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अस्पताल परिसर में गर्भवती की मौत, हंगामा
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बहराइच। सिविल लाइन क्षेत्र में स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में श्रावस्ती निवासी गर्भवती महिला को लोग इलाज के लिए लेकर आए। यहां पर महिला की अस्पताल परिसर में मौत हो गई। इस पर परिवारीजनों ने इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। यह देख अस्पताल प्रबंधक ने पुलिस को फोन कर मौके पर बुलाया, लेकिन कार्रवाई के लिए तहरीर नहीं दी गई। लगभग आधे घंटे तक हंगामा होता रहा।
श्रावस्ती की लक्ष्मनपुर बाजार निवासी साधना सोनी (26) पत्नी रवि सोनी आठ माह की गर्भवती थी। पति रवि का कहना है कि उसका इलाज सिविल लाइन रोड स्थित एक डॉक्टर के यहां से चल रहा था। रवि का कहना है कि तीन दिन पूर्व वह पत्नी को लेकर अस्पताल आया था। यहां पर अल्ट्रासाउंड करवाने के निर्देश दिए गए, जिसे कराया गया। महिला चिकित्सक ने गर्भवती को वीगो लगाते हुए एक इंजेक्शन हर तीसरे दिन घर पर लगवाने की बात कही। शनिवार शाम को गर्भवती को गांव में इंजेक्शन लगवाया गया। इंजेक्शन लगाते ही महिला की हालत बिगड़ गई।
इस पर उसे संयुक्त जिला अस्पताल इकौना में दिखाया गया। यहां से उसे बहराइच रेफर कर दिया। परिवारीजन उसे सिविल लाइन क्षेत्र में स्थित हॉस्पिटल लेकर आए। गर्भवती के पिता सिरसियनपुरवा निवासी खरचू प्रसाद ने बताया कि यहां पर देखने से इंकार कर दिया गया। पहले ही बता दिया कि महिला की मौत हो गई। कुछ देर बाद गर्भवती ने दम तोड़ दिया। इससे से गुस्साए परिवारीजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। यह देख अस्पताल प्रबंधक ने कोतवाली देहात पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर महिला के परिवारीजनों से तहरीर मांगी, लेकिन उन्होंने तहरीर देने से इंकार कर दिया। इस पर पुलिस ने दोनों पक्ष को समझा कर घर भेज दिया।
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गांव में लगवाया इंजेक्शन
लक्ष्मनपुर बाजार निवासी गर्भवती महिला तीन दिन पूर्व केडिया हॉस्पिटल में डॉ. रीना केडिया को दिखाने आई थी। उसके बाद से महिला तीसरे दिन गांव में किसी से इंजेक्शन लगवा रही थी। तबियत खराब होने पर परिवार के लोग जिला अस्पताल लेकर आए। यहां पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इससे नाराज लोग केडिया अस्पताल आए। यहां पर हंगामा करने लगे। इस पर पुलिस को बुलाया गया। पुलिस के आने पर वे घर चले गए।
- प्रमोद जायसवाल, प्रबंधक केडिया हॉस्पिटल
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श्रावस्ती की लक्ष्मनपुर बाजार निवासी साधना सोनी (26) पत्नी रवि सोनी आठ माह की गर्भवती थी। पति रवि का कहना है कि उसका इलाज सिविल लाइन रोड स्थित एक डॉक्टर के यहां से चल रहा था। रवि का कहना है कि तीन दिन पूर्व वह पत्नी को लेकर अस्पताल आया था। यहां पर अल्ट्रासाउंड करवाने के निर्देश दिए गए, जिसे कराया गया। महिला चिकित्सक ने गर्भवती को वीगो लगाते हुए एक इंजेक्शन हर तीसरे दिन घर पर लगवाने की बात कही। शनिवार शाम को गर्भवती को गांव में इंजेक्शन लगवाया गया। इंजेक्शन लगाते ही महिला की हालत बिगड़ गई।
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इस पर उसे संयुक्त जिला अस्पताल इकौना में दिखाया गया। यहां से उसे बहराइच रेफर कर दिया। परिवारीजन उसे सिविल लाइन क्षेत्र में स्थित हॉस्पिटल लेकर आए। गर्भवती के पिता सिरसियनपुरवा निवासी खरचू प्रसाद ने बताया कि यहां पर देखने से इंकार कर दिया गया। पहले ही बता दिया कि महिला की मौत हो गई। कुछ देर बाद गर्भवती ने दम तोड़ दिया। इससे से गुस्साए परिवारीजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। यह देख अस्पताल प्रबंधक ने कोतवाली देहात पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर महिला के परिवारीजनों से तहरीर मांगी, लेकिन उन्होंने तहरीर देने से इंकार कर दिया। इस पर पुलिस ने दोनों पक्ष को समझा कर घर भेज दिया।
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गांव में लगवाया इंजेक्शन
लक्ष्मनपुर बाजार निवासी गर्भवती महिला तीन दिन पूर्व केडिया हॉस्पिटल में डॉ. रीना केडिया को दिखाने आई थी। उसके बाद से महिला तीसरे दिन गांव में किसी से इंजेक्शन लगवा रही थी। तबियत खराब होने पर परिवार के लोग जिला अस्पताल लेकर आए। यहां पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इससे नाराज लोग केडिया अस्पताल आए। यहां पर हंगामा करने लगे। इस पर पुलिस को बुलाया गया। पुलिस के आने पर वे घर चले गए।
- प्रमोद जायसवाल, प्रबंधक केडिया हॉस्पिटल