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छापा मारने गई पुलिस टीम ने भाई-बहन को पीटा
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बहराइच। रेहुआ मंसूर गांव निवासी एक ग्रामीण को बुधवार रात गिरफ्तार करने पहुंची रामगांव पुलिस ने उसके न मिलने पर घर में मौजूद बेटे व बेटी की जमकर पिटाई कर दी। पुलिस टीम के साथ महिला पुलिसकर्मी भी नहीं थीं। पीड़ित भाई-बहन ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर गुरुवार को एसपी से मुलाकात कर आपबीती सुनाई। एसपी ने जांच कराने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
रामगांव थाना क्षेत्र के रेहुआ मंसूर निवासी टीकाराम के खिलाफ पारिवारिक विवाद होने पर पट्टीदारों ने थाने में शिकायत की थी। आपसी विवाद को लोगों ने सुलह-समझौते से निपटाने का भी प्रयास किया था। इसी बीच बुधवार देर रात हल्का दरोगा कमलनाथ चतुर्वेदी की अगुवाई में रामगांव पुलिस टीम टीकाराम के घर पहुंची। टीम में कोई महिला पुलिसकर्मी नहीं थी।
घर के बाहर लेटे टीकाराम के बेटे दुर्गेश मिश्र को जगाकर पुलिसकर्मियों ने उसके पिता के बारे में पूछा। उसने बताया कि मेरे पिता खेत में फसल की रखवाली कर रहे हैं। इस पर पुलिस ने गांव के दो-चार लोगों का नाम लिया और उनका घर बताने के लिए साथ चलने को कहा। आरोप है कि मना करने पर पुलिसकर्मियों ने दुर्गेश को पीटना शुरू कर दिया। उसे जमकर पीटने के बाद घर का बंद दरवाजा खटखटाया।
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घर में सो रही दुर्गेश की बहन दिव्या मिश्रा ने कुछ देरी से दरवाजा खोला। इस पर भड़के पुलिसकर्मियों ने बाल पकड़कर उसे जमीन पर पटक दिया और पीटना शुरू कर दिया। पुलिस की पिटाई से दिव्या को गंभीर चोटें आई हैं। दिव्या ने गुरुवार को अपने भाई दुर्गेश के साथ पुलिस ऑफिस जाकर एसपी से गुहार लगाई।
एसपी को लिखित शिकायत पत्र देने के साथ ही दिव्या ने अपनी चोटों के निशान दिखाए। पीड़ित भाई-बहन ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने मामले की जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
इस प्रकरण में एसपी डॉ. गौरव ग्रोवर से जानकारी लेने के लिए उनके सीयूजी नंबर पर कॉल की गई मगर फोन नहीं उठा। एएसपी ग्रामीण रवींद्र सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी नहीं है। जानकारी लेने के बाद ही कुछ कहना संभव होगा।
रामगांव पुलिस को जैसे ही सूचना मिली कि पीड़ित भाई-बहन एसपी से शिकायत करने जा रहे हैं। इस पर रामगांव थाने की पुलिस टीम तुरंत एसपी ऑफिस पहुंच गई। हालांकि पुलिस टीम पहुंचने से पहले ही पीड़ित भाई-बहन एसपी के कार्यालय में पहुंच गए थे।
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रामगांव थाना क्षेत्र के रेहुआ मंसूर निवासी टीकाराम के खिलाफ पारिवारिक विवाद होने पर पट्टीदारों ने थाने में शिकायत की थी। आपसी विवाद को लोगों ने सुलह-समझौते से निपटाने का भी प्रयास किया था। इसी बीच बुधवार देर रात हल्का दरोगा कमलनाथ चतुर्वेदी की अगुवाई में रामगांव पुलिस टीम टीकाराम के घर पहुंची। टीम में कोई महिला पुलिसकर्मी नहीं थी।
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घर के बाहर लेटे टीकाराम के बेटे दुर्गेश मिश्र को जगाकर पुलिसकर्मियों ने उसके पिता के बारे में पूछा। उसने बताया कि मेरे पिता खेत में फसल की रखवाली कर रहे हैं। इस पर पुलिस ने गांव के दो-चार लोगों का नाम लिया और उनका घर बताने के लिए साथ चलने को कहा। आरोप है कि मना करने पर पुलिसकर्मियों ने दुर्गेश को पीटना शुरू कर दिया। उसे जमकर पीटने के बाद घर का बंद दरवाजा खटखटाया।
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घर में सो रही दुर्गेश की बहन दिव्या मिश्रा ने कुछ देरी से दरवाजा खोला। इस पर भड़के पुलिसकर्मियों ने बाल पकड़कर उसे जमीन पर पटक दिया और पीटना शुरू कर दिया। पुलिस की पिटाई से दिव्या को गंभीर चोटें आई हैं। दिव्या ने गुरुवार को अपने भाई दुर्गेश के साथ पुलिस ऑफिस जाकर एसपी से गुहार लगाई।
एसपी को लिखित शिकायत पत्र देने के साथ ही दिव्या ने अपनी चोटों के निशान दिखाए। पीड़ित भाई-बहन ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने मामले की जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
इस प्रकरण में एसपी डॉ. गौरव ग्रोवर से जानकारी लेने के लिए उनके सीयूजी नंबर पर कॉल की गई मगर फोन नहीं उठा। एएसपी ग्रामीण रवींद्र सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी नहीं है। जानकारी लेने के बाद ही कुछ कहना संभव होगा।
रामगांव पुलिस को जैसे ही सूचना मिली कि पीड़ित भाई-बहन एसपी से शिकायत करने जा रहे हैं। इस पर रामगांव थाने की पुलिस टीम तुरंत एसपी ऑफिस पहुंच गई। हालांकि पुलिस टीम पहुंचने से पहले ही पीड़ित भाई-बहन एसपी के कार्यालय में पहुंच गए थे।