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Bahraich News: रात में बारिश ने दी राहत, दिन में उमस ने सताया

Mon, 29 Jun 2026 12:26 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jun 2026 12:26 AM IST
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Rain brought relief at night, while humidity caused discomfort during the day.
बहराइच में चिलचिलाती धूप में गुजरते लोग।
बहराइच। तराई में शनिवार रात करीब 12 बजे अचानक मौसम ने रुख बदला और तेज गरज-चमक के साथ करीब एक घंटे तक झमाझम बारिश हुई। इससे लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन यह राहत कुछ घंटों की ही साबित हुई। रविवार सुबह सात बजे के बाद निकली तेज धूप ने फिर तपिश बढ़ा दी। सुबह 11 बजे तक 54 प्रतिशत आर्द्रता के साथ उमस इतनी बढ़ गई कि लोग पसीने से तर-बतर हो गए। चिपचिपी गर्मी के कारण लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित रही।
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मौसम विशेषज्ञ डॉ. पीएल त्रिपाठी ने बताया कि रविवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। उन्होंने कहा कि न्यूनतम तापमान में गिरावट नहीं होने तथा हवा में नमी अधिक रहने से उमस बढ़ रही है। आने वाले दिनों में भी मौसम का यही उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अभी झमाझम बारिश के लिए कम से कम चार से पांच दिन इंतजार करना पड़ सकता है।
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मौसम की बेरुखी के साथ बिजली व्यवस्था ने भी लोगों की परेशानी बढ़ा दी। शहर में रातभर हर आधे घंटे पर ट्रिपिंग होती रही, जबकि महसी, पयागपुर, हुजूरपुर, चित्तौरा, नानपारा, रुपईडीहा और मिहींपुरवा क्षेत्र के अधिकांश इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप रही। शहर के नौवागढ़ी निवासी राजेश कुमार ने बताया कि बारिश के बाद ठंडक की उम्मीद थी, लेकिन बिजली कटौती और उमस ने रातभर चैन से सोने नहीं दिया। वहीं, पयागपुर के किसान रामनरेश वर्मा ने कहा कि बारिश से खेतों को नमी मिली है, लेकिन दिन की उमस ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
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धान की नर्सरी को मिली संजीवनी

शनिवार रात हुई बारिश धान की नर्सरी के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं रही। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को इससे बड़ी राहत मिली है। किसान राज नरायन और संदीप ने कहा कि खेतों में पर्याप्त नमी आने से धान की नर्सरी को नया जीवन मिला है और रोपाई की तैयारियां भी तेज होने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में भी अच्छी वर्षा होती रही तो सिंचाई पर होने वाला खर्च कम होगा और खरीफ फसल को बेहतर शुरुआत मिलेगी। कृषि विशेषज्ञों का भी मानना है कि समय पर हुई यह बारिश धान की फसल के लिए लाभकारी साबित होगी।
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