फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   People worried over running of lesser trains on Gonda-Mailani block

गोंडा-मैलानी प्रखंड पर कम ट्रेनें चलने से लोग परेशान

Thu, 26 Dec 2019 10:30 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 26 Dec 2019 10:30 PM IST
विज्ञापन
People worried over running of lesser trains on Gonda-Mailani block
मोतीपुर (बहराइच)। गोंडा-मैलानी प्रखंड पूर्वोत्तर रेलवे का प्राचीनतम रेल मार्ग है, जिस पर छोटी लाइन की ट्रेनें चलाई जाती थी। दो वर्ष पूर्व इस रेल प्रखंड पर 12 अप और डाउन ट्रेनें चलती थीं। इससे जिला मुख्यालय छात्र व सरकारी कर्मचारी आवागमन करते थे। इसके अलावा इस रूट से दिल्ली से लेकर अन्य राज्यों को लोग आवागमन करते थे। लेकिन बड़ी लाइन होने से इस रूट पर ट्रेनों की संख्या महज चार रह गई है। इससे यात्रियों को आवागमन में परेशानी हो रही है। क्षेत्र के लोगों ने रेल मंत्री को पत्र भेजकर ट्रेनों की संख्या बढ़ाए जाने की मांग की है।
विज्ञापन

गोंडा-मैलानी रेल प्रखंड पहले छोटी रेल लाइन में परिवर्तित थी। जिससे इस रूट पर प्रतिदिन छह अप और छह डाउन ट्रेनों का संचालन समय से होता था। ट्रेनों का संचालन अधिक होने से इस लाइन से गोंडा, बस्ती, बलरामपुर, लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, देवरिया, बिहार झारखंड, पश्चिम बंगाल, मैलानी, बरेली, पीलीभीत, हरिद्वार नैनीताल होते हुए नई दिल्ली तक लोग सफर करते थे। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग यात्रा करते थे।
विज्ञापन

इससे रेलवे को काफी आय भी अर्जित होती थी। जिला मिनी पूर्वांचल के नाम से मशहूर था। सबसे बड़ी तहसील मुख्यालय मिहीपुरवा में स्थित मिहींपुरवा रेलवे स्टेशन से हजारों रेलयात्री प्रतिदिन लंबी दूरी की यात्रा करते थे। पिछड़ा क्षेत्र होने के कारण यहां के छात्र-छात्राएं अपनी स्नातक एवं परास्नातक की पढ़ाई के लिए बहराइच रिसिया एवं नानपारा पयागपुर स्थित डिग्री कॉलेज, आईटीआई कॉलेज जाते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिले के बिछिया, निशानगाड़ा, मुर्तिहा, ककरहा, मिहींपुरवा, रायबोझा, नानपारा, मटेरा, रिसिया, बहराइच, चिलवरिया, पयागपुर, विशेश्वरगंज, योगेंद्र धाम, गंगा धाम स्टेशनों के यात्रियों के लिए इस रूट की ट्रेनें जीवनदायिनी साबित हो रही थी। लेकिन इस रूट पर अब ट्रेनों की संख्या महज रह गई है। सिर्फ दो अप और दो डाउन ट्रेनों का संचालन हो रहा है। इस रूट पर ट्रेनों की संख्या कम होने से जिले में ही यात्रा के लिए लोगों को परेशानी हो रही है। क्षेत्रवासियों ने सांसद और रेल मंत्री को पत्र भेजकर इस रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की मांग की है।

आमान परिवर्तन के नाम पर बंद की गई थीं ट्रेनें
गोंडा-मैलानी रेल प्रखंड पर काफी समय से बड़ी लाइन की ट्रेनों को चलाये जाने की मांग की जा रही थी। कई बार संसद में मामला उठने के बाद केंद्र सरकार की ओर से इस लाइन को बड़ी लाइन के रूप में परिवर्तित करने के लिए हरी झंडी दी गई थी। तीन वर्ष पूर्व रेल लाइन बनकर तैयार हुई। उसी दौरान आमान-परिवर्तन के नाम पर ट्रेनों का संचालन ठप किया गया था। जिनका संचालन पूरी तरह से नहीं हो सका। इससे परेशानियां बढ़ीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed