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Bahraich News: शगुन किट से जीवन की नई राह तलाशेंगे नवदंपती
Tue, 27 May 2025 02:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Tue, 27 May 2025 02:12 AM IST
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पयागपुर में नवदंपती को शगुन किट देतीं आशा।
बहराइच। शादी के बाद जिंदगी को नया आयाम देने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की ओर से नवदंपतियों को शगुन किट वितरित किए जा रहे हैं। सोमवार को पयागपुर क्षेत्र के नवदंपतियों को शगुन किट का वितरण किया गया। शगुन किट पाकर कुछ नव विवाहिताएं पहले तो झिझकीं, लेकिन बाद में जब आशा ने उन्हें इसका महत्व बताया तो सभी ने इसे स्वीकार कर लिया।
झाला तरहर की आशा कार्यकर्ता मालती पाठक बताती हैं कि जब गांव में किसी की नई शादी होती है, तो वह उन्हें बधाई देने जाती हैं और साथ में शगुन किट भी सौंपती हैं। इसी बहाने बातचीत शुरू करती हूं और समझाती हूं कि शादी के तुरंत बाद गर्भधारण से बेहतर है कि वे थोड़ा समय लें, एक-दूसरे को समझें, आर्थिक और मानसिक रूप से तैयार हों। गर्भनिरोधक साधन उन्हें यह सोचने और तय करने का मौका देते हैं।
परिवार भी आया साथ
झाला तरहर की नवविवाहिता जनक दुलारी के पति राजेश केवट कहते हैं कि शुरुआत में थोड़ी झिझक थी, लेकिन जब आशा बहन ने समझाया कि ये बातें उनकी सेहत और भविष्य से जुड़ी हैं, तो हमें अच्छा लगा। अब हम खुद स्वास्थ्य केंद्र जाकर आगे की सलाह लेने की सोच रहे हैं।
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क्या है शगुन किट?
सीएमओ डॉ. संजय शर्मा के अनुसार शगुन किट में नवविवाहितों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शीशा, कंघी, रुमाल, तौलिया, साबुन, आयरन-फोलिक एसिड की गोलियां और गर्भनिरोधक साधन शामिल हैं। साथ ही एक स्वास्थ्य पुस्तिका भी दी जाती है, जिसमें परिवार नियोजन और महिला स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी होती है। पढ़े-लिखे न होने पर आशा कार्यकर्ता यह जानकारी संवाद के जरिये समझाती हैं। डीएचईआईओ बृजेश सिंह ने बताया इस बार 16700 शगुन किट अर्बन सहित प्रत्येक ब्लॉक में भेजा गया है। इसे आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से नवविवाहितों तक पहुंचाया जा रहा है।
शगुन किट का मकसद केवल एक तोहफा देना नहीं है, बल्कि नवविवाहित जोड़े को यह समझाना है कि वे अपने परिवार की शुरुआत सोच-समझकर करें। उन्हें तय करने का अधिकार है कि कितने बच्चे चाहिए, कब चाहिए और उनके बीच कितना अंतर हो। यह मां और बच्चे की सेहत के साथ-साथ पूरे परिवार की सामाजिक-आर्थिक स्थिति पर सकारात्मक असर डालता है। -मोनिका रानी, जिलाधिकारी, बहराइच
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झाला तरहर की आशा कार्यकर्ता मालती पाठक बताती हैं कि जब गांव में किसी की नई शादी होती है, तो वह उन्हें बधाई देने जाती हैं और साथ में शगुन किट भी सौंपती हैं। इसी बहाने बातचीत शुरू करती हूं और समझाती हूं कि शादी के तुरंत बाद गर्भधारण से बेहतर है कि वे थोड़ा समय लें, एक-दूसरे को समझें, आर्थिक और मानसिक रूप से तैयार हों। गर्भनिरोधक साधन उन्हें यह सोचने और तय करने का मौका देते हैं।
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परिवार भी आया साथ
झाला तरहर की नवविवाहिता जनक दुलारी के पति राजेश केवट कहते हैं कि शुरुआत में थोड़ी झिझक थी, लेकिन जब आशा बहन ने समझाया कि ये बातें उनकी सेहत और भविष्य से जुड़ी हैं, तो हमें अच्छा लगा। अब हम खुद स्वास्थ्य केंद्र जाकर आगे की सलाह लेने की सोच रहे हैं।
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क्या है शगुन किट?
सीएमओ डॉ. संजय शर्मा के अनुसार शगुन किट में नवविवाहितों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शीशा, कंघी, रुमाल, तौलिया, साबुन, आयरन-फोलिक एसिड की गोलियां और गर्भनिरोधक साधन शामिल हैं। साथ ही एक स्वास्थ्य पुस्तिका भी दी जाती है, जिसमें परिवार नियोजन और महिला स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी होती है। पढ़े-लिखे न होने पर आशा कार्यकर्ता यह जानकारी संवाद के जरिये समझाती हैं। डीएचईआईओ बृजेश सिंह ने बताया इस बार 16700 शगुन किट अर्बन सहित प्रत्येक ब्लॉक में भेजा गया है। इसे आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से नवविवाहितों तक पहुंचाया जा रहा है।
शगुन किट का मकसद केवल एक तोहफा देना नहीं है, बल्कि नवविवाहित जोड़े को यह समझाना है कि वे अपने परिवार की शुरुआत सोच-समझकर करें। उन्हें तय करने का अधिकार है कि कितने बच्चे चाहिए, कब चाहिए और उनके बीच कितना अंतर हो। यह मां और बच्चे की सेहत के साथ-साथ पूरे परिवार की सामाजिक-आर्थिक स्थिति पर सकारात्मक असर डालता है। -मोनिका रानी, जिलाधिकारी, बहराइच