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Bahraich News: मझौआ भिलौरा में मनरेगा कार्य में घोटाला उजागर
Thu, 15 May 2025 02:51 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Thu, 15 May 2025 02:51 AM IST
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नानपारा के मझौवा भिलौरा में मनरेगा कार्य का निरीक्षण करते उपायुक्त मनरेगा डाॅ. सतीष पांडेय।
बहराइच। मनरेगा के कार्यों में अनियमितता बरती जा रही है। यहां बिना कार्य के ही भुगतान निकाला जा रहा है। साथ ही मजदूरों के खाते में फर्जी भुगतान भी भेजा जा रहा है। इसका खुलासा मंगलवार को उपायुक्त मनरेगा डॉ. सतीश पांडेय की जांच में हुआ। वह नानपारा के मझावा भिलौरा गांव में शिकायत की जांच करने गए थे।
जांच के दौरान पाया गया कि ग्राम मझौवा भिलौरा में हाजी शौकत के घर से नड्ढा नाला तक चकमार्ग निर्माण के लिए जांच के समय 13 मजदूर उपस्थित थे। यह कार्य मंगलवार से ही शुरू हुआ था। जबकि इस कार्य पर एक मई से ही मस्टररोल पर मजदूरों की हाजिरी लगाई जा रही है। जिनकी उपस्थिति भी ऑनलाइन दर्ज की जा रही है। इससे स्पष्ट है कि बिना कार्य कराए ही भुगतान किए जाने के लिए उपस्थिति दर्ज कर अभिलेख तैयार किए जा रहे हैं। एक मई से 12 मई तक फर्जी ऑनलाइन हाजिरी लगाई गई, जबकि मौके पर एक भी मजदूरों ने कार्य नहीं किया था।
इसी प्रकार गोविंद के घर से दयाराम के खेत तक चकमार्ग उच्चीकरण के कार्य का निरीक्षण किया गया तो पाया गया कि इस मार्ग पर भी कोई काम हुआ ही नहीं। जबकि पिछले दिनों के एनएमएस के आधार पर बिना कोई कार्य कराए ही भुगतान का प्रयास किए जाने का प्रयास किया गया। इस चकमार्ग पर जांच वाले दिन भी कार्य होता नहीं पाया गया। इसी क्रम में गिरधारी के बाग से मंजूर के खेत तक चकमार्ग विकास कार्य का निरीक्षण किया गया तो पाया गया कि परियोजना पर कुछ दिन पूर्व कुछ कार्य किया गया। लेकिन ऑनलाइन हाजिरी लगातार लगाई जा रही है। जबकि मौके पर यहां एक भी मजदूर कार्य करते नहीं पाया गया। यहां भी फर्जी श्रमिकों की ऑनलाइन हाजिरी दर्ज की जा रही है। मौके पर श्रमिकों की उपस्थिति के अनुरूप कार्य नहीं पाया गया। जांच के दौरान पाया गया कि तीनों कार्य कूटरचना करते हुए मजदूरों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जा रही थी।
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जांच के दौरान पाया गया कि ग्राम मझौवा भिलौरा में हाजी शौकत के घर से नड्ढा नाला तक चकमार्ग निर्माण के लिए जांच के समय 13 मजदूर उपस्थित थे। यह कार्य मंगलवार से ही शुरू हुआ था। जबकि इस कार्य पर एक मई से ही मस्टररोल पर मजदूरों की हाजिरी लगाई जा रही है। जिनकी उपस्थिति भी ऑनलाइन दर्ज की जा रही है। इससे स्पष्ट है कि बिना कार्य कराए ही भुगतान किए जाने के लिए उपस्थिति दर्ज कर अभिलेख तैयार किए जा रहे हैं। एक मई से 12 मई तक फर्जी ऑनलाइन हाजिरी लगाई गई, जबकि मौके पर एक भी मजदूरों ने कार्य नहीं किया था।
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इसी प्रकार गोविंद के घर से दयाराम के खेत तक चकमार्ग उच्चीकरण के कार्य का निरीक्षण किया गया तो पाया गया कि इस मार्ग पर भी कोई काम हुआ ही नहीं। जबकि पिछले दिनों के एनएमएस के आधार पर बिना कोई कार्य कराए ही भुगतान का प्रयास किए जाने का प्रयास किया गया। इस चकमार्ग पर जांच वाले दिन भी कार्य होता नहीं पाया गया। इसी क्रम में गिरधारी के बाग से मंजूर के खेत तक चकमार्ग विकास कार्य का निरीक्षण किया गया तो पाया गया कि परियोजना पर कुछ दिन पूर्व कुछ कार्य किया गया। लेकिन ऑनलाइन हाजिरी लगातार लगाई जा रही है। जबकि मौके पर यहां एक भी मजदूर कार्य करते नहीं पाया गया। यहां भी फर्जी श्रमिकों की ऑनलाइन हाजिरी दर्ज की जा रही है। मौके पर श्रमिकों की उपस्थिति के अनुरूप कार्य नहीं पाया गया। जांच के दौरान पाया गया कि तीनों कार्य कूटरचना करते हुए मजदूरों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जा रही थी।
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