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Bahraich News: टीबी की दवाएं खत्म, लौटाए जा रहे मरीज

Wed, 15 May 2024 11:16 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Wed, 15 May 2024 11:16 PM IST
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TB medicines are over, patients are being returned
बहराइच/नानपारा/चर्दा। क्षय रोगियों को दी जाने वाली दवाएं जिले में खत्म हो गई हैं। इससे जिला मुख्यालय सहित सीएचसी नानपारा में दवा लेने आने वाले मरीजों को बैरंग लौटा दिया गया। डॉक्टरों का कहना है कि मरीज एक दिन दवा न खाए तो उसका बीते दिनों हुए इलाज का असर कम हो जाता है, जिससे मरीज को ठीक होने में समय ज्यादा लगता है, लेकिन दवा उपलब्ध न होने से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है।
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विभागीय सूत्रों के मुताबिक दवा मिलने में अभी समय लग सकता है। पिछले वर्ष इलाज का पूरा कोर्स कर 6778 मरीज टीबी रोग से मुक्त हो चुके हैं। वहीं वर्तमान में जिले में 8810 टीबी मरीज हैं जिनका इलाज चल रहा है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नानपारा में टीबी के लगभग 200 मरीजों का रजिस्ट्रेशन है। यहां करीब एक महीने से दवा की किल्लत बनी हुई थी। मरीजों को थोड़ी-थोड़ी दवा देकर काम चलाया जा रहा था। लेकिन सीएचसी में 30 अप्रैल से एक भी दवा उपलब्ध न होने से टीबी के मरीज अस्पताल आकर लौट जाते हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के एलटी राजकुमार ने बताया कि जिले से ही टीबी की दवा उपलब्ध न होने से मरीजों को दवा नहीं दी जा पा रही है। सीएचसी प्रभारी डॉ. चंद्रभान ने बताया कि टीबी की दवाएं नहीं हैं। उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई है। दवा आने पर मरीजों को दवा उपलब्ध कराया जाएगा।
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यही नहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चर्दा में भी दवाएं खत्म हो गई हैं। बुधवार को अस्पताल दवा लेने पहुंची रुपईडीहा के केवलपुर निवासी महिला ने बताया कि उसे दवा नहीं मिली। इससे उसे बाहर से दवा खरीदनी पड़ी। 10 दिन की दवा 400 रुपये में मिली है। इतने पैसे भी नहीं हैं कि हर महीने बाहर से दवा खरीदकर इलाज कर सके।
बीच में न छोड़ें इलाज, गंभीर हो सकती है बीमारी

टीबी रोग माइक्रो बैक्टीरियम नामक बैक्टीरिया से होने वाला संक्रमण है। इस बैक्टीरिया को नष्ट करने में लंबा समय लगता है। टीबी रोग विशेषज्ञों के अनुसार सामान्यतौर पर टीबी इलाज का पूरा कोर्स 6 से 9 महीनों तक चलता है, लेकिन किसी भी कारण से बीच में दवा खाना बंद कर देने से टीबी के बैक्टीरिया और अधिक ताकतवर हो जाते हैं और इलाज लंबा चलता है।



टीबी की दवाएं मौजूद हैं। हो सकता है अस्पताल में समय से दवा न पहुंच पाई हो। सीएचसी में दवा क्यों नहीं पहुंची है इसकी जानकारी ली जा रही है। -डॉ.राजेश कुमार, प्रभारी सीएमओ
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