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Bahraich News: बुलेट, फेस रीडर व पीटीजेड कैमरों से नेपाल सीमा पर निगहबानी

Tue, 24 Sep 2024 03:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Tue, 24 Sep 2024 03:06 AM IST
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Surveillance on Nepal border with bullet, face reader and PTZ cameras
भारत-नेपाल सीमा पर रुपईडीहा में लगाया गया अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरा। -संवाद
बहराइच। नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और भी मजबूत की जा रही है। यहां अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करीब 50 सीसीटीवी कैमरे सीमा से होकर गुजरने वाले प्रत्येक व्यक्ति की कड़ी निगरानी कर रहे हैं। इसके साथ ही डॉग स्क्वायड, एक्सरे बैगेज मशीन से भी चेकिंग होती है। बिना पहचान पत्र दिखाए कोई व्यक्ति सीमा पार नहीं कर सकता। एसएसबी, एटीएस, खुफिया विभाग व आईबी की टीमें भी लगातार नजर गड़ाए रखती हैं।
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जिले की सीमा से करीब 110 किलोमीटर नेपाल की खुली सीमा लगती है। बावजूद इसके रूपईडीहा कस्बे से ही नेपाल से मुख्य आवागमन की सुविधा है। पुलिस व एसएसबी के मुताबिक हर दिन करीब एक लाख लोग यहां से नेपाल और नेपाल से भारत आते-जाते हैं।
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सीमा से होकर गुजरने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जांच की जिम्मेदारी एसएसबी की है। इस समय एसएसबी द्वारा सीमा पर आधुनिक कैमरे लगाए गए हैं। कैमरों के साथ-साथ डाग स्क्वॉयड, एक्सरे बैगेज मशीन आदि की सहायता से जांच की जा रही है।
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सीमा पर लगे कैमरे व उनकी खासियत

- पीटीजेड कैमरा
सीमा पर लगाए गए पीटीजेड कैमरों का उपयोग बड़े क्षेत्र की निगरानी के लिए किया जाता है। ये कैमरे 360 डिग्री पैन या 180 डिग्री झुकाव के बीच कहीं भी कवरेज पर सकते हैं। इससे सीमा पर काफी दूरी से निकलने वाले लोगों पर भी नजर रखने में आसानी होती है।
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- बुलेट कैमरा
बुलेट कैमरों का नाम उनके बेलन जैसे आकार के कारण रखा गया है जो बुलेट जैसे दिखते हैं। ये कैमरे आमतौर पर एक निश्चित लेंस के माध्यम से अपेक्षाकृत संकीर्ण दृश्य क्षेत्र को कवर करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।

- फेस रीडर
ये कैमरे नेपाल सीमा से होकर गुजरने वाले लोगों की फेस रीडिंग के काम आते हैं। इससे किसी भी फोटो के साथ टैली कर यह जानकारी मिल सकती है कि संबंधित व्यक्ति कितनी बार सीमा से होकर गुजर चुका है।

- ऑटोमोटिव नंबर रिकॉग्निशन कैमरा
इस कैमरे से सीमा से होकर गुजरने वाले वाहनों का नंबर स्कैन किया जाता है जिससे सुरक्षा के रूप में यह जाना जा सके कि यह गाड़ी सीमा से होकर कितनी बार आवागमन कर चुकी है।




ग्रामीण क्षेत्र में बनी सीमा चौकी
नेपाल सीमा से सटे ग्रामीण इलाकों में भी एसएसबी ने सीमा चौकियां बनाई हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्र से भी आवागमन करने वाले नागरिकों पर नजर रखी जा रही है। एसएसबी ने ग्राम मुंशीपुरवा, शिवपुरा, निबिया व संतलिया समेत करीब एक दर्जन गांवों के पास चौकी बनाई है। सीमा पर तैनात एसएसबी 42वी वाहिनी के इंस्पेक्टर सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि यहां पहचान पत्र देखकर ही किसी को आने-जाने दिया जाता है ताकि सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त की जा सके। बताया सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों के साथ भी समय-समय पर समन्वय स्थापित कर ऑपरेशन को अंजाम दिया जाता है।



सीमा पर सुरक्षा के हैं कड़े इंतजाम
नेपाल सीमा पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं। सीसीटीवी कैमरों से सुरक्षा व्यवस्था को और मजूबती मिली है।
-मोनिका रानी, डीएम
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