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‘कोछ प्रथा’ के लिए पीएचसी मटेरा का चयन

Fri, 04 Dec 2020 10:20 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 04 Dec 2020 10:20 PM IST
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Selection of PHC Matera for 'Koch system'
बहराइच। यूपी टीएसयू और स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर अनोखी पहल शुरू की है। इसके तहत महिलाओं को स्वस्थ रखने के लिए ‘कोछ प्रथा’ का शुभारंभ किया है। साथ ही महिलाओं को परिवार नियोजन की जानकारी भी दी जाएगी। इसके लिए जिले के मटेरा पीएचसी का चयन हुआ है। योजना सफल होने पर इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। ‘कोछ प्रथा’ के तहत महिलाओं के आंचल में परिवार नियोजन के साधन व पंपलेट स्टाफ नर्स की ओर से देकर विदा किया जाएगा।
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समाज में प्रचलित मान्यताओं के अनुसार शुभ कार्य करने का प्रचलन बहुत पुराना है। इन्हीं मान्यताओं में ‘कोछ प्रथा’ भी है। इसमें विवाह के बाद लड़की का एक घर से दूसरे घर जाते समय घर के बड़े सदस्य ‘कोछ प्रथा’ निभाते हुये चावल, हल्दी और कुछ पैसे शुभ शगुन के तौर पर डालते हैं, जिससे आगे की जीवन यात्रा बिना संकट के पूर्ण हो। लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने इस प्रथा को परिवार नियोजन के रूप में चयनित किया गया है। इसी प्रथा से जोड़ते हुये अस्पताल से घर जाते समय प्रसूता महिलाओं के आंचल में परिवार नियोजन के साधन और जानकारी वाले पंपलेट डाल कर ‘कोछ प्रथा’ की रस्म निभायी जाएगी। ताकि आने वाले समय में वह अपने परिवार के साथ स्वस्थ और खुशहाल रह सकें। इसकी अनूठी पहल रिसिया ब्लॉक के मटेरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से शुरू की गयी है। ‘कोछ प्रथा’ निभाने के लिए मटेरा पीएचसी के पीएनसी वार्ड में एक कॉर्नर बनाया गया है। जहां पोस्टर पंपलेट के साथ परिवार नियोजन की सामग्री रखी गयी है।
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प्रसव के बाद घर जाने वाली प्रसूताओं को स्टाफ नर्स सम्मान सहित ‘कोछ प्रथा’ निभाती हैं। एसीएमओ एवं परिवार नियोजन नोडल अधिकारी डॉॅ. योगिता जैन ने बताया कि महिला के जीवन में गर्भावस्था, प्रसव के समय तथा प्रसव के बाद का समय स्वास्थ्य के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण होता है। इस अवधि में उनकी सही समय पर की गयी देखभाल और आवश्यक जानकारी देकर उन्हें स्वस्थ रहने में मदद की जा सकती है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश तकनीकी सहयोग इकाई (यूपी-टीएसयू) द्वारा प्रयोग के तौर पर की गई इस अनूठी पहल से महिलाओं को दो बच्चों के बीच तीन साल का अंतर रखने और जिन महिलाओं को आगे बच्चे नहीं चाहिए, उन्हें परिवार नियोजन के स्थायी साधनों की जानकारी सही समय से मिल सकेगी। किए गए इस प्रयास से गर्भपात सहित दूसरी जटिलताओं से महिलाओं को निजात दिलाने में मदद मिल सकेगी।
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सीएमओ डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि यूपी टीएसयू और स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रही ‘कोछ प्रथा’ में महिला को अपनी पसंद का परिवार नियोजन साधन चुनाव करने की छूट रहेगी।

समय पर मिला साधन तो झंझटों से मिली निजात
रिसिया ब्लॉक के बुलबुल नेवाज गांव की रहने वाली महिला तीसरी बार प्रसव कराने आयी थी। उसकी ‘कोछ प्रथा’ प्रसव के बाद लगने वाली कापर टी से हुई। प्रसूता के पति इब्राहीम ने बताया कि सही समय पर परिवार नियोजन का साधन मिल जाने से कई झंझटों से निजात मिल गई।
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