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Bahraich News: संघर्ष के बीच कामयाबी की चमक, मेधावियों ने बढ़ाया जिले का मान
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यूपी बोर्ड हाईस्कूल का परिणाम आने के बाद खुशी से उछलतीं छात्राएं।
- फोटो : यूपी बोर्ड हाईस्कूल का परिणाम आने के बाद खुशी से उछलतीं छात्राएं।
बहराइच। सीमित संसाधनों और संघर्षपूर्ण माहौल के बीच जिले के दो मेधावियों ने अपनी मेहनत के दम पर सफलता की नई कहानी लिख दी। हाईस्कूल में टॉपर रहीं सजल श्रीवास्तव और इंटरमीडिएट में अव्वल रहे हरिकेश शर्मा ने यह साबित कर दिया कि लगन और अनुशासन से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
हाईस्कूल टॉपर सजल श्रीवास्तव के पिता किसान पीजी कॉलेज में स्ववित्तपोषित असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। परिवार ने शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए हर संभव सहयोग दिया, जिसका परिणाम सजल की शानदार सफलता के रूप में सामने आया। सजल ने अपनी मेहनत और नियमित पढ़ाई से जिले में पहला स्थान हासिल किया।
वहीं, इंटरमीडिएट टॉपर हरिकेश शर्मा का परिवार साधारण पृष्ठभूमि से जुड़ा है। उनके पिता सुशील प्रकाश शर्मा शिक्षामित्र हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। सीमित आय के बावजूद परिवार ने पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। हरिकेश ने कड़ी मेहनत और अनुशासन के बल पर जिले में प्रथम स्थान प्राप्त कर परिवार का सपना साकार किया। उनके पिता का कहना है कि बेटे की सफलता से पूरा परिवार गौरवान्वित है और आगे भी उसे उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित किया जाएगा। दोनों मेधावियों की सफलता यह संदेश देती है कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, दृढ़ संकल्प और मेहनत से सफलता हासिल की जा सकती है।
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रोडवेज चालक की बेटी ने टॉप-10 में बनाई जगह
इंटरमीडिएट परीक्षा में 89.20 प्रतिशत अंक हासिल कर टॉप-10 में सातवां स्थान पाने वाली प्राची ने भी संघर्ष के बीच सफलता हासिल की है। बाल शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज की छात्रा प्राची के पिता अजीत शुक्ला रोडवेज में चालक हैं, जबकि मां शिक्षामित्र हैं। परिवार की सीमित आय और जिम्मेदारियों के बीच प्राची ने नियमित पढ़ाई जारी रखी और शानदार प्रदर्शन करते हुए टॉप-10 में जगह बनाई। प्राची की इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है और परिजन उस पर गर्व महसूस कर रहे हैं।
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हाईस्कूल टॉपर सजल श्रीवास्तव के पिता किसान पीजी कॉलेज में स्ववित्तपोषित असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। परिवार ने शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए हर संभव सहयोग दिया, जिसका परिणाम सजल की शानदार सफलता के रूप में सामने आया। सजल ने अपनी मेहनत और नियमित पढ़ाई से जिले में पहला स्थान हासिल किया।
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वहीं, इंटरमीडिएट टॉपर हरिकेश शर्मा का परिवार साधारण पृष्ठभूमि से जुड़ा है। उनके पिता सुशील प्रकाश शर्मा शिक्षामित्र हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। सीमित आय के बावजूद परिवार ने पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। हरिकेश ने कड़ी मेहनत और अनुशासन के बल पर जिले में प्रथम स्थान प्राप्त कर परिवार का सपना साकार किया। उनके पिता का कहना है कि बेटे की सफलता से पूरा परिवार गौरवान्वित है और आगे भी उसे उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित किया जाएगा। दोनों मेधावियों की सफलता यह संदेश देती है कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, दृढ़ संकल्प और मेहनत से सफलता हासिल की जा सकती है।
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रोडवेज चालक की बेटी ने टॉप-10 में बनाई जगह
इंटरमीडिएट परीक्षा में 89.20 प्रतिशत अंक हासिल कर टॉप-10 में सातवां स्थान पाने वाली प्राची ने भी संघर्ष के बीच सफलता हासिल की है। बाल शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज की छात्रा प्राची के पिता अजीत शुक्ला रोडवेज में चालक हैं, जबकि मां शिक्षामित्र हैं। परिवार की सीमित आय और जिम्मेदारियों के बीच प्राची ने नियमित पढ़ाई जारी रखी और शानदार प्रदर्शन करते हुए टॉप-10 में जगह बनाई। प्राची की इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है और परिजन उस पर गर्व महसूस कर रहे हैं।