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ब्लड के लिए गर्भवती को जिला मुख्यालय के नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर

Thu, 15 Oct 2020 10:15 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 15 Oct 2020 10:15 PM IST
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Pregnant will not have to go round the district headquarters for blood
बहराइच। गर्भवती महिलाएं खून की कमी से एनीमिया का शिकार हो जाती हैं, लेकिन सीएचसी पर खून की व्यवस्था नहीं होती है। इससे इन महिलाओं को खून चढ़ाने के लिए जिला मुख्यालय रेफर किया जाता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। जिले से 60 किलोमीटर दूर मोतीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ब्लड स्टोरेज यूनिट की स्थापना की जाएगी। इसकी तैयारियां पूरी हो गई हैं। जल्द ही यूनिट की स्थापना हो जाएगी। वहीं, कैसरगंज और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नानपारा में इसकी स्थापना पहले ही हो गई थी। ऐसे में इन क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को खून के लिए जिला मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
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मोतीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस स्वास्थ्य केंद्र में जंगल से सटे गांवों के साथ 40 किलोमीटर दूरी की गर्भवती महिलाएं प्रसव के लिए आती हैं। लेकिन खून की कमी से एनीमिया की शिकार गर्भवती महिलाओं को सीएचसी में ही रक्त नहीं मिल पाता है। ऐसे में सीएचसी के डॉक्टर महिलाओं को खून चढ़ाने के लिए जिला मुख्यालय रेफर कर देते हैं। लेकिन अब खून के अभाव में गर्भवती महिलाओं को सीएचसी से रेफर नहीं किया जाएगा। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि मोतीपुर सीएचसी में ब्लड स्टोरेज यूनिट की स्थापना होगी। इसके लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। यूपी एनएचएम विभाग की ओर से ब्लड स्टोरेज मशीन जिला मुख्यालय भेजी गई है। आने वाले सप्ताह में सीएचसी में ब्लड स्टोरेज यूनिट की स्थापना हो जाएगी।
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जिला मुख्यालय के सीएमएसडी विभाग की ओर से ब्लड स्टोरेज मशीन भेजी जाएगी। जिस पर लगभग तीन से चार लाख रुपये के मध्य खर्च आएगा। इसके लिए सीएचसी परिसर में एक कमरे को चिन्हित किया गया है। ब्लड स्टोरेज यूनिट की स्थापना होने से क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को अब जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सीएचसी मोतीपुर के अधीक्षक डॉ. रामनरायन वर्मा ने बताया कि गर्भवती महिलाएं (पीपीएस) रक्तस्राव का शिकार हो जाती हैं, जिससे इनमें खून की काफी कमी हो जाती है। महिलाएं एनीमिया की शिकार हो जाती हैं। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को खून की सख्त जरूरत होती है। एनीमिक महिलाओं को बचाने के लिए यूनिट के हिसाब से खून चढ़ाया जाता है। इसके बाद उनके शरीर में खून की कमी को पूरा किया जाता है।
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नानपारा व कैसरगंज में हुई स्थापना
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैसरगंज और नानपारा में ब्लड स्टोरेज यूनिट की स्थापना हो गई है। यहां पर ब्लड एकत्र किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को सीएचसी में ही रक्त चढ़ाया जाता है।
क्षमता के आधार पर बढ़ेगी यूनिट
मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि ब्लड स्टोरेज यूनिट में पर्याप्त मात्रा में खून रखने की व्यवस्था है। लेकिन अगर अधिक मात्रा में खून की उपलब्धता हुई तो क्षमता के आधार पर यूनिट बढ़ाया जाएगा। जिससे ब्लड स्टोरेज यूनिट में खून रखने की समस्या न हो।

24 घंटे एसी में रहेगी यूनिट
मोतीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बिजली की काफी समस्या है। रोस्टर के विपरीत बिजली सप्लाई होने से जनरेटर का संचालन होता है। ऐसे में ब्लड स्टोरेज यूनिट संचालन के लिए बिजली के साथ एसी संचालन की आवश्यकता है। ऐसे में 24 घंटे बिजली उपलब्धता के साथ एसी का संचालन भी जरूरी है।
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