{"_id":"5f78b0438ebc3e9b833777f3","slug":"sp-s-protest-against-illegal-mining-bahraich-news-lko543371773","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैध खनन को लेकर भड़के सपाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अवैध खनन को लेकर भड़के सपाई
विज्ञापन
बहराइच। कलेक्ट्रेट के गेट पर शनिवार को महसी क्षेत्र के पूर्व विधायक ने सपा कार्यकर्ताओं के साथ बांसगढ़ी गांव में किसानों की जमीन पर हो रहे अवैध खनन के खिलाफ आमरण अनशन शुरू कर दिया। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से 13 दिनों में समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया गया। इसके बाद पूर्व विधायक ने अनशन स्थगित कर दिया। सपाइयों के प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्ट्रेट पर बड़ी संख्या में पुलिस तैनात रही।
महसी तहसील क्षेत्र के बांसगढ़ी गांव में किसानों के उत्पीड़न व उनकी जमीन पर खनन माफिया द्वारा जबरन खनन करने के विरोध में शनिवार को क्षेत्र के पूर्व विधायक केके ओझा कार्यकर्ताओं के साथ कलेक्ट्रेट के गेट पर पहुंचे। इस दौरान पूर्व विधायक की ओर से अनशन किये जाने की भनक लगते ही परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर पूर्व विधायक केके ओझा को पुलिस ने गेट के अंदर जाने से रोक दिया। इस दौरान पूर्व विधायक व पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई।
पुलिस के रवैये के खिलाफ पूर्व विधायक गेट पर आमरण अनशन पर बैठ गए। हालांकि आनन-फानन में जिला प्रशासन की ओर से पूर्व विधायक की अगुवाई में 15 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल को बुलाकर वार्ता शुरू कर दी गई। इस दौरान नगर मजिस्ट्रेट ने 13 दिनों में सभी समस्याओं का निराकरण करने का आश्वासन देते हुये पूर्व विधायक से अनशन समाप्त करने की अपील की।
विज्ञापन
नगर मजिस्ट्रेट जयप्रकाश के आश्वासन के बाद पूर्व विधायक ने अनशन को स्थगित करते हुए कहा कि बांसगढ़ी गांव में किसानों की जमीन पर सत्ताधारी नेताओं की शह पर खनन माफिया अवैध खनन कर रहे हैं। इस मामले में तहसील प्रशासन व पुलिस भी खनन माफिया से साठगांठ कर खनन कराने में लिप्त है। छात्रसभा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष नंदेश्वनंद यादव ने कहा कि सत्ताधारी नेताओं, एसओ खैरीघाट व एसडीएम की शह पर खनन माफिया किसानों का उत्पीड़न कर रहे हैं।
किसानों का उत्पीड़न बंद नहीं किया गया तो यह आंदोलन लखनऊ के राजभवन तक दस्तक देगा। प्रबुद्ध सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष हर्षित त्रिपाठी ने कहा कि किसान विरोधी भाजपा सरकार अगर जिले के किसानों का उत्पीड़न बंद नहीं करती है, तो सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर आरपार की लड़ाई शुरू कर देंगे। इस मौके पर जितेंद्र दीक्षित, नीरज शुक्ला, कौशल आर्या, रामलाल, राजेंद्र यादव, मंगरे, माताप्रसाद आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
महसी तहसील क्षेत्र के बांसगढ़ी गांव में किसानों के उत्पीड़न व उनकी जमीन पर खनन माफिया द्वारा जबरन खनन करने के विरोध में शनिवार को क्षेत्र के पूर्व विधायक केके ओझा कार्यकर्ताओं के साथ कलेक्ट्रेट के गेट पर पहुंचे। इस दौरान पूर्व विधायक की ओर से अनशन किये जाने की भनक लगते ही परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर पूर्व विधायक केके ओझा को पुलिस ने गेट के अंदर जाने से रोक दिया। इस दौरान पूर्व विधायक व पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई।
विज्ञापन
पुलिस के रवैये के खिलाफ पूर्व विधायक गेट पर आमरण अनशन पर बैठ गए। हालांकि आनन-फानन में जिला प्रशासन की ओर से पूर्व विधायक की अगुवाई में 15 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल को बुलाकर वार्ता शुरू कर दी गई। इस दौरान नगर मजिस्ट्रेट ने 13 दिनों में सभी समस्याओं का निराकरण करने का आश्वासन देते हुये पूर्व विधायक से अनशन समाप्त करने की अपील की।
विज्ञापन
नगर मजिस्ट्रेट जयप्रकाश के आश्वासन के बाद पूर्व विधायक ने अनशन को स्थगित करते हुए कहा कि बांसगढ़ी गांव में किसानों की जमीन पर सत्ताधारी नेताओं की शह पर खनन माफिया अवैध खनन कर रहे हैं। इस मामले में तहसील प्रशासन व पुलिस भी खनन माफिया से साठगांठ कर खनन कराने में लिप्त है। छात्रसभा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष नंदेश्वनंद यादव ने कहा कि सत्ताधारी नेताओं, एसओ खैरीघाट व एसडीएम की शह पर खनन माफिया किसानों का उत्पीड़न कर रहे हैं।
किसानों का उत्पीड़न बंद नहीं किया गया तो यह आंदोलन लखनऊ के राजभवन तक दस्तक देगा। प्रबुद्ध सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष हर्षित त्रिपाठी ने कहा कि किसान विरोधी भाजपा सरकार अगर जिले के किसानों का उत्पीड़न बंद नहीं करती है, तो सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर आरपार की लड़ाई शुरू कर देंगे। इस मौके पर जितेंद्र दीक्षित, नीरज शुक्ला, कौशल आर्या, रामलाल, राजेंद्र यादव, मंगरे, माताप्रसाद आदि मौजूद रहे।