फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   One allowed in Nepal-India friendship service, 15 buses are running.

नेपाल-भारत मैत्री सेवा: एक की अनुमति, चल रहीं 15 बसें, परिवहन निगम को हर रोज लाखों का नुकसान

Thu, 27 Jul 2023 01:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Thu, 27 Jul 2023 01:50 PM IST
सार

भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा के नाम पर एक बस को अनुमति दी गई पर 15 बसें चल रही हैं। एआरटीओ को पत्र लिखकर इस पर रोक की मांग की गई थी पर कुछ नहीं हुआ। मामले में कार्रवाई को लेकर पत्र लिखा जा चुका है।

विज्ञापन
One allowed in Nepal-India friendship service, 15 buses are running.
मैत्री बस के नाम पर अवैध तरीके से चल रही बस। - फोटो : amar ujala

विस्तार

नेपाल सीमा से सिर्फ एक बस को भारत सरकार ने मैत्री बस के रूप में संचालित करने का परमिट दे रखा है। लेकिन परिवहन विभाग व पुलिस की मिलीभगत से करीब 15 से अधिक बसें यहां मैत्री बस सेवा के नाम पर चलाई जा रहीं हैं। रोडवेज की बस बिना यात्रियों के खाली फराटा भर रही है और रोज लाखों का नुकसान हो रहा है। एआरएम ने एआरटीओ को बीते सात जुलाई को पत्र लिखकर इस पर रोक लगाने की मांग की थी। लेकिन हुआ कुछ नहीं।

विज्ञापन


नेपाल से सटा रूपईडीहा कस्बा डग्गामार वाहनों का गढ़ बनता जा रहा है। नेपाल-भारत मैत्री सेवा के नाम पर अवैध तरीके से 15 बसों का संचालन अधिकारियों के नाक के नीचे किया जा रहा है। वहीं अन्य मांर्गो पर भी गैर प्रांतों की टूरस्टि बस परमिट के नाम पर साठगांठ कर से बसों का खुलेआम संचालन रहा है। रूपईडीहा डिपो अंतरराष्ट्रीय बस अड्डा घोषित किया गया था।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - यूपी के इस जिले में बिना मान्यता चल रहे 491 मदरसे, चीन-पाकिस्तान से आता है पैसा
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - पांच लाख रुपये महीने देने पर भी सरकारी अस्पतालों को नहीं मिल रहे डॉक्टर, बिड निरस्त करने की तैयारी


मौजूदा समय में डिपो से लखनऊ, कानपुर, हरिद्वार, दिल्ली, वाराणसी, सीतापुर समेत अन्य मार्गो पर निगम की बसों का संचालन किया जा रहा है। लेकिन यहीं से ठीक रूपईडीहा थाने के सामने से संचालित टैक्सी स्टैंड से दो दर्जन से अधिक गैर प्रांतों की टूरिस्ट बसें जयपुर, हरिद्वार, दिल्ली, पंजाब आदि प्रांतों के लिए जातीं हैं।

इसके अलावा नेपाल-भारत मैत्री सेवा के तहत महज एक बस का संचालन नेपाल से होने पर संधि बनीं थी। इसके बावजूद बस संचालक दोनों देशों की संधि को धता बताते हुए अवैध तरीके से खुलेआम 15 बसों का संचालन नेपाल से हरिद्वार व दिल्ली के लिए कर रहे हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री व परिवहन आयुक्त का सख्त निर्देश है कि इस तरह की बसों के संचालन पर सख्ती के साथ कार्रवाई की जाए, लेकिन खाकी की हनक के आगे जिम्मेदार चुप्पी साधे हुए हैं।


हर फेरे के तय दाम
पुलिस व परिवहन विभाग से जुड़े सूत्र बताते है कि सीमा से बिना परमिट के जिन बसों का संचालन होता है, उनको हर फेरे के दाम संबंधित विभागों को देना होता है। हाल यह है कि एआरटीओ की टीम से जुड़े लोग सुबह से लेकर शाम तक इन बस स्टैंड के आसपास सक्रिय रहते हैं। यह स्टैंड भी अवैध है। लेकिन माेटी कमाई के चलते इन पर कभी कोई कार्रवाई करने की जहमत नहीं उठाता है।

कार्रवाई को लेकर है लिखा पत्र
रूपईडीहा डिपो के प्रभारी एआरएम ठेकन राम का कहना है नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में अवैध बसों के संचालन को लेकर बीते 7 जुलाई को एआरटीओ को पत्र भेजकर अवगत कराया गया है। अभी तक कार्रवाई की जानकारी नहीं हैं। पुन: कार्रवाई को लेकर पत्र भेजा जाएगा। बसें बिना यात्रियों के जाती है और राजस्व का नुकसान होता है।

13 वाहनों का कर चुके हैं चालान
एआरटीओ प्रवर्तन ओपी सिंह कहते हैं रूपईडीहा के पास नेपाल सीमा व उसके आस-पास के इलाकों में निरंतर अभियान चलाया जाता है। इस दौरान सही पाने पर वाहन को छोड़ दिया जाता है और गलत पाने पर चालान की कार्रवाई की जाती है। एक माह में 13 वाहनों का चालान किया जा चुका है। मैत्री सेवा के नाम पर चल रही बसों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा चुकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed