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मौसम ने ली करवट, बूंदाबांदी से सिहरन का एहसास
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Mon, 12 Oct 2015 10:10 PM IST
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बहराइच। तराई में सोमवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। तेज हवाओं के बीच बूंदाबांदी हुई, जिससे लोगों को सिहरन का एहसास हुआ। कुछ किसान मौसम के मिजाज से खुश हो गए तो कुछ मायूस नजर आए। गर्मी से परेशान लोग गुलाबी ठंड की दस्तक से खुश हैं।
इस बार बारिश न होने से लोगों को अब तक तेज धूप का सामना करना पड़ रहा था। उमस और गर्मी से लोग बेहाल थे लेकिन सोमवार को अचानक बदले मौसम ने लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला दी। सुबह 8:30 के आसपास आसमान में बादल छा गए और तेज हवा चलने लगी।
आधे ही घंटे में बूंदाबांदी शुरू हो गई। बादलों की तेज गड़गड़ाहट से झमाझम बारिश के आसार नजर आए लेकिन ढाई घंटे तक बूंदाबांदी ही होती रही। दोपहर तक मौसम बिल्कुल साफ हो गया और धूप निकल आई। इससे लोगों को सिहरन का एहसास जरूर हुआ।
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बूंदाबांदी से अगेती धान की फसल और मक्का बोने वाले किसान मायूस हो उठे। उन्हें लगा कि खेत में खड़ी धान की फसल खराबे हो गई। वहीं, पिछेती धान की फसल के खेतों में पानी की जरूरत है। इससे कुछ किसान खुश हुए।
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इस बार बारिश न होने से लोगों को अब तक तेज धूप का सामना करना पड़ रहा था। उमस और गर्मी से लोग बेहाल थे लेकिन सोमवार को अचानक बदले मौसम ने लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला दी। सुबह 8:30 के आसपास आसमान में बादल छा गए और तेज हवा चलने लगी।
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आधे ही घंटे में बूंदाबांदी शुरू हो गई। बादलों की तेज गड़गड़ाहट से झमाझम बारिश के आसार नजर आए लेकिन ढाई घंटे तक बूंदाबांदी ही होती रही। दोपहर तक मौसम बिल्कुल साफ हो गया और धूप निकल आई। इससे लोगों को सिहरन का एहसास जरूर हुआ।
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बूंदाबांदी से अगेती धान की फसल और मक्का बोने वाले किसान मायूस हो उठे। उन्हें लगा कि खेत में खड़ी धान की फसल खराबे हो गई। वहीं, पिछेती धान की फसल के खेतों में पानी की जरूरत है। इससे कुछ किसान खुश हुए।