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Bahraich News: कोर्ट के आदेश पर प्रधान, खाद्य आपूर्ति निरीक्षक सहित पांच पर केस
Sun, 11 Aug 2024 11:15 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sun, 11 Aug 2024 11:15 PM IST
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बहराइच। एक व्यक्ति ने कोर्ट में वाद दायर करते हुए पचदेवरा गांव के प्रधान, प्रतिनिधि, प्रधानाध्यापक, खाद्य आपूर्ति निरीक्षक सहित पांच पर गांव स्थित विद्यालय में मिड डे मील न बनने की शिकायत करते हुए सामान की कालाबाजारी किए जाने का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पयागपुर थाना क्षेत्र के दयारामपुरवा पचदेवरा निवासी सुनील कुमार त्रिपाठी ने कोर्ट में वाद दायर करते हुए बताया था कि संगीता देवी गांव की प्रधान हैं, श्रवण कुमार सरोज पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक हैं। खाद्य आपूर्ति निरीक्षक संतोष श्रीवास्तव, खंड शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र नाथ द्विवेदी और शिवप्रसाद प्रधान प्रतिनिधि हैं।
बताया कि पंचायत के उचित दर विक्रेता विभीषण उर्फ राजकिशोर लाइसेंस धारक होने के कारण खाद्यान्न वितरण मानक के अनुरूप उचित दर पर किया जाता है। आरोप लगाते हुए बताया कि ग्राम प्रधान, प्रतिनिधि, आपूर्ति निरीक्षक, खंड शिक्षा अधिकारी और प्रधानाध्यापक स्कूल में बच्चों के लिए बनाए जाने वाले खाद्यान्न को प्राप्त कर बाजार में बेचकर कालाबाजारी करते हैं। विद्यालय में पिछले छह माह में मिड डे मील योजना के अंतर्गत कोई भोजन नहीं दिया गया। प्रधान विद्यालय में रसोइया को मिलने वाले रुपयों को स्वयं ले रही हैं। समय-समय पर पूर्ति अधिकारी बहराइच व उपजिलाधिकारी पयागपुर के साथ ही एसपी से शिकायती पत्र के जरिये जानकारी दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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कोर्ट के आदेश पर पयागपुर पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
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पयागपुर थाना क्षेत्र के दयारामपुरवा पचदेवरा निवासी सुनील कुमार त्रिपाठी ने कोर्ट में वाद दायर करते हुए बताया था कि संगीता देवी गांव की प्रधान हैं, श्रवण कुमार सरोज पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक हैं। खाद्य आपूर्ति निरीक्षक संतोष श्रीवास्तव, खंड शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र नाथ द्विवेदी और शिवप्रसाद प्रधान प्रतिनिधि हैं।
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बताया कि पंचायत के उचित दर विक्रेता विभीषण उर्फ राजकिशोर लाइसेंस धारक होने के कारण खाद्यान्न वितरण मानक के अनुरूप उचित दर पर किया जाता है। आरोप लगाते हुए बताया कि ग्राम प्रधान, प्रतिनिधि, आपूर्ति निरीक्षक, खंड शिक्षा अधिकारी और प्रधानाध्यापक स्कूल में बच्चों के लिए बनाए जाने वाले खाद्यान्न को प्राप्त कर बाजार में बेचकर कालाबाजारी करते हैं। विद्यालय में पिछले छह माह में मिड डे मील योजना के अंतर्गत कोई भोजन नहीं दिया गया। प्रधान विद्यालय में रसोइया को मिलने वाले रुपयों को स्वयं ले रही हैं। समय-समय पर पूर्ति अधिकारी बहराइच व उपजिलाधिकारी पयागपुर के साथ ही एसपी से शिकायती पत्र के जरिये जानकारी दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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कोर्ट के आदेश पर पयागपुर पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।