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जोशोखरोश से हुआ नए साल का इस्तकबाल
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Thu, 31 Dec 2015 09:23 PM IST
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बहराइच। जैसे ही घड़ी में रात के बारह बजे पूरा माहौल हैप्पी न्यू ईयर से गूंज गया। लोगों का उत्साह देखते ही बनता था। 12 बजे ही लोगों ने एक दूसरे को सोशल साइट्स व एसएमएस और फोन के माध्यम से नए साल की बधाई देना शुरू कर दिया।
बच्चों में इस दौरान खासा उत्साह दिखाई दिया। आज भी गुरुवार को 2016 के स्वागत के लिए बाजार सज गए हैं। सभी ने अपने-अपने अंदाज में लोगों का नए साल की बधाई देने का प्लान बनाया है।
वर्ष 2015 को रवाना करने और 2016 के स्वागत के लिए लोगों का उत्साह देखते ही बना। अपने-अपने अंदाज में किसी ने सादगी से तो किसी ने नव वर्ष में पार्टी आयोजित कर आनंद मनाया।
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तरह-तरह के ग्रीटिंग से बाजार सजे नजर आए। बच्चों के बीच म्यूजिकल ग्रीटिंग काफी लोकप्रिय रही। इसकी कीमत बाजार में डेढ़ सौ से चार सौ रुपये रही। शहर में जगह-जगह फूलों की दुकानें बुधवार की रात ही सज गई थीं।
युवाओं के बीच बुके प्रचलित रहे। इनकी कीमत दो सौ से 1450 सौ रुपये तक रही। जबकि गुलाब के फूल और गुलदस्ते 500 रुपये तक बिके। युवाओं ने रात में 12 बजते ही रेस्तरां और होटलों में तेज गानों की धुन पर थिरकते हुए 2015 को विदाई दी।
हैप्पी न्यू ईयर से गांव कस्बे और शहर गूंज उठे। तराई की सर्दी भी लोगों को नव वर्ष के आगमन का स्वागत करने में पीछे नहीं कर सकी। देर रात नव वर्ष का आगाज होते ही कई स्थानों पर आतिशबाजी भी की गई।
दो लाख के गुलदस्ते व फूल बिके
नववर्ष के स्वागत में लोगों ने एक दूसरे को खूब फूल और गुलदस्ते दिए। नगर के छोटी बाजार तिराहा, अस्पताल चौराहा, डिगिहा तिराहा, छावनी चौराहा समेत अन्य स्थानों पर फूलों के स्टॉल लगे रहे। जहां देर रात तक बिक्री जारी रही।
फूल विक्रेता धर्मवीर और राजेश के अनुसार नव साल पर नगर में करीब दो लाख रुपये ज्यादा के फूलों की बिक्री हुई। वहीं नानपारा, रिसिया, कैसरगंज आदि कस्बों में भी लोगों ने फूलों की जमकर खरीददारी की।
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बच्चों में इस दौरान खासा उत्साह दिखाई दिया। आज भी गुरुवार को 2016 के स्वागत के लिए बाजार सज गए हैं। सभी ने अपने-अपने अंदाज में लोगों का नए साल की बधाई देने का प्लान बनाया है।
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वर्ष 2015 को रवाना करने और 2016 के स्वागत के लिए लोगों का उत्साह देखते ही बना। अपने-अपने अंदाज में किसी ने सादगी से तो किसी ने नव वर्ष में पार्टी आयोजित कर आनंद मनाया।
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तरह-तरह के ग्रीटिंग से बाजार सजे नजर आए। बच्चों के बीच म्यूजिकल ग्रीटिंग काफी लोकप्रिय रही। इसकी कीमत बाजार में डेढ़ सौ से चार सौ रुपये रही। शहर में जगह-जगह फूलों की दुकानें बुधवार की रात ही सज गई थीं।
युवाओं के बीच बुके प्रचलित रहे। इनकी कीमत दो सौ से 1450 सौ रुपये तक रही। जबकि गुलाब के फूल और गुलदस्ते 500 रुपये तक बिके। युवाओं ने रात में 12 बजते ही रेस्तरां और होटलों में तेज गानों की धुन पर थिरकते हुए 2015 को विदाई दी।
हैप्पी न्यू ईयर से गांव कस्बे और शहर गूंज उठे। तराई की सर्दी भी लोगों को नव वर्ष के आगमन का स्वागत करने में पीछे नहीं कर सकी। देर रात नव वर्ष का आगाज होते ही कई स्थानों पर आतिशबाजी भी की गई।
दो लाख के गुलदस्ते व फूल बिके
नववर्ष के स्वागत में लोगों ने एक दूसरे को खूब फूल और गुलदस्ते दिए। नगर के छोटी बाजार तिराहा, अस्पताल चौराहा, डिगिहा तिराहा, छावनी चौराहा समेत अन्य स्थानों पर फूलों के स्टॉल लगे रहे। जहां देर रात तक बिक्री जारी रही।
फूल विक्रेता धर्मवीर और राजेश के अनुसार नव साल पर नगर में करीब दो लाख रुपये ज्यादा के फूलों की बिक्री हुई। वहीं नानपारा, रिसिया, कैसरगंज आदि कस्बों में भी लोगों ने फूलों की जमकर खरीददारी की।