{"_id":"635185083bc17f630719ecc6","slug":"problem-smelly-water-filled-in-the-market-for-five-days-bahraich-news-lko653800884","type":"story","status":"publish","title_hn":"समस्या : पांच दिन से बाजार में भरा बदबूदार पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समस्या : पांच दिन से बाजार में भरा बदबूदार पानी
विज्ञापन
बहराइच के चौक बाजार में दुकानों के बाहर भरे नाली के पानी को निकालते नपाप कर्मी।
- फोटो : BAHRAICH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहराइच। आजादी के पूर्व शहर के मुख्य बाजार पर स्थित सड़क से 25 फीट गहराई में बनाई गई सीवर लाइन 16 अक्तूबर को पूरी तरह चोक हो गई थी। सीवर लाइन चोक होने से मुख्य बाजार में जलभराव की स्थिति बन गई। पालिका प्रशासन सीवर लाइन की सफाई कराने के लिए पांच दिनों से जुटा है, लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी। इससे व्यापारियों का प्रतिदिन लाखों का नुकसान हो रहा है। दीपावली पर्व को देखते हुए बृहस्पतिवार को जब पालिका कर्मियों ने पंप लगाकर जलनिकासी की व्यवस्था बनाई, तब मुख्य बाजार के दुकानदारों ने राहत की सांस ली।
शहर के मुख्य बाजार में देश की आजादी से पूर्व बनाई गई सीवर लाइन छावनी चौराहे से चौक बाजार, गुरुद्वारा, रोडवेज होते शहर की सीमा तक जाती है। सीवर लाइन के पास ही जलनिकासी के लिए मुख्य नाला भी निर्मित है, लेकिन नाले पर बाजार के दुकानदार, आर्यावर्त बैंक व कुछ रसूखदारों ने नाले को बंद कर उस पर पक्का निर्माण करा लिया है। जिससे नाला पूरी तरह अपरुद्ध हो चुका है। अब शहर के मुख्य बाजार की जलनिकासी की व्यवस्था सीवर लाइन के माध्यम से की जा रही है। सड़क से करीब 25 फीट गहराई में निर्मित सीवर लाइन का नक्शा नगर पालिका के अभिलेखों में नहीं है। इसलिए पालिका प्रशासन के सामने सीवर लाइन की साफ-सफाई कराने में काफी मशक्कत उठानी पड़ रही है। बीते 16 अक्तूबर को सीवर लाइन चोक हो जाने से शहर के मुख्य मार्ग व उससे से सटे गुदड़ी, कबाबचीगली आदि स्थानों पर जलभराव की स्थित उत्पन्न हो गई।
मुख्य बाजारों में स्थित विभिन्न दुकानदार दीपावली की तैयारी को लेकर अपनी दुकानों को सजाने में जुटे थे। ऐसे में बिन बरसात हुए जलभराव से दुकानदारों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पालिका प्रशासन सीवर लाइन की सफाई को लेकर पांच दिनों से जूझ रहा है, लेकिन सीवर लाइन का नक्शा व चैंबर न होने से इसकी सफाई कराने में पालिका कर्मियों को काफी पसीना बहाना पड़ा। पालिका कर्मियों की लाख कोशिशों के बावजूद सीवर लाइन की सफाई नहीं हो सकी। दीपावली के पर्व को देखते हुए पालिका प्रशासन ने बृहस्पतिवार को पंप लगाकर जलनिकासी की व्यवस्था बनानी शुरू की है। पालिका प्रशासन की व्यवस्था दीपावली तक निरंतर चलती रहेगी।
विज्ञापन
पांच दिनों से पूरी रात जुटे रहे सफाई कर्मी
अपनी जान जोखिम में डालकर सफाई कर्मी पांच दिनों से पूरी रात 25 फीट गहरे सीवर लाइन की सफाई में जुटे हैं, लेकिन सीवर लाइन में चैंबर न होने से कर्मी कार्य को गति नहीं दे पा रहे। दीपावली के पर्व पर दुकानदारों की समस्याओं को देखते हुए फिलहाल पंप के माध्यम से त्योहार की समाप्ति तक प्रतिदिन जलनिकासी की व्यवस्था बनाई जाएगी। त्योहार की समाप्ति के बाद पुन: कार्य शुरू कराया जाएगा। -बालमुकंद मिश्रा, ईओ नगर पालिका परिषद
दीपावली के बाद पुन: कराया जाएगा कार्य
पांच दिनों से की जा रही सीवर लाइन की सफाई के कार्य में पालिका कर्मयों को कई बार मशक्कत का सामना करना पड़ा। चैंबर के अभाव में कर्मियों ने सीवर लाइन की सफाई के लिए लाइन के ऊपर गड्ढे खोदकर सफाई करनी चाही, तो सड़क के खोदने के दौरान पालिका कर्मियों को कहीं सड़क के नीचे बिजली विभाग की ओर से डाली गई एचटी विद्युत लाइन ने रोड़ा अटका दिया, तो कहीं अमृत पेयजल की पाइप लाइन ने। जिससे सफाई कर्मी अपने काम को अंजाम तक नहीं पहुंचा सके। दीपावली के बाद पुन: कार्य प्रारंभ कर जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जाएगा। -सुरेश गोविंद मिश्र, खाद्य एवं सफाई निरीक्षक
क्या कहते हैं व्यवसायी
बरसात के दिनों में उठानी पड़ती है परेशानी
पालिका प्रशासन अगर नियमित सफाई व्यवस्था पर ध्यान देता, तो ऐसी स्थित नहीं बनती। हालांकि जलभराव का कुछ कारण अतिक्रमण भी है। सामान्य दिनों में सब कुछ ठीक रहता है, लेकिन बरसात के दिनों में सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है। दीवाली के मौके पर हुए जलभराव ने पूरे व्यवसाय को चौपट कर दिया है। -अनूप कुमार
जलनिकासी की बनानी होगी स्थायी व्यवस्था
शहर का मुख्य बाजार होने से यहां प्रतिदिन काफी भीड़-भाड़ रहती है। बाजार के दुकानदार धनतेरस व दीवाली की तैयारी में जुटे हुए थे, लेकिन अचानक हुए जलभराव से त्योहार के मौके पर सभी के व्यवसाय पर खासा फर्क पड़ा है। हालांकि पालिका प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था तो बना दी है, लेकिन जब तक जलनिकासी का कोई स्थायी हल नहीं निकाला जाएगा। परेशानी बनी रहेगी। -अनुज कुमार
आखिर रसूखदारों पर क्यों नहीं चलता बुल्डोजर
शहर का मुख्य नाला अतिक्रमण की चपेट में है। रसूखदारों ने नालों पर अवैध पक्का निर्माण कराकर नाले को अवरुद्ध कर दिया है। जिससे शहर का मुख्य बाजार हल्की सी बारिश में ही जलभराव का शिकार हो जाता है। प्रशासन सब कुछ जानकर भी अंजान बना हुआ। अब प्रशासन रसूखदारों के अवैध अतिक्रमण पर क्यों नहीं बुल्डोजर चला रहा है। -मनोज खरे
विज्ञापन
शहर के मुख्य बाजार में देश की आजादी से पूर्व बनाई गई सीवर लाइन छावनी चौराहे से चौक बाजार, गुरुद्वारा, रोडवेज होते शहर की सीमा तक जाती है। सीवर लाइन के पास ही जलनिकासी के लिए मुख्य नाला भी निर्मित है, लेकिन नाले पर बाजार के दुकानदार, आर्यावर्त बैंक व कुछ रसूखदारों ने नाले को बंद कर उस पर पक्का निर्माण करा लिया है। जिससे नाला पूरी तरह अपरुद्ध हो चुका है। अब शहर के मुख्य बाजार की जलनिकासी की व्यवस्था सीवर लाइन के माध्यम से की जा रही है। सड़क से करीब 25 फीट गहराई में निर्मित सीवर लाइन का नक्शा नगर पालिका के अभिलेखों में नहीं है। इसलिए पालिका प्रशासन के सामने सीवर लाइन की साफ-सफाई कराने में काफी मशक्कत उठानी पड़ रही है। बीते 16 अक्तूबर को सीवर लाइन चोक हो जाने से शहर के मुख्य मार्ग व उससे से सटे गुदड़ी, कबाबचीगली आदि स्थानों पर जलभराव की स्थित उत्पन्न हो गई।
विज्ञापन
मुख्य बाजारों में स्थित विभिन्न दुकानदार दीपावली की तैयारी को लेकर अपनी दुकानों को सजाने में जुटे थे। ऐसे में बिन बरसात हुए जलभराव से दुकानदारों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पालिका प्रशासन सीवर लाइन की सफाई को लेकर पांच दिनों से जूझ रहा है, लेकिन सीवर लाइन का नक्शा व चैंबर न होने से इसकी सफाई कराने में पालिका कर्मियों को काफी पसीना बहाना पड़ा। पालिका कर्मियों की लाख कोशिशों के बावजूद सीवर लाइन की सफाई नहीं हो सकी। दीपावली के पर्व को देखते हुए पालिका प्रशासन ने बृहस्पतिवार को पंप लगाकर जलनिकासी की व्यवस्था बनानी शुरू की है। पालिका प्रशासन की व्यवस्था दीपावली तक निरंतर चलती रहेगी।
विज्ञापन
पांच दिनों से पूरी रात जुटे रहे सफाई कर्मी
अपनी जान जोखिम में डालकर सफाई कर्मी पांच दिनों से पूरी रात 25 फीट गहरे सीवर लाइन की सफाई में जुटे हैं, लेकिन सीवर लाइन में चैंबर न होने से कर्मी कार्य को गति नहीं दे पा रहे। दीपावली के पर्व पर दुकानदारों की समस्याओं को देखते हुए फिलहाल पंप के माध्यम से त्योहार की समाप्ति तक प्रतिदिन जलनिकासी की व्यवस्था बनाई जाएगी। त्योहार की समाप्ति के बाद पुन: कार्य शुरू कराया जाएगा। -बालमुकंद मिश्रा, ईओ नगर पालिका परिषद
दीपावली के बाद पुन: कराया जाएगा कार्य
पांच दिनों से की जा रही सीवर लाइन की सफाई के कार्य में पालिका कर्मयों को कई बार मशक्कत का सामना करना पड़ा। चैंबर के अभाव में कर्मियों ने सीवर लाइन की सफाई के लिए लाइन के ऊपर गड्ढे खोदकर सफाई करनी चाही, तो सड़क के खोदने के दौरान पालिका कर्मियों को कहीं सड़क के नीचे बिजली विभाग की ओर से डाली गई एचटी विद्युत लाइन ने रोड़ा अटका दिया, तो कहीं अमृत पेयजल की पाइप लाइन ने। जिससे सफाई कर्मी अपने काम को अंजाम तक नहीं पहुंचा सके। दीपावली के बाद पुन: कार्य प्रारंभ कर जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जाएगा। -सुरेश गोविंद मिश्र, खाद्य एवं सफाई निरीक्षक
क्या कहते हैं व्यवसायी
बरसात के दिनों में उठानी पड़ती है परेशानी
पालिका प्रशासन अगर नियमित सफाई व्यवस्था पर ध्यान देता, तो ऐसी स्थित नहीं बनती। हालांकि जलभराव का कुछ कारण अतिक्रमण भी है। सामान्य दिनों में सब कुछ ठीक रहता है, लेकिन बरसात के दिनों में सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है। दीवाली के मौके पर हुए जलभराव ने पूरे व्यवसाय को चौपट कर दिया है। -अनूप कुमार
जलनिकासी की बनानी होगी स्थायी व्यवस्था
शहर का मुख्य बाजार होने से यहां प्रतिदिन काफी भीड़-भाड़ रहती है। बाजार के दुकानदार धनतेरस व दीवाली की तैयारी में जुटे हुए थे, लेकिन अचानक हुए जलभराव से त्योहार के मौके पर सभी के व्यवसाय पर खासा फर्क पड़ा है। हालांकि पालिका प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था तो बना दी है, लेकिन जब तक जलनिकासी का कोई स्थायी हल नहीं निकाला जाएगा। परेशानी बनी रहेगी। -अनुज कुमार
आखिर रसूखदारों पर क्यों नहीं चलता बुल्डोजर
शहर का मुख्य नाला अतिक्रमण की चपेट में है। रसूखदारों ने नालों पर अवैध पक्का निर्माण कराकर नाले को अवरुद्ध कर दिया है। जिससे शहर का मुख्य बाजार हल्की सी बारिश में ही जलभराव का शिकार हो जाता है। प्रशासन सब कुछ जानकर भी अंजान बना हुआ। अब प्रशासन रसूखदारों के अवैध अतिक्रमण पर क्यों नहीं बुल्डोजर चला रहा है। -मनोज खरे