थायी पीपा पुल के जरिये कराया जा रहा है। इस पुल के दोनों ओर बालू पर लोहे की मोटी चादरें बिछाकर एप्रोच मार्ग तैयार किया गया है, लेकिन बुधवार को हुई बारिश के बाद से चादरें जगह-जगह धंसने लगीं। कई स्थानों पर चादरों को जोड़ने वाले नट-बोल्ट भी खुल गए, जिससे भारी वाहनों के निकलने में दिक्कतें बढ़ गईं।
रात में एक के बाद एक कई वाहन दक्षिणी छोर पर धंसने लगे। इसके बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, लगभग डेढ़ घंटे तक आवागमन बाधित रहा। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने किसी तरह वाहनों को दूसरे हिस्से से निकालकर स्थिति संभालने की कोशिश की।
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वाहन चालकों का कहना है कि पीपा पुल पर आए दिन यही समस्या हो रही है। हल्की बारिश से ही लोहे की चादरें धंस जाती हैं, जिससे घंटों जाम लगता है। जाम में स्कूली बच्चे, बुजुर्ग, मरीज और एंबुलेंस तक फंस जाती हैं।
लोगों ने आरोप लगाया कि अस्थायी व्यवस्था पर्याप्त मजबूत न होने के कारण राहगीरों को रोज परेशानी झेलनी पड़ रही है। मौके पर मौजूद कुछ यात्रियों ने बताया कि रात के समय समस्या और बढ़ जाती है, क्योंकि अंधेरे में धंसी हुई चादरों और खराब रास्ते का अंदाजा नहीं लग पाता।
लोक निर्माण विभाग के जेई राजेश वर्मा ने बताया कि भारी वाहनों के लगातार दबाव के कारण चादरों के नट-बोल्ट खुल जा रहे हैं। विभाग की टीम लगातार मरम्मत कार्य में लगी हुई है। समय-समय पर नट-बोल्ट कसकर रास्ते को दुरुस्त किया जा रहा है।
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बारिश के कारण हो रही दिक्कत
बारिश के कारण दिक्कतें बढ़ रही हैं। इसके बावजूद विभाग की टीम लगातार पीपा पुल के एप्रोच मार्ग की निगरानी कर रही है, ताकि आवागमन सुचारु रखा जा सके और लोगों को कम से कम परेशानी हो।
-अजीत कुमार सिंह, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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संजय सेतु पर मरम्मत कार्य चलने के कारण 16 अप्रैल से वाहनों का संचालन अस्थायी पीपा पुल के जरिये कराया जा रहा है। इस पुल के दोनों ओर बालू पर लोहे की मोटी चादरें बिछाकर एप्रोच मार्ग तैयार किया गया है, लेकिन बुधवार को हुई बारिश के बाद से चादरें जगह-जगह धंसने लगीं। कई स्थानों पर चादरों को जोड़ने वाले नट-बोल्ट भी खुल गए, जिससे भारी वाहनों के निकलने में दिक्कतें बढ़ गईं।
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रात में एक के बाद एक कई वाहन दक्षिणी छोर पर धंसने लगे। इसके बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, लगभग डेढ़ घंटे तक आवागमन बाधित रहा। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने किसी तरह वाहनों को दूसरे हिस्से से निकालकर स्थिति संभालने की कोशिश की।
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वाहन चालकों का कहना है कि पीपा पुल पर आए दिन यही समस्या हो रही है। हल्की बारिश से ही लोहे की चादरें धंस जाती हैं, जिससे घंटों जाम लगता है। जाम में स्कूली बच्चे, बुजुर्ग, मरीज और एंबुलेंस तक फंस जाती हैं।
लोगों ने आरोप लगाया कि अस्थायी व्यवस्था पर्याप्त मजबूत न होने के कारण राहगीरों को रोज परेशानी झेलनी पड़ रही है। मौके पर मौजूद कुछ यात्रियों ने बताया कि रात के समय समस्या और बढ़ जाती है, क्योंकि अंधेरे में धंसी हुई चादरों और खराब रास्ते का अंदाजा नहीं लग पाता।
लोक निर्माण विभाग के जेई राजेश वर्मा ने बताया कि भारी वाहनों के लगातार दबाव के कारण चादरों के नट-बोल्ट खुल जा रहे हैं। विभाग की टीम लगातार मरम्मत कार्य में लगी हुई है। समय-समय पर नट-बोल्ट कसकर रास्ते को दुरुस्त किया जा रहा है।
बारिश के कारण हो रही दिक्कत
बारिश के कारण दिक्कतें बढ़ रही हैं। इसके बावजूद विभाग की टीम लगातार पीपा पुल के एप्रोच मार्ग की निगरानी कर रही है, ताकि आवागमन सुचारु रखा जा सके और लोगों को कम से कम परेशानी हो।
-अजीत कुमार सिंह, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग