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प्रदेश की सबसे बड़े सीएचसी में महिला चिकित्सक ही नहीं
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बहराइच। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोतीपुर क्षेत्रफल व आबादी की दृष्टि से प्रदेश का सबसे बड़ा अस्पताल है। इस अस्पताल में 70 किलोमीटर की परिधि में आने वाले 4.45 लाख आबादी के इलाज का जिम्मा है। लेकिन सीएचसी में महिला चिकित्सक व सर्जन की तैनाती नहीं है। महिलाओं को पुरुष चिकित्सक से इलाज व ऑपरेशन करवाना पड़ता है। कई बार उनको जिला मुख्यालय का रुख करने को भी मजबूर होना पड़ता है।
मिहींपुरवा में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोतीपुर क्षेत्रफल व आबादी की दृष्टि से प्रदेश का सबसे बड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनुराग वर्मा ने बताया कि इस अस्पताल के अंतर्गत 36 एएनएम सेंटर आते हैं। इन सेंटरों पर गर्भवती महिलाओं का इलाज व टीकाकरण होता है। जबकि सीएचसी में बड़ा ऑपरेशन, नार्मल डिलीवरी, टेलीमेडिसिन की व्यवस्था, बाल रोग विशेषज्ञ, जनरल फिजीशियन, मुख्यमंत्री सुपोषण घर कुपोषित व अतिकुपोषित वार्ड, टीबी, मलेरिया, एचआईवी जांच की सुविधा उपलब्ध हैं।
स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी जेके चौबे ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत 17 कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की तैनाती है। जबकि स्वास्थ्य केंद्र में आठ स्टाफ नर्स हैं। लेकिन अस्पताल में महिला चिकित्सक व सर्जन नहीं हैं। जिससे महिलाओं का इलाज पुरुष चिकित्सक को ही करना पड़ता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर रायबोझा से लेकर गिरिजापुरी तक की 70 किलोमीटर की दूरी के लोगों के इलाज का जिम्मा है। चौबे ने बताया कि 70 किलोमीटर की परिधि में चार लाख 45 हजार 445 लोगों के इलाज की जिम्मेदारी इसी केंद्र पर है। लेकिन सीएचसी में सर्जन व महिला चिकित्सक की तैनाती न होना लोगों के लिए परेशानी का सबब है।
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सीएचसी के तहत बने हैं 21 डिलिवरी प्वाइंट
मोतीपुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनुराग वर्मा ने बताया कि सीएचसी के तहत 21 डिलिवरी प्वाइंट हैं। यहां पर कर्मचारियों की तैनाती है। प्वाइंट पर पहुंचने वाली गर्भवती महिलाओं का इलाज किया जाता है। गर्भवती को कोई परेशानी नहीं होती है।
इनकी है कमी
मोतीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला चिकित्सक, सर्जन, एनेस्थेटिस्ट की तैनाती नहीं है। महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. मंतदेव निगम की ओर से महिलाओं का ऑपरेशन व नार्मल डिलिवरी कराया जाता है। साथ ही 70 किलोमीटर की दूरी में आयोजित नसबंदी शिविर में भी प्रतिभाग करना पड़ता है।
महिला चिकित्सक के लिए किया पत्राचार
आबादी व क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़े सीएचसी में महिला चिकित्सक, सर्जन व एनेस्थेटिस्ट की तैनाती नहीं है। इसके लिए पत्राचार किया गया है। जल्द ही खाली पदों पर चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी। -डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव सीएमओ
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मिहींपुरवा में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोतीपुर क्षेत्रफल व आबादी की दृष्टि से प्रदेश का सबसे बड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनुराग वर्मा ने बताया कि इस अस्पताल के अंतर्गत 36 एएनएम सेंटर आते हैं। इन सेंटरों पर गर्भवती महिलाओं का इलाज व टीकाकरण होता है। जबकि सीएचसी में बड़ा ऑपरेशन, नार्मल डिलीवरी, टेलीमेडिसिन की व्यवस्था, बाल रोग विशेषज्ञ, जनरल फिजीशियन, मुख्यमंत्री सुपोषण घर कुपोषित व अतिकुपोषित वार्ड, टीबी, मलेरिया, एचआईवी जांच की सुविधा उपलब्ध हैं।
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स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी जेके चौबे ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत 17 कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की तैनाती है। जबकि स्वास्थ्य केंद्र में आठ स्टाफ नर्स हैं। लेकिन अस्पताल में महिला चिकित्सक व सर्जन नहीं हैं। जिससे महिलाओं का इलाज पुरुष चिकित्सक को ही करना पड़ता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर रायबोझा से लेकर गिरिजापुरी तक की 70 किलोमीटर की दूरी के लोगों के इलाज का जिम्मा है। चौबे ने बताया कि 70 किलोमीटर की परिधि में चार लाख 45 हजार 445 लोगों के इलाज की जिम्मेदारी इसी केंद्र पर है। लेकिन सीएचसी में सर्जन व महिला चिकित्सक की तैनाती न होना लोगों के लिए परेशानी का सबब है।
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सीएचसी के तहत बने हैं 21 डिलिवरी प्वाइंट
मोतीपुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनुराग वर्मा ने बताया कि सीएचसी के तहत 21 डिलिवरी प्वाइंट हैं। यहां पर कर्मचारियों की तैनाती है। प्वाइंट पर पहुंचने वाली गर्भवती महिलाओं का इलाज किया जाता है। गर्भवती को कोई परेशानी नहीं होती है।
इनकी है कमी
मोतीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला चिकित्सक, सर्जन, एनेस्थेटिस्ट की तैनाती नहीं है। महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. मंतदेव निगम की ओर से महिलाओं का ऑपरेशन व नार्मल डिलिवरी कराया जाता है। साथ ही 70 किलोमीटर की दूरी में आयोजित नसबंदी शिविर में भी प्रतिभाग करना पड़ता है।
महिला चिकित्सक के लिए किया पत्राचार
आबादी व क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़े सीएचसी में महिला चिकित्सक, सर्जन व एनेस्थेटिस्ट की तैनाती नहीं है। इसके लिए पत्राचार किया गया है। जल्द ही खाली पदों पर चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी। -डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव सीएमओ