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Bahraich News: मुआवजे को तरस रहे सरयू के कटान पीड़ित

Sun, 26 Feb 2023 11:46 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 26 Feb 2023 11:46 PM IST
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Saryu's erosion victims yearning for compensation
बौंडी के एक गांव में कटान के कारण अपने घरों को उजाड़ते पीड़ित। (फाइल फोटो) -संवाद
बहराइच। दर-ब-दर ठोकरें खाई तो मालूम हुआ, घर किसे कहते हैं, क्या चीज है बेघर होना। शायर सलीम अहमद की यह पंक्तियां बेघर हुए उन लोगों पर सटीक बैठती हैं जो पिछले सात महीने से खानाबदोश की जिंदगी जीने को विवश हैं। जिले के लगभग दो दर्जन से अधिक पीड़ित लगातार अधिकारियों की ड्योढ़ी पर मत्था रगड़ रहे हैं लेकिन उन्हें मुआवजा नहीं मिल रहा है। लगभग 40 लाख की आबादी वाले जिला बहराइच की चार तहसीलें मोतीपुर, नानपारा, महसी व कैसरगंज हर वर्ष बाढ़ व कटान की विभीषिका झेलती हैं। इन चारों तहसीलों के सैकड़ों गांव व मजरों में बाढ़ का पानी भर जाता है। कटान से भी सैकड़ों लोग बेघर व भूमिहीन होते हैं। जिले की दो तहसीलों महसी व नानपारा के चार गांवों के लगभग तीन दर्जन ऐसे कटान पीड़ित हैं, जिनका बीते वर्ष 2022 में आई सरयू व घाघरा की भीषण बाढ़ में घर कट गया था।
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रामसरन की भूमि पर रह रहे हैं अमरीका
शिवपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत तिगड़ा के मजरा नौव्वनपुरवा गांव निवासी अमरीका ने बताया कि जुलाई-अगस्त में सरयू नदी की कटान से उनका घर व पूरा खेत चला गया था। उनके पास जमीन न होने से रामसरन की भूमि पर टीनशेड रखकर परिवार के साथ अपने दिन काट रहे हैं। यहीं के गोबरे ने बताया कि उनके पास भूमि नहीं है। उन्होंने हसन अली की जमीन पर अपना अस्थाई आशियाना बनाया है। इसी प्रकार ब्रह्माप्रसाद, सैफू, सद्दाम, बब्बन, लेंगड़, हाजरा ने बताया कि सभी लोगों ने पिछले महीने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर मुआवजा दिए जाने की मांग की थी लेकिन फरवरी बीता जा रहा है। अभी तक मुआवजा नहीं मिल सका है। कुछ यही दर्द शिवपुर के बौंडी निवासी ममता पत्नी रामप्रताप बल्दूपुरवा के इरशाद हैं, जो मुआवजे के लिए भटक रहे हैं। इन पीड़ितों का कहना है कि सात महीने से मुआवजे के लिए अधिकारियों की परिक्रमा कर रहे हैं लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं है।
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मांझादरिया बुर्द के भी कटान पीड़ित लाभ से वंचित
बहराइच। मांझादरिया बुर्द के मास्टरपुरवा निवासी इंदरपाल, प्रदीप कुमार, लल्लू, वीरेन्द्र, सुरेन्द्र, विक्रम, राकेश , प्रमोद व मातिबर, रामनिवासी, हरदम आदि ने बताया कि वे लोग दूसरी जगह झोपड़ियां रखकर किसी प्रकार जीवन यापन कर रहे हैं। मांझादरियाबुर्द के प्रधान ने बताया कि इन लोगों का पिछले साल आई बाढ़ के दौरान घर कट गया था। इन सभी को अभी तक मुआवजा नहीं मिल सका है।
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सड़क की पगडंडी बनी पीड़ितों का ठिकाना
बहराइच। जिले के तमाम ऐसे विस्थापित परिवार हैं, जिन्हें अभी तक बसाया नहीं गया है। वे बेलहा-बहरौली तटबंध, सड़कों की पगडंडी ही उनका ठिकाना बनी है। पीड़ितों की सर्द भरी रात किस प्रकार बीती होगी, यह सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।


क्या कहते हैं लेखपाल
बहराइच। शिवपुर क्षेत्र के सात ग्राम पंचायतों का कार्यभार देख रहे लेखपाल प्रदीप कुमार ने बताया कि बल्दूपुरवा, तिगड़ा, बौंडी के कटान पीड़ितों का सर्वे कर जनवरी में नानपारा तहसील प्रशासन को रिपोर्ट व फोटो उपलब्ध करा दी है। जल्द ही कटान पीड़ितों को मुआवजा मिल जाएगा।
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