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दिखा चांद, इबादत का माह रमजान मुबारक
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Thu, 18 Jun 2015 10:33 PM IST
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चांद दिखते ही गुरुवार शाम रोजेदार खुशी से झूम उठे। तिलावत-ए-कुरआन से मस्जिदें गूंज उठीं और तरावीह का दौर शुरू हो गया। अकीदतमंदों ने एक-दूसरे से गले मिलकर रमजान की मुबारक दी।
तरावीह और नमाज के लिए नमाजियों को दिक्कत न हो इसके लिए मसजिदों में चटाई व वजू करने की व्यवस्था की गई है। लाउडस्पीकरों को दुरुस्त कर लिया गया है। इसके अलावा तारावीह पढ़ाने के लिए हाफिजों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। शिया समुदाय के इमामे जुमा मौलाना सैयद मोहम्मद मेंहदी ने बताया कि वह जामा मसजिद में तरावीह पढ़ाएंगे। वहीं, शिया जामा मस्जिद अकबरपुरा में मौलाना मोहम्मद हसन तरावीह के साथ दीनी मसायल बयान करेंगे। खसियारी मस्जिद के मौलाना मोहम्मद आरिफ ने बताया कि जुम्मे से रोजे की शुरुआत हो गई है। अलग-अलग मस्जिदों में अलग-अलग समय पर तरावीह का समय निर्धारित है। इसके साथ ही तरावीह पूरा करने की समय सीमा भी अलग-अलग है।
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तरावीह और नमाज के लिए नमाजियों को दिक्कत न हो इसके लिए मसजिदों में चटाई व वजू करने की व्यवस्था की गई है। लाउडस्पीकरों को दुरुस्त कर लिया गया है। इसके अलावा तारावीह पढ़ाने के लिए हाफिजों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। शिया समुदाय के इमामे जुमा मौलाना सैयद मोहम्मद मेंहदी ने बताया कि वह जामा मसजिद में तरावीह पढ़ाएंगे। वहीं, शिया जामा मस्जिद अकबरपुरा में मौलाना मोहम्मद हसन तरावीह के साथ दीनी मसायल बयान करेंगे। खसियारी मस्जिद के मौलाना मोहम्मद आरिफ ने बताया कि जुम्मे से रोजे की शुरुआत हो गई है। अलग-अलग मस्जिदों में अलग-अलग समय पर तरावीह का समय निर्धारित है। इसके साथ ही तरावीह पूरा करने की समय सीमा भी अलग-अलग है।
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