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पावर कॉर्पोरेशन के कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार

Wed, 03 Feb 2021 10:23 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 03 Feb 2021 10:23 PM IST
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Power Corporation employees boycott work
बहराइच : बिजली कार्यालय परिसर में बुधवार को धरना-प्रदर्शन करते बिजली कर्मचारी संघ के पदाधिकारी। - फोटो : BAHRAICH
बहराइच। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की अगुवाई में बुधवार को विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने निजीकरण के विरोध मेें कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। सभी ने एक स्वर में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार निजीकरण का फैसला वापस नहीं लेगी, तो पूरे प्रदेश में आंदोलन तेज किया जाएगा।
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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष इंजीनियर हर्षराज रस्तोगी की अगुवाई मेें बुधवार को विभाग के इंजीनियर व कर्मचारी माल गोदाम रोड स्थित ऊर्जा भवन परिसर में एकत्र हुए। सभी केंद्र सरकार पर पूंजीपतियों के इशारे पर बिजली क्षेत्र के निजीकरण के प्रस्ताव व अन्य लंबित समस्याओं के विरोध मेें कार्य बहिष्कार कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए।
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धरने को संबोधित करते हुए जूनियर इंजीनियर संघ के अध्यक्ष संजय कुमार ने कहा कि निजीकरण के माध्यम से केंद्र सरकार देश के अंदर एक बहुत बड़े रोजगार के क्षेत्र को समाप्त करना चाहती है। बिजली कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुशील कुमार गोस्वामी ने कहा कि केंद्र सरकार बिजली के क्षेत्र का निजीकरण करने की लगातार कोशिश मेें है। उन्होंने कहा कि सरकार का ये निर्णय उपभोक्ताओं व कर्मचारियों के हित मेें नहीं है। निर्णय महज कुछ पूंजीपतियों को लाभ दिलाने की नीयत से लिया गया है। मगर विभाग के अधिकारी व कर्मचारी सरकार के उपभोक्ता व कर्मचारी विरोधी निर्णय को कतई स्वीकार नहीं करेंगे।
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धरने को कर्मचारी संघ के मंडल अध्यक्ष नफीस अहमद ने भी संबोधित कर सरकार पर पूंजीपतियों के दबाव मेें कार्य करने का आरोप लगाया। धरने में निर्णय लिया गया कि अगर सरकार तत्काल अपना फैसला वापस नहीं लेती है, तो शीघ्र ही सरकार के निर्णय के खिलाफ जन आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
धरने के बाद सभी ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर निजीकरण के प्रस्ताव को रद्द कराने, संविदाकर्मियों को नियमित करने, पुरानी पेंशन की बहाली, ग्रेटर नोएडा के विद्युत वितरण के निजीकरण व आगरा के फ्रेंचाइजीकरण को निरस्त करने के साथ ही सभी केंद्र शासित प्रदेशों की चल रही निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की।

इस मौके पर अधीक्षण अभियंता एएस रघुवंशी, एक्सईएन मुकेश बाबू, नंदलाल, कृष्ण कुमार, योगेंद्र यादव, अवधेश पटेल, अजय कुशवाहा, विजय, नीरज पटेल, अजय यादव, चंदन प्रजापति, अवध यादव, जयराज राजपूत, जयनंदन मिश्र, इरशाद अहमद आदि मौजूद रहे।
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