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चुनाव में सुषमा को सुनने के लिए उमड़ पड़ती थी भीड़
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बहराइच। भाजपा की प्रखर वक्ता और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का बहराइच से गहरा नाता रहा है। बहराइच में होने वाले हर विधानसभा चुनाव में लगभग उनकी एक जनसभा तय रखी जाती थी। उनके निधन की सूचना मिलने पर जिले के नेता उनके साथ बिताए गए पलों को याद कर भावुक हो रहे हैं।
भाजपा के स्थापना काल से पार्टी को मजबूत बनाने के लिए काम करने वाली नेता सुषमा स्वराज का बहराइच की राजनीति में भी अच्छा खासा दखल रहता था। बहराइच की सांगठनिक गतिविधियों पर सुषमा लगातार नजर रखती थीं। वह संगठन की गतिविधियों का जायजा लेने के साथ ही पार्टी की नब्ज टटोलने के लिए लगभग हर चुनाव में बहराइच में एक जनसभा जरूर करने आती थीं।
भाजपा के जिला उपाध्यक्ष राहुल राय ने बताया कि सुषमा बहराइच के चुनावों को काफी महत्व देती थीं। वर्ष 1996 में पूर्व विधायक जटाशंकर सिंह के नानपारा से चुनाव लड़ने पर वह यहां जनसभा करने आयी थीं।
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जबकि इसी तरह वर्ष 2012 के चुनाव में नगर पालिका मैदान में बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल के पक्ष में चुनावी जनसभा को संबोधित करने भी आयी थीं। सबसे खास बात थी कि चुनाव में हार और जीत किसी भी पार्टी की हो, लेकिन उनकी जनसभा होने पर सुनने वालों की तादाद जनसभा स्थल को खचाखच भर देती थी।
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भाजपा के स्थापना काल से पार्टी को मजबूत बनाने के लिए काम करने वाली नेता सुषमा स्वराज का बहराइच की राजनीति में भी अच्छा खासा दखल रहता था। बहराइच की सांगठनिक गतिविधियों पर सुषमा लगातार नजर रखती थीं। वह संगठन की गतिविधियों का जायजा लेने के साथ ही पार्टी की नब्ज टटोलने के लिए लगभग हर चुनाव में बहराइच में एक जनसभा जरूर करने आती थीं।
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भाजपा के जिला उपाध्यक्ष राहुल राय ने बताया कि सुषमा बहराइच के चुनावों को काफी महत्व देती थीं। वर्ष 1996 में पूर्व विधायक जटाशंकर सिंह के नानपारा से चुनाव लड़ने पर वह यहां जनसभा करने आयी थीं।
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जबकि इसी तरह वर्ष 2012 के चुनाव में नगर पालिका मैदान में बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल के पक्ष में चुनावी जनसभा को संबोधित करने भी आयी थीं। सबसे खास बात थी कि चुनाव में हार और जीत किसी भी पार्टी की हो, लेकिन उनकी जनसभा होने पर सुनने वालों की तादाद जनसभा स्थल को खचाखच भर देती थी।