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छह मकान और 20 बीघा खेत नदी में समाए
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कैसरगंज के चमरौटी में कटान कर रही घाघरा नदी।
- फोटो : BAHRAICH
बौंडी (बहराइच)। चमरौटी गांव में घाघरा नदी ने कटान तेज कर दी है। इसके चलते गांव में छह ग्रामीणों के मकान नदी की धारा में समाहित हो गए, जबकि 50 ग्रामीणों के मकान कटान के मुहाने पर हैं। वहीं पांच ग्रामीणों की 20 बीघा खेती योग्य जमीन भी नदी में समाहित हुई है। ग्रामीणों ने कटान की सूचना तहसील में दी है। कोई भी राजस्वकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा है। ग्रामीण खुले आसमान तले रहने को विवश हैं।
कैसरगंज तहसील अंतर्गत ग्राम चमरौटी और भिरगूपुरवा में घाघरा नदी ने कटान तेज कर दी है। नदी ने कटान करते हुए गांव निवासी राम प्रसाद, इंदल, राम अवतार, प्रधान, सत्रोहन और रामप्रवेश के मकान को धारा में समाहित कर लिया। कटान के चलते सभी के मकान नदी में गिर गए। वहीं भिरगूपुरवा और चमरौटी गांव के पांच किसानों की 20 बीघा खेती योग्य जमीन भी नदी में समाहित हो गई। इनमें धान, मक्का व गन्ने की फसल लगी हुई थी।
गांव निवासी अशोक कुमार सिंह का कहना है कि कटान पीड़ितों को न मुआवजा दिया जा रहा है और न ही उन्हें पुनर्वासित करने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों ने कटान होने की सूचना तहसील मुख्यालय पर दी। अभी तक कोई भी राजस्वकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा है। इस मामले में उपजिलाधिकारी महेश कुमार कैथल का कहना है कि कटान की सूचना मिली है। राजस्वकर्मियों को मौके पर भेजकर जांच कराया जा रहा है। इसके बाद पीड़ितों को आर्थिक सहायता के साथ अन्य सामग्री वितरित की जाएगी।
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कैसरगंज तहसील अंतर्गत ग्राम चमरौटी और भिरगूपुरवा में घाघरा नदी ने कटान तेज कर दी है। नदी ने कटान करते हुए गांव निवासी राम प्रसाद, इंदल, राम अवतार, प्रधान, सत्रोहन और रामप्रवेश के मकान को धारा में समाहित कर लिया। कटान के चलते सभी के मकान नदी में गिर गए। वहीं भिरगूपुरवा और चमरौटी गांव के पांच किसानों की 20 बीघा खेती योग्य जमीन भी नदी में समाहित हो गई। इनमें धान, मक्का व गन्ने की फसल लगी हुई थी।
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गांव निवासी अशोक कुमार सिंह का कहना है कि कटान पीड़ितों को न मुआवजा दिया जा रहा है और न ही उन्हें पुनर्वासित करने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों ने कटान होने की सूचना तहसील मुख्यालय पर दी। अभी तक कोई भी राजस्वकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा है। इस मामले में उपजिलाधिकारी महेश कुमार कैथल का कहना है कि कटान की सूचना मिली है। राजस्वकर्मियों को मौके पर भेजकर जांच कराया जा रहा है। इसके बाद पीड़ितों को आर्थिक सहायता के साथ अन्य सामग्री वितरित की जाएगी।
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