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स्वास्थ्य कर्मियों समेत 35 के सैंपल जांच को भेजे
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जरवल (बहराइच)। नगर के मोहल्ला तकिया निवासी एक झोलाछाप की लखनऊ में कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई थी। इसके बाद लखनऊ के ऐशबाग स्थित कब्रिस्तान में उसका शव दफना दिया गया। वहीं अब उसका इलाज करने वाले सीएचसी के स्वास्थ्य कर्मियों समेत 35 लोगों का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। उधर स्वास्थ्य विभाग ने कर्मचारियों को अभी तक होम क्वारंटीन नहीं कराया है।
जरवल नगर के मोहल्ला तकिया निवासी झोलाछाप की तबियत बुधवार दोपहर 12 बजे खराब हुई। इस पर परिवार के लोग उसे सीएचसी मुस्तफाबाद ले गए। यहां पर चिकित्सक डॉ. सुनील कुमार सिंह, चीफ फार्मासिस्ट इमरान अहमद, महेंद्र मणि चौधरी, प्रेमचंद तिवारी, नसीम अहमद ने उसका इलाज किया। इसके साथ ही संजय कनौजिया, वार्ड ब्वॉय सुभाष मिश्रा, रुमान अहमद, रामजी पाल और राकेश ने देखभाल की।
हालत में सुधार न होने पर उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया। लखनऊ के ऐरा मेडिकल कॉलेज में वृद्ध का इलाज चल रहा था। इस दौरान हुई जांच में वह कोरोना संक्रमित निकला। गुरुवार दोपहर में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया था। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर अधिकारियों ने ऐशबाग स्थित कब्रिस्तान में उसके शव को दफना दिया। सूचना जिला मुख्यालय पहुंचने पर उसके घर को सील कर दिया गया। वहीं स्वास्थ्य विभाग की डॉ. प्रियंका, डॉ. सुनील सिंह और चीफ फार्मेसिस्ट की टीम ने मृतक के परिवारीजनों व स्वास्थ्य कर्मियों समेत 35 लोगों का सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजा है।
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स्वास्थ्य कर्मी नहीं हुए होम क्वारंटीन
तकिया निवासी झोलाछाप का इलाज करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को स्वास्थ्य विभाग ने होम क्वारंटीन तक नहीं किया है। इससे इन स्वास्थ्य कर्मियों में दहशत है। सभी ने बताया कि बिना जांच और होम क्वारंटीन के ही ओपीडी कराई जा रही है। ऐसे में समस्याएं बढ़ सकती हैं। इस बारे में सीएमओ डॉ. सुरेश सिंह का कहना है कि जांच में कोई लक्षण नहीं मिले हैं। ऐसे में रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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जरवल नगर के मोहल्ला तकिया निवासी झोलाछाप की तबियत बुधवार दोपहर 12 बजे खराब हुई। इस पर परिवार के लोग उसे सीएचसी मुस्तफाबाद ले गए। यहां पर चिकित्सक डॉ. सुनील कुमार सिंह, चीफ फार्मासिस्ट इमरान अहमद, महेंद्र मणि चौधरी, प्रेमचंद तिवारी, नसीम अहमद ने उसका इलाज किया। इसके साथ ही संजय कनौजिया, वार्ड ब्वॉय सुभाष मिश्रा, रुमान अहमद, रामजी पाल और राकेश ने देखभाल की।
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हालत में सुधार न होने पर उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया। लखनऊ के ऐरा मेडिकल कॉलेज में वृद्ध का इलाज चल रहा था। इस दौरान हुई जांच में वह कोरोना संक्रमित निकला। गुरुवार दोपहर में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया था। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर अधिकारियों ने ऐशबाग स्थित कब्रिस्तान में उसके शव को दफना दिया। सूचना जिला मुख्यालय पहुंचने पर उसके घर को सील कर दिया गया। वहीं स्वास्थ्य विभाग की डॉ. प्रियंका, डॉ. सुनील सिंह और चीफ फार्मेसिस्ट की टीम ने मृतक के परिवारीजनों व स्वास्थ्य कर्मियों समेत 35 लोगों का सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजा है।
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स्वास्थ्य कर्मी नहीं हुए होम क्वारंटीन
तकिया निवासी झोलाछाप का इलाज करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को स्वास्थ्य विभाग ने होम क्वारंटीन तक नहीं किया है। इससे इन स्वास्थ्य कर्मियों में दहशत है। सभी ने बताया कि बिना जांच और होम क्वारंटीन के ही ओपीडी कराई जा रही है। ऐसे में समस्याएं बढ़ सकती हैं। इस बारे में सीएमओ डॉ. सुरेश सिंह का कहना है कि जांच में कोई लक्षण नहीं मिले हैं। ऐसे में रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।