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Bahraich News: सड़क पर घायल मिले शिक्षक की मौत, प्रदर्शन
Wed, 12 Nov 2025 01:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Wed, 12 Nov 2025 01:42 AM IST
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अस्पताल में मौजूद शिक्षक के परिजन। -संवाद
मिहींपुरवा। प्राथमिक विद्यालय सोमई बेली में तैनात शिक्षक की इलाज के दौरान सीएचसी में मंगलवार को मौत हो गई। वह सोमवार सुबह स्कूल के लिए निकले थे, लेकिन देर रात नानपारा–लखीमपुर हाईवे पर नैनिहा के पास सड़क किनारे घायल अवस्था में मिले। पुलिस ने उन्हें सीएचसी मोतीपुर में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
शिक्षक अजीत कुमार चंद्रा (42) मूल रूप से हरदोई जिले के ग्राम महड़ौरा पिपरी संडीला के निवासी थे। वह ग्राम पंचायत सोमई गौढ़ी के प्राथमिक विद्यालय सोमई बेली में तैनात थे। उनकी पत्नी आस्था चंद्रा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस रात करीब दो बजे घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल में छोड़कर चली गई। मंगलवार सुबह छह बजे तक वे जीवित थे, लेकिन चिकित्सक की लापरवाही और सही उपचार न मिलने से उनकी मौत हो गई।
आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. आरपी सिंह शराब के नशे में थे और उन्होंने घायल शिक्षक का समय पर उपचार नहीं किया। इस घटना के बाद मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में शिक्षक सीएचसी मोतीपुर पहुंचे और डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सीएचसी गेट पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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प्रदर्शन का नेतृत्व प्राथमिक शिक्षक संघ ब्लॉक अध्यक्ष राजेश गुप्ता और राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला कोषाध्यक्ष सगीर अंसारी ने किया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक दोषी चिकित्सक के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ डॉ. संजय शर्मा ने सीएचसी प्रभारी को निर्देश दिए हैं कि डॉ. आरपी सिंह का मेडिकल परीक्षण करवाया जाए और रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत की जाए।
प्रदर्शन के दौरान अस्पताल परिसर में अफरातफरी का माहौल रहा। प्रदर्शनकारी शिक्षकों को दोपहर बाद किसी तरह शांत करवाकर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया। घटना से शिक्षक समुदाय में भारी रोष व्याप्त है।
मंगलवार भोर 3:35 पर कर दिया था रेफर
डॉ. आरपी सिंह का कहना है कि उनके ऊपर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। उन्होंने कहा कि रात में शिक्षक को अज्ञात में लाया गया था। हालत काफी गंभीर थी। सिर पर गहरे जख्म थे, लगातार रक्तस्राव हो रहा था। इसके चलते भोर में 3:35 बजे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, लेकिन पुलिस शिक्षक को लेकर नहीं गई, ऐसे में उनकी कोई गलती नहीं है।
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शिक्षक अजीत कुमार चंद्रा (42) मूल रूप से हरदोई जिले के ग्राम महड़ौरा पिपरी संडीला के निवासी थे। वह ग्राम पंचायत सोमई गौढ़ी के प्राथमिक विद्यालय सोमई बेली में तैनात थे। उनकी पत्नी आस्था चंद्रा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस रात करीब दो बजे घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल में छोड़कर चली गई। मंगलवार सुबह छह बजे तक वे जीवित थे, लेकिन चिकित्सक की लापरवाही और सही उपचार न मिलने से उनकी मौत हो गई।
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आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. आरपी सिंह शराब के नशे में थे और उन्होंने घायल शिक्षक का समय पर उपचार नहीं किया। इस घटना के बाद मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में शिक्षक सीएचसी मोतीपुर पहुंचे और डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सीएचसी गेट पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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प्रदर्शन का नेतृत्व प्राथमिक शिक्षक संघ ब्लॉक अध्यक्ष राजेश गुप्ता और राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला कोषाध्यक्ष सगीर अंसारी ने किया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक दोषी चिकित्सक के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ डॉ. संजय शर्मा ने सीएचसी प्रभारी को निर्देश दिए हैं कि डॉ. आरपी सिंह का मेडिकल परीक्षण करवाया जाए और रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत की जाए।
प्रदर्शन के दौरान अस्पताल परिसर में अफरातफरी का माहौल रहा। प्रदर्शनकारी शिक्षकों को दोपहर बाद किसी तरह शांत करवाकर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया। घटना से शिक्षक समुदाय में भारी रोष व्याप्त है।
मंगलवार भोर 3:35 पर कर दिया था रेफर
डॉ. आरपी सिंह का कहना है कि उनके ऊपर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। उन्होंने कहा कि रात में शिक्षक को अज्ञात में लाया गया था। हालत काफी गंभीर थी। सिर पर गहरे जख्म थे, लगातार रक्तस्राव हो रहा था। इसके चलते भोर में 3:35 बजे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, लेकिन पुलिस शिक्षक को लेकर नहीं गई, ऐसे में उनकी कोई गलती नहीं है।