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रिफाइंड की कमी से राशन वितरण व्यवस्था प्रभावित
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बहराइच। सरकार की निशुल्क राशन वितरण प्रणाली व्यवस्था रिफाइंड तेल की कमी से चरमरा गई है। गोदाम से रिफाइंड तेल नदारद है। रिफाइंड तेल की कमी से ज्यादातर कोटेदारों ने राशन का उठान तक नहीं कराया है, जिससे जिले की 40 प्रतिशत दुकानों की राशन वितरण प्रणाली पूरी तरह प्रभावित है। उपभोक्ताओं को प्रतिदिन कोटे की दुकान से मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। राशन न मिलने से उपभोक्ताओं में आक्रोश है। उपभोक्ता सरकार की निशुल्क राशन वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाने लगे हैं।
केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से दिसंबर से मार्च तक अंत्योदय व पात्र गृहस्थी के उपभोक्ताओं को निशुल्क राशन वितरण कराने की घोषणा की गई थी। राशन के साथ एक किलो दाल, एक पैकेट रिफाइंड तेल व नमक देने की व्यवस्था बनाई गई थी। पूर्ति महकमे की ओर से जिले में 12 दिसंबर से राशन का वितरण कराना भी शुरू कर दिया गया था, लेकिन गोदाम में रिफाइंड तेज व राशन की कमी से सरकार की योजना जिले में परवान नहीं चढ़ पा रही है। हालत यह है कि जिले की 1315 राशन की दुकानों के करीब 55 प्रतिशत कोटेदार ही राशन का उठान कर सके हैं।
गोदाम में राशन व रिफाइंड तेल की कमी के चलते 45 प्रतिशत कोटेदारों ने अभी तक राशन व अन्य सामग्री का उठान तक नहीं किया है। उपभोक्ता राशन के लिए प्रतिदिन कोटे की दुकानों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें हर बार मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। राशन समय से न मिलने से उपभोक्ताओं की को परेशानी हो रही है। सभी उपभोक्ता सरकार की व्यवस्था पर तरह-तरह के सवाल उठा रहे हैं।
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विकास खंड रिसिया में 84 कोटेदार हैं। इसमें से एक कोटेदार को महज पात्र गृहस्थी का ही राशन मिलता है। रिसिया में 12 दिसंबर को वितरण के महज 69 कोटेदारों ने उठान किया था, लेकिन रिफाइंड तेज की कमी से मौजूदा समय 84 के सापेक्ष 42 दुकानों पर ही राशन का वितरण किया जा रहा है।
उपभोक्ता प्रतिदिन निराश होकर लौट रहे हैं। कुछ यही हाल महसी विकास खंड में है। यहां 89 कोटे की दुकानों के सापेक्ष 65 दुकानों के कोटेदारों ने ही राशन का उठान किया है। शेष दुकानों पर ताला लटक रहा है। उपभोक्ता हताश व निराश होकर वापस लौट रहे हैं। नवाबगंज में 72 कोटेदारों के सापेक्ष 32 कोटेदारों ने राशन का उठान किया है। वितरण प्रणाली प्रभारी उमेश गुप्ता ने बताया कि गोदाम पर राशन की कर्मी से शेष कोटेदार राशन नहीं उठा सके हैं। हुजूरपुर में तीन दर्जन से अधिक दुकानों पर रिफाइंड व राशन के अभाव में ताला लटक रहा है। इसी तरह जिले के अन्य नौ विकास खंडों में महज 55 प्रतिशत कोटेदारों को गोदाम से राशन व अन्य सामग्री प्राप्त हुई है। राशन की कमी से 45 प्रतिशत कोटेदारों की दुकानों पर ताला लटक रहा है।
दो दिन में आवंटित हो जाएगा राशन
जिले में राशन वितरण प्रणाली व्यवस्था पारदर्शिता के साथ संचालित कराई जा रही है। करीब 21 प्रतिशत रिफाइंड तेल व 15 प्रतिशत राशन का आवंटन जिले में रह गया है। इसलिए कुछ दुकानों के कोटेदारों का उठान नहीं सका है। दो दिनों में सामग्री जिले का आवंटित हो जायेगी। सभी पात्र उपभोक्ताओं को शासन की मंशानुसार राशन वितरण करना प्राथमिकता है। सभी को राशन का वितरण समय रहते करा दिया जायेगा।
- अनंत प्रताप सिंह, डीएसओ
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केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से दिसंबर से मार्च तक अंत्योदय व पात्र गृहस्थी के उपभोक्ताओं को निशुल्क राशन वितरण कराने की घोषणा की गई थी। राशन के साथ एक किलो दाल, एक पैकेट रिफाइंड तेल व नमक देने की व्यवस्था बनाई गई थी। पूर्ति महकमे की ओर से जिले में 12 दिसंबर से राशन का वितरण कराना भी शुरू कर दिया गया था, लेकिन गोदाम में रिफाइंड तेज व राशन की कमी से सरकार की योजना जिले में परवान नहीं चढ़ पा रही है। हालत यह है कि जिले की 1315 राशन की दुकानों के करीब 55 प्रतिशत कोटेदार ही राशन का उठान कर सके हैं।
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गोदाम में राशन व रिफाइंड तेल की कमी के चलते 45 प्रतिशत कोटेदारों ने अभी तक राशन व अन्य सामग्री का उठान तक नहीं किया है। उपभोक्ता राशन के लिए प्रतिदिन कोटे की दुकानों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें हर बार मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। राशन समय से न मिलने से उपभोक्ताओं की को परेशानी हो रही है। सभी उपभोक्ता सरकार की व्यवस्था पर तरह-तरह के सवाल उठा रहे हैं।
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विकास खंड रिसिया में 84 कोटेदार हैं। इसमें से एक कोटेदार को महज पात्र गृहस्थी का ही राशन मिलता है। रिसिया में 12 दिसंबर को वितरण के महज 69 कोटेदारों ने उठान किया था, लेकिन रिफाइंड तेज की कमी से मौजूदा समय 84 के सापेक्ष 42 दुकानों पर ही राशन का वितरण किया जा रहा है।
उपभोक्ता प्रतिदिन निराश होकर लौट रहे हैं। कुछ यही हाल महसी विकास खंड में है। यहां 89 कोटे की दुकानों के सापेक्ष 65 दुकानों के कोटेदारों ने ही राशन का उठान किया है। शेष दुकानों पर ताला लटक रहा है। उपभोक्ता हताश व निराश होकर वापस लौट रहे हैं। नवाबगंज में 72 कोटेदारों के सापेक्ष 32 कोटेदारों ने राशन का उठान किया है। वितरण प्रणाली प्रभारी उमेश गुप्ता ने बताया कि गोदाम पर राशन की कर्मी से शेष कोटेदार राशन नहीं उठा सके हैं। हुजूरपुर में तीन दर्जन से अधिक दुकानों पर रिफाइंड व राशन के अभाव में ताला लटक रहा है। इसी तरह जिले के अन्य नौ विकास खंडों में महज 55 प्रतिशत कोटेदारों को गोदाम से राशन व अन्य सामग्री प्राप्त हुई है। राशन की कमी से 45 प्रतिशत कोटेदारों की दुकानों पर ताला लटक रहा है।
दो दिन में आवंटित हो जाएगा राशन
जिले में राशन वितरण प्रणाली व्यवस्था पारदर्शिता के साथ संचालित कराई जा रही है। करीब 21 प्रतिशत रिफाइंड तेल व 15 प्रतिशत राशन का आवंटन जिले में रह गया है। इसलिए कुछ दुकानों के कोटेदारों का उठान नहीं सका है। दो दिनों में सामग्री जिले का आवंटित हो जायेगी। सभी पात्र उपभोक्ताओं को शासन की मंशानुसार राशन वितरण करना प्राथमिकता है। सभी को राशन का वितरण समय रहते करा दिया जायेगा।
- अनंत प्रताप सिंह, डीएसओ